न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#Coal_india_limited :  #FDI  के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल को श्रमिक संगठनों ने बताया सफल

तृणमूल 27 को कोल इंडिया का करेगी घेराव

1,490

Asansol :  कोयला खनन क्षेत्र में सौ फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI  के खिलाफ पांचो केंद्रीय श्रम संगठनों ने एक दिवसीय हड़ताल की. इसका मिलाजुला असर दिखायी पड़ा. भारतीय मजदूर संघ ने पांच दिवसीय हड़ताल शुरू की है. मंगलवार की एक दिनी हड़ताल में पांचों केंद्रीय श्रम संगठनों ने हड़ताल को सौ प्रतिशत सफल बताया.

जबकि इसीएल प्रबंधन ने हड़ताल को विफल कहा. जानकारी अनुसार कोयला उद्योग में विदेशी पूंजी निवेश किए जाने को लेकर चार केंद्रीय श्रम संगठनों इंटक, एचएमएस, सीटू एवं एटक ने कोयला उद्योग में एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी.

JMM

इसे भी पढ़ेंः देखें वीडियो- पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बरसायी लाठियां, थप्पड़ मारे

एचएमएस नेता शिवकांत पांडेय ने हड़ताल को सफल बताया. कहा कि इसीएल प्रबंधन बढाकर मजदूरों की  हाजरी बता रही है. कहा कि इसीएल के राजमहल, सोनपुर बाजारी, झांझरा, बन्कोला, मूग्मा एरिया में शत-प्रतिशत बंद रहा. वहीं पूरे कोल इंडिया को ले लिया जाए तो पूरे कोल इंडिया में नब्बे प्रतिशत हड़ताल सफल रहा है.

भारतीय मजदूर संघ के डॉक्टर वसंत कुमार राय का कहना है कि एक दिवसीय हड़ताल से सरकार को कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है. सरकार समझ गयी है कि श्रम संगठनों में ही आपसी फुट है. उन्होनें कहा की जब भारतीय मजदूर संघ ने हड़ताल किया तो कुछ श्रम संगठनों ने दुष्प्रचार किया.

इसे भी पढ़ेंः लोगों ने कहाः क्लर्क की नियुक्ति परीक्षा की फीस एक हजार रुपये होना, बेरोजगार नौजवानों का मजाक उड़ाने जैसा

Related Posts

राज्य में जब तक ममता की सरकार है, तब तक एक भी व्यक्ति को यहां से बाहर नहीं किया जा सकता

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का कोई विकल्प नहीं है : चंद्रिमा भट्टाचार्य

तृणमूल 27 को कोल इंडिया मुख्यालय का करेगी घेराव

Raniganj  : कोल इंडिया में शत प्रतिशत विदेशी निवेश के प्रतिवाद में केंद्रीय श्रम संगठनों की हड़ताल का मिलाजुला असर ईसीएल के कई क्षेत्रों में देखा गया. श्रीपुर एरिया में अंतर्गत विभिन्न कोलियरियों में बंद का असर काफी कम दिखा. कुनुस्टोरिया एरिया बांसड़ा कोलियरी में सौ प्रतिशत बन्द रहा. वहीं कुनुस्टोरिया कोलियरी में भी बंद की स्थिति 80%  रही.

हालांकि स्थानीय केकेएससी के नेता ओकेश अहमद तथा अंजन सरकार के नेतृत्व में जोर जबरदस्ती उत्पादन चालू किया गया. परंतु मात्र दो ट्रॉली ही उत्पादन हो पाया. वहीं बेलबाद में 20%  उपस्थिति रही. जबकि अमृत नगर कोलियरी में खुली रही. सातग्राम एरिया में जेके नगर कोलियरी में बंद का असर देखा गया. चपुई में 90% बंद की स्थिति बंद रही. वही नीम डांगा प्रोजेक्ट में 70% व सातग्राम इंकलाईन में बंद का पूर्णता असर देखा गया. हड़ताल को लेकर सीटू नेता देवीदास बनर्जी तथा किशोर घटक अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहे.

इसे भी पढ़ेंः #Coal_india_limited :  संयुक्त मोर्चा की हड़ताल से कोल इंडिया को साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

दूसरी ओर इस बंद को नकारते हुए कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस के  महासचिव हरेराम सिंह ने कहा की केकेएससी एफडीआई का विरोध करती है, पर वर्ष 2011 में जब से माटी मानुष की सरकार आई है, तब से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी भी प्रकार का बंद का समर्थन नहीं करती हैं. आगामी 27 तारीख को कोल इंडिया मुख्यालय का घेराव किया जायेगा.

इसे भी पढ़ेंः alexa.com रैंकिंग में देश में 18वें रैंक पर पहुंचा newswing.com

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like