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धनबाद में कीर्ति आजाद का विरोध, कीर्ति ने कहा : जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां

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Dhanbad :  कांग्रेस प्रत्‍याशी कीर्ति आजाद का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. बोकारो से धनबाद आने के क्रम में कीर्ति आजाद को काले झंडे दिखाये गये.

धनबाद पहुंचने के बाद आजाद प्रेस को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान भी कांग्रेस संगठन से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “कीर्ति वापस जाओ, कीर्ति भागों धनाबद से, धनबाद के नेताओं को टिकट दो आदि नारे लगाये गये.

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बाहर कार्यकर्ता कर रहे थे हंगामा

प्रेस वर्ता के दौरान होटल के बाहर कार्यकर्ता बवाल काट रहे थे. जिला के संगठन मंत्री गोपाल धारी, अनूप साव, जितेश धर दुबे, आरटीआई अध्यक्ष मदन मोदी, जिला सचिव मनोज पांडेय, करण दुबे, प्रकाश कुमार अपने समर्थकों के साथ बवाल काट रहे थे.

उन्हें शांत करने की सारी कोशिशें बेकार गयी. कथित रूप से ददई दुबे के कट्टर समर्थक बताये जाते हैं. सूत्रों के माने तो ददई दुबे के समर्थकों ने ही कीर्ति आजाद को बोकारो से धनबाद आने दौरान रास्ते में काले झंडे दिखाये.

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गढ़ी जा रही है राष्ट्रवाद की फर्जी परिभाषा 

कीर्ति आजाद ने पत्रकारों से कहा कि, देश में जुमलों की बौछार हो रही है. प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियां, विदेशों में जमा आठ लाख करोड़ काला धन, देश के हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये, आने वाले अच्छे दिन कहां हवा हो गयी.

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, क्या यही अच्छे दिन हैं? उन्होंने कहा वाकई अच्छे और सच्चे दिनों की शुरुआत कांग्रेस और महागठबंधन के सरकार में आने के साथ होगी. उन्होंने कहा मोदी एंड कंपनी द्वारा राष्ट्रवाद की फर्जी परिभाषा गढ़ी जा रही है. आजाद ने कहा कि जिन अंग्रेजों ने भारत में डेढ़ सौ साल शासन किया, हमने उन्हीं की धरती में उन्हें 1983 के क्रिकेट विश्व कप में धूल चटाया, ये था राष्ट्रवाद.

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