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बोकारो थर्मल पावर प्लांट को 31 वें दिन किया गया लाईटअप, हुआ 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन  

रविवार शाम में यूनिट से 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था.पावर प्लांट को चालू किये जाने के बाद उसका ऐश युक्त पानी नूरी नगर स्थित दो नबर ऐश पौंड में गिराया जा रहा है.

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Bermo :  बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट को 31 दिनों बाद शनिवार की रात्रि लगभग 12 बजे बिजली उत्पादन के लिए लाईटअप किया गया.लाईटअप करने के पूर्व प्लांट के ब्वॉयलर की पूजा अर्चना की गयी तथा प्रसाद का भी वितरण किया गया था. पावर प्लांट की यूनिट को रात्रि में लाईटअप किये जाने के बाद लगभग 13 घंटे बाद रविवार को सवा एक बजे यूनिट सिंक्रोनाईज होने के बाद उससे उत्पादन आरंभ हुआ.

रविवार शाम में यूनिट से 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था.पावर प्लांट को चालू किये जाने के बाद उसका ऐश युक्त पानी नूरी नगर स्थित दो नबर ऐश पौंड में गिराया जा रहा है. डीवीसी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दो नंबर पौंड में लगभग एक माह तक ऐश युक्त पानी को जमा किया जा सकता है.सूत्रों का कहना है कि ऐश पौंड स्थित रिकवरी सिस्टम के चालू नहीं हो पाने के कारण वर्तमान में पावर प्लांट को कोनार नदी से ही पानी लेकर चलाया जाएगा.

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पौंड के पानी का उपयोग प्लांट को चलाने में किया जाएगा

रिकवरी सिस्टम के चालू हो जाने के बाद पौंड के पानी का उपयोग प्लांट को चलाने में किया जाएगा.वर्तमान में एक और दो नंबर स्टेलिंग पौंड,रिकवरी वाटर सम्प हाऊस सिस्टम को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है.इंजीनियरों की देखरेख में लगातार मरम्मत का काम करवाया जा रहा है.

एक नंबर ऐश पौंड के पिछले 12 सितंबर को टूटने के बाद से 31 दिनों से स्थानीय 500 मेगावाट के ए तथा 210 मेगावाट के बी प्लांट के तीन ंनबर यूनिट से बिजली उत्पादन का काम ठप था,जिसके कारण डीवीसी को काफी आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा.

दोषी इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई-डीवीसी मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना था कि पौंड टूटने के मामले की जांच कर रही कोलकाता एवं मैथन की जांच कमेटी टीम के द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद मामले में दोषी पाये जाने वाले डीवीसी के इंजीनियरों पर कार्रवाई भी की जाएगी.

आधा दर्जन से भी ज्यादा इंजीनियरों को निलंबित किया गया था…

एआईयूएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम,भाकपा के स्थानीय सचिव ब्रजकिशोर सिंह का कहना था कि बोकारो थर्मल ऐश पौंड टूट मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की जानेवाली कार्रवाई मैथन,रघुनाथपुर एवं चंद्रपुरा में डीवीसी मुख्यालय के द्वारा की गयी कार्रवाई की तरह ना हो जाये.उक्त तीनों ही प्रोजेक्टों में कोलकाता के द्वारा कार्रवाई के नाम पर लगभग आधा दर्जन से भी ज्यादा इंजीनियरों को निलंबित किया गया परंतु बाद में सभी को निलंबन से मुक्त कर मनचाहे प्रोजेक्टों में तबादला कर दिया गया.

डीवीसी का उत्पादन 3230 मेगावाट-रविवार को बोकारो थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन आरंभ होने के बाद आठ प्रोजेक्टों से 3230 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था.स्थानीय पावर प्लांट से 350 मेगावाट,चंद्रपुरा से 242,डीएसटीपीएस अंडाल से 443,कोडरमा 751,मीजिया 1025,रघुनाथपुर 365,मैथन 62 तथा पंचेत से 32 मेगावाट बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया.

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