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सरकारी वकील की कमी से जूझ रहा धनबाद सिविल कोर्ट, 23 की जगह सिर्फ तीन अधिवक्ता के जिम्मे सारा काम

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Dhanbad: जिले का सिविल कोर्ट लंबे समय से सरकारी वकील की कमी से जूझ रहा है. सरकारी वकील की कमी होने से हालात ये है कि वर्तमान में जो भी सरकारी वकील धनबाद सिविल कोर्ट में कार्यरत हैं,वो काम के बोझ के तले दबे हुए हैं.

बता दें कि धनबाद सिविल कोर्ट में सरकारी वकील (सहायक अभियोजना पदाधिकारी) के कुल 23 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में यहां सिर्फ तीन ही सरकारी वकील कार्यरत हैं.

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झारखंड में सबसे अधिक अदालत धनबाद में

पूरे झारखंड में सबसे अधिक अदालत धनबाद में है. सरकार का पक्ष रखते हुए अपराधियों को सजा दिलाने का काम अभियोजन पदाधिकारी करते हैं. वर्तमान झारखंड सिविल कोर्ट में सिर्फ दस अभियोजन पदाधिकारी हैं. इसके अलावा एक लोक अभियोजक व छह अपर लोक अभियोजक है.

मिली जानकारी के अनुसार, धनबाद सिविल कोर्ट में अप्रैल 2019 तक धनबाद सिविल कोर्ट में 30294 अपराधिक मुकदमे लंबित है.

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सिविल कोर्ट में है 38 न्यायालय

धनबाद सिविल कोर्ट में 38 न्यायालय है. इन 38 न्यायालयों में सरकारी वकील कामकाज देखते हैं. धनबाद सिविल कोर्ट 10 सत्र न्यायाधीश, दो फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश, एक मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, एक अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी और बाकी सिविल जज हैं. सरकारी वकीलों को सीसीए के मुकदमे में डीसी के समक्ष भी पक्ष रख़ना पड़ता है.

रिक्त पदों को भरने के लिए नहीं उठाए जा रहे ठोस कदम

मिली जानकारी के अनुसार, धनबाद सिविल कोर्ट में में अभियोजना पदाधिकारियों की संख्या भी बहुत कम और सहायक लोक अभियोजक के 23 पद स्वीकृत है.

जिनमें केवल तीन सहायक लोक अभियोजक कार्यरत हैं. इसको लेकर उपायुक्त और अभियोजन निदेशक से इस मामले पर तीन बार पत्राचार किया गया है. लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला लड़की कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

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