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कोडरमा लोकसभा : आरजेडी से बीजेपी में आयींं अन्नपूर्णा का होगा बेड़ा पार या बाबूलाल बनेंगे चौथी बार सांसद

कांग्रेस और जेएमएम का समर्थन है बाबूलाल मरांडी को, राजनीतिक कैरियर दांव पर

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  • छह में से पांच विधायक हैं बीजेपी के, मिल सकता है अन्नपूर्णा देवी को लाभ
  • कोडरमा विधानसभा से 4 बार अन्नपूर्णा देवी रह चुकी हैं विधायक

Nitesh Ojha
Ranchi : आरजेडी से बीजेपी में शामिल हुईं अन्नपूर्णा देवी को प्रत्याशी बनाये जाने के बाद कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में लड़ाई काफी दिलचस्प हो गयी है. एक ओर कोडरमा लोकसभा सीट से जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी मैदान में हैं. वहीं दूसरी ओर आरजेडी छोड़ बीजेपी में शामिल हुईंं अन्नपूर्णा देवी हैं.

अन्नपूर्णा को को हराकर बाबूलाल मरांडी इस सीट से चौथी बार सांसद बनने को प्रयासरत है. दूसरी तरफ अपने पूर्व के जनाधार और कोडरमा संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के वर्तमान 5 विधायकों के बल पर अन्नपूर्णा देवी अपनी जीत सुनिश्चित करने में लगी हैं.

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वहीं इन दोनों प्रत्याशियों के बीच धनवार विधानसभा के भाकपा-माले विधायक राजकुमार यादव भी अपनी जीत पक्की करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. ऐसे में कोडरमा लोकसभा चुनाव में यह सवाल खड़ा होता है कि अन्नपूर्णा देवी का क्या बेड़ापार हो पाएगा या पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी इस सीट से चौथी बार सांसद बनने में सफल हो पायेंगे.

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2014 में रविंद्र राय की थी मजबूत स्थिति

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर का असर कोडरमा संसदीय क्षेत्र में देखा गया था. बीजेपी सांसद रवींद्र कुमार राय को 365,410 वोट मिले थे. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजकुमार यादव (भाकपा-माले-266,756 वोट मिले थे) को 98,654 वोट से पराजित किया था.

वहीं झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार प्रणव कुमार वर्मा और कांग्रेस के तिलकधारी प्रसाद सिंह को क्रमशः 1,60,638 और 60,330 वोट मिले थे. वोट प्रतिशत के हिसाब से देखें तो बीजेपी को 35.65 प्रतिशत, भाकपा माले को 26.03 प्रतिशत, झाविमो को 15.67 प्रतिशत और कांग्रेस को कुल 5.89 प्रतिशत वोट मिले थे.

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कोडरमा विस में अन्नपूर्णा देवी का रहा है दबदबा

बीजेपी और अन्य दलों के खिलाफ झंडा बुलंद कर लगातार आरजेडी का परचम लहराने वाली आरजेडी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी प्रदेश की राजनीति में गहरी दखल रखती हैं. अन्नपूर्णा देवी हाल ही में बीजेपी में शामिल हुईं हैं.

लालू की करीबी रही अन्नपूर्णा ने जिस तरह से बीजेपी का दामन थामा, उससे यह तो तय था कि वह कोडरमा सीट से चुनाव लड़ेंगी, जो कि उनके प्रत्याशी बनाये जाने के बाद पुख्ता हो गया है. बात अगर अन्नपूर्णा देवी के राजनीतिक सफर की करें, तो उन्होंने वर्ष 1998 में एकीकृत बिहार के मंत्री रहे पति रमेश प्रसाद यादव की मौत के बाद राजनीति में प्रवेश किया था.

कोडरमा सीट में 1998 में हुए उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी रमेश सिंह को हराकर पहली बार विधायक बनी थीं. इसके बाद वर्ष 2000 में विधानसभा का आम चुनाव, 2005 व 2009 का विधानसभा चुनाव कोडरमा से ही बीजेपी व अन्य दलों के उम्मीदवारों को हराकर जीती थीं. हालांकि उन्हें राजनीति में पहला झटका 2014 में लगा, जब उन्हें बीजेपी प्रत्याशी डॉ नीरा यादव से विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिली थी.

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कोडरमा सीट से 3 बार सांसद रह चुके हैं बाबूलाल

कोडरमा सीट से जेवीएम प्रत्याशी बाबूलाल की बात करें, तो इस सीट से वे तीन बार सांसद रहे हैं. 2004 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर (3,66,656 वोट) जेएमएम के चंपा वर्मा को (2,11,712 वोट) को हराया था. वहीं 2006 के उपचुनाव में बाबूलाल कोडरमा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़े थे.

इस दौरान उन्हें 3,25,871 वोट मिले थे. उन्होंने कांग्रेस के मनोज कुमार यादव को (1,31,731 वोट) शिकस्त दी थी. वहीं 2009 के चुनाव में अपनी पार्टी जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़कर बाबूलाल ने माले के राजकुमार यादव को हराया था.

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2019 में मरांडी का राजनीतिक कैरियर है दांव पर

2014 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव का आकलन करें, तो उस दौरान बाबूलाल और उनकी पार्टी जेवीएम दोनों की स्थिति काफी खराब थी. लोकसभा चुनाव में जहां जेवीएम प्रत्याशी प्रणव कुमार वर्मा को महज 1,60,638 वोट मिले थे.

प्रणव कुमार तीसरे स्थान पर थे. वहीं 2014 के विधानसभा चुनाव में बाबूलाल को धनवार सीट से हार का सामना करना पड़ा था. भाकपा-माले विधायक राजकुमार यादव ने उन्हें करीब 10,712 वोट से पराजित किया था. ऐसे में 2019 में बाबूलाल मरांडी का राजनीतिक कैरियर पूरी तरह से दांव पर लगा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पहले की तुलना में इस बार उन्हें कांग्रेस और जेएमएम का भी समर्थन हासिल है.

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6 में से 5 विधायक हैं बीजेपी के

कोडरमा संसदीय सीट के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा क्षेत्र (कोडरमा, जमुआ, बरकट्टा, गांडेय, धनवार और बगोदर) शामिल है. इसमें कोडरमा से सूबे की मंत्री नीरा यादव, जमुआ से विधायक केदार हाजरा, बरकट्टा से जानकी यादव, बगोदर से नागेंद्र महतो, गांडेय से जयप्रकाश वर्मा बीजेपी से विधायक हैं.

वहीं धनवार से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट लिबरेशन) से राज कुमार यादव विधायक हैं. बीजेपी के इन पांचों विधायकों की अपने-अपने क्षेत्र में काफी पकड़ है. जिसका फायदा अन्नपूर्णा देवी को मिल सकता है.

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