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सांकतोड़िया : #FDI के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल को लेकर आयोजित बैठक में  श्रमिक संघ शामिल नहीं हुए

एफडीआइ के खिलाफ प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल को लेकर श्रमिक संघ दो गुटों में बंट गये हैं.

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Kolkata  : कोयला उद्योग में एफडीआइ के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल को टालने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कोई भी श्रमिक संघ शामिल नहीं हुआ. सीआइएल एवं कोयला मंत्रालय अब नये सिरे से वार्ता की पहल पर जुट गये हैं.  श्रमिक नेताओं के बयान से कर्मियों के मध्य भ्रम की स्थिति निर्मित होते जा रही है.  श्रम संघों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है.  एफडीआइ के खिलाफ प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल को लेकर श्रमिक संघ दो गुटों में बंट गये हैं.

बीएमएस 23 से 27 तक पांच दिवसीय हड़ताल कर रहा है तो दूसरी तरफ एटक, सीटू, एचएमएस व इंटक ने 24 को एक दिवसीय हड़ताल की चेतावनी दी है. इस हड़ताल को टालने के लिय कोयला मंत्रालय, सेंट्रल लेबर कमिश्नर व सीआइएल जुट गये हैं. गुरुवार को केंद्रीय कोयला मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी थी, जिसमें सभी पांच यूनियनों को वार्ता के लिए बुलाया गया था.

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मजदूरों में भ्रम की स्थिति बनती जा रही है

पहले इस बैठक में शामिल होने की घोषणा वरिष्ठ नेताओं समेत श्रमिक नेताओं ने की, पर बाद में एकाएक बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा कर दी. केंद्रीय नेताओं के इस तरह बयान बदलने से मजदूरों में भ्रम की स्थिति बनती जा रही है. कर्मियों का कहना है कि श्रमिक नेताओं का विरोधाभासी बयान समझ से परे हो गया है. अलग-अलग हड़ताल होने से पहले ही संशय की स्थिति है. दुर्गापूजा का वक्त आ रहा है और हड़ताल की वजह से कहीं कर्मियों का बोनस न लटक जाये.

इधर स्थानीय स्तर पर श्रमिक संघों के प्रतिनिधि हड़ताल की रूपरेखा बनाने जुट गये हैं. इधर इसीएल में चारों केंद्रीय श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमे क्षेत्रीय स्तर पर कोयला मजदूर कांग्रेस, वेस्ट बंगाल खान मजदूर संघ (यूटीयूसी) टीयूसीसी ने भी अपना नैतिक समर्थन दिया है. एचएमएस नेता शिवकांत पांडेय ने कहा कि ईसीएल समेत कोल मंत्रालय की नजर मेगा प्रोजेक्ट राजमहल व सोनपुर बाजारी पर रहेगी. इस क्षेत्र के श्रमिक नेताओं की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गयी है, इसलिए हड़ताल को शत प्रतिशत सफल बनाना बेहद जरूरी हो गया है.

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पांच दिवसीय हड़ताल का नोटिस केंद्र सरकार को दिया है

दूसरी तरफ भारतीय मजदूर संघ ने एफडीआई को लेकर अपने बलबूतर कोयला उद्योग में पांच दिवसीय हड़ताल का नोटिस केंद्र सरकार को दिया है. बीएमएस23 से 27 सितम्बर तक हड़ताल करने की तैयारी में जुटा हुआ है. खान श्रमिक कांग्रेस बीएमएस के महामंत्री धनंजय पांडेय ने कहा कि श्रमिक व उद्योग जगत पर संकट का बादल मंडरा रहे हैं.

अर्थव्यवस्था मंदी से गुजर रही है. कोयला उद्योग में अधिकांश स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों को निजी हाथों में देकर ठेका पद्धति से काम कराया जा रहा है. अब केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने की तैयारी शुरू कर दी है. पांच दिवसीय हड़ताल करने से ही केंद्र सरकार व सीआइएल की नींद टूटेगी, जब पावर प्लांट में कोयला नहीं पहुंचेगा.

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