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#Kashmir: राजौरी, पूंछ के बाद गुलबर्ग में घुसपैठ की ना’पाक’ कोशिश, सेना सतर्क

जम्मू-कश्मीर के स्थानीय युवा हाल के दिनों में आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुए: डीजीपी

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Shrinagar: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट लगातार सामने आ रही है. एक ओर जहां पड़ोसी देश वैश्विक मंच पर समर्थन जुटाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. वहीं सीमा पार से घुसपैठ की नापाक कोशिशें भी जारी है.

बुधवार को कश्मीर के डीजीपी ने घुसपैठ पर बात करते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क से घुसपैठ की कोशिशें जारी है.

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 गुलबर्ग से पकड़ाये दो पाकिस्तान आतंकी

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा, ‘घुसपैठ की कुछ खबरें हैं और हमने हाल ही में देखा कि गुलमर्ग सेक्टर में सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को पकड़ा है.’

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उन्होंने कहा, ‘घुसपैठ की कई खबरें आई हैं. आतंकवादियों ने राजौरी, पुंछ, गुरेज़, करनाह सहित कुछ क्षेत्रों में घुसपैठ की कोशिश की. गुलमर्ग सेक्टर में, हाल ही में दो आतंकवादी पकड़े गए, जिन्हें मीडिया के सामने पेश किया गया था. अब, हम यह सत्यापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कोई घुसपैठ हुई है.’

डीजीपी ने ये भी कहा कि ‘पाकिस्तानी एजेंसियां आतंकवादियों को कश्मीर में घुसपैठ कराने के लिए बहुत बेताब हैं, लेकिन हम उन्हें जवाब देने और उनके प्रयासों को विफल करने के लिए बेहद सक्रिय हैं.’

हाल के दिनों में कश्मीर युवा आतंकी संगठन में नहीं हुए शामिल 

डीजीपी ने बुधवार को कहा कि हाल के दिनों में राज्य में जहां जनजीवन सामान्य हो रहा है, वहां स्थानीय युवाओं के आतंकवादी समूहों में शामिल होने कोई सूचना नहीं है.

डीजीपी ने यह भी कहा कि दक्षिण कश्मीर में फल कारोबारियों को आतंकवादियों की धमकी मिलने की कुछ घटनाएं सामने आयी हैं, लेकिन पुलिस स्थिति को लेकर सजग है और ‘‘हमारा काम प्रक्रिया को सुविधाजनक बना यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी उन्हें परेशान न कर पाए’’.

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सिंह ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘‘आतंकवादी समूहों में किसी भी नई स्थानीय भर्ती की कोई खबर नहीं मिली है. कुछ युवाओं को गुमराह (पहले कभी) किया गया था और गुस्से में वे भटक गए थे और हम उनमें से कई को वापस लाने में सफल रहे.’’

कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात

घाटी की मौजूदा स्थिति पर, पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘जनजीवन सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और लोग अपना कामकाज कर रहे हैं. स्कूल और कार्यालय खुलने लगे हैं.’’

हालांकि, सिंह ने कहा कि दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा फल कारोबारियों को धमकाने की कुछ घटनाएं सामने आयी हैं. आतंकवादी उन्हें फल नहीं लेने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन लोग फिर भी अपना काम कर रहे हैं.

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डीजीपी ने कहा, ‘‘हमारा काम प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी लोगों को परेशान न कर पाए… हम लोगों को यह नहीं बताते हैं कि उन्हें क्या करना है या क्या नहीं करना है.’’

उन्होंने कहा कि बुधवार को भी दक्षिण कश्मीर के एक जिले से घाटी के बाहर के बाजारों में 230 से अधिक ट्रक फल भेजे गए.

घाटी में पथराव की घटनाओं पर डीजीपी ने कहा कि ज्यादातर जगहों पर बहुत मामूली घटनाएं हुई हैं.

घाटी में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने संबंधी सवाल पर डीजीपी ने कहा, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में हमारे लोग बहुत सहयोग कर रहे हैं. और जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बहुत अच्छी रही है. हम प्रतिबंधों में अधिक छूट देने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि लोगों का रुख बहुत सहयोगी रहा है.

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