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लोकसभा चुनाव 2019 : कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

झारखंड की 14 सीटों पर चार चरणों में होंगे मतदान

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Ranchi : लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर अब चुनावी सरगरमी तेज होने लगी है. झारखंड की 14 सीटों में से चतरा, लोहरदगा और पलामू के लिए 29 अप्रैल को मत डाले जायेंगे. झारखंड में चौथे चरण से लेकर सातवें चरण तक वोट पड़ेंगे.

भाजपा, आजसू पार्टी, राजद, झाविमो, भाकपा और आप पार्टी को छोड़ अन्य दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है. इस बार के चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है. भाजपा के सीटिंग सांसद भी इस महासमर में अपना भाग्य आजमाने में हैं.

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चुनावी रेस में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं कई मंत्री

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, सुदर्शन भगत और पलामू से सीटिंग सांसद बीडी राम, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह चाईबासा सांसद लक्ष्मण गिलुआ, निशिकांत दुबे, पीएन सिंह और विद्युत वरण महतो जहां चुनावी रेस में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. वहीं इन्हें अपनी सीट बचाने के साथ-साथ भाजपा की सीटों को भी बरकरार रखने की चुनौती है.

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चुनावी गणित हुआ और भी महत्वपूर्ण

पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा को पार्टी आलाकमान ने खूंटी से उतारा है. खूंटी से निर्वतमान सांसद कड़िया मुंडा को इस बार टिकट नहीं दिया गया है. इससे चुनावी गणित और महत्वपूर्ण हो गया है. यहां पर मुंडा जाति के मतदाता, हो और सदानों के वोट से ही प्रत्याशियों की हार-जीत तय होती है.

वहीं महागंठबंधन में शामिल दलों में दिग्गज आदिवासी नेता सह सांसद शिबू सोरेन, झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, झाविमो विधायक प्रदीप यादव, कांग्रेस के कद्दावर नेता सह पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय का नाम प्रमुख है. भाकपा के भुवनेश्वर मेहता भी चुनाव में हजारीबाग से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.

झारखंड में राजद की स्थिति हुई कमजोर

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राष्ट्रीय जनता दल की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी और पूर्व अध्यक्ष गिरिनाथ सिंह के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की स्थिति झारखंड में कमजोर हुई है. पार्टी के कई कार्यकर्ताओं का दूसरे दलों में आना-जाना अभी भी लगा हुआ है. पर नये अध्यक्ष गौतम सागर राणा चुनाव में दल-बदल के बावजूद अपनी पार्टी के उम्मीदवारों पर भरोसा जता रहे हैं. पार्टी के कद्दावर नेता लालू प्रसाद के कारावास में होने से भी स्टार प्रचारकों में उनकी कमी इस बार चुनाव के चुनाव में खलना तय है. पार्टी की तरफ से तेजस्वी यादव और अन्य बड़े नेता ही चुनावी समर में भाजपा को टक्कर देंगे.

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दिशोम गुरु को पराजित करना होगा चमत्कार जैसा

झामुमो प्रमुख और दिशोम गुरु सोरेन चार बार से लगातार दुमका से सांसद रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें पराजित करना एक चमत्कार ही हो सकता है. 2014 के मोदी लहर में भी सोरेन ने भाजपा के सुनील सोरेन को पराजित किया था. इस बार भी भाजपा ने सुनील सोरेन को टिकट दिया है. वहीं राजमहल सीट भी झामुमो के खाते में गयी थी. भाजपा ने राजमहल सीट से झामुमो के विजय हांसदा को पराजित करने के लिए हेमलाल मुर्मू को दोबारा उम्मीदवार बनाया है. यह दोनों सीट महागंठबंधन को बचाने के अलावा दोबारा जीत दर्ज करने की अहम चुनौती में शामिल है.

सिर्फ भाजपा और राजद ने ही अब तक दिया उम्मीदवार

चौथे चरण के चुनाव को लेकर अब तक भाजपा और राजद ने ही उम्मीदवारों की घोषणा की है. पलामू सीट पर राजद की तरफ से घूरन राम को प्रत्याशी बनाया गया है. राजद ने सुभाष यादव को चतरा सीट से उतारा है. अन्य दलों की तरफ से चतरा को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गयी है.

कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किए जाने से संशय की स्थिति बनी हुई है. एक अप्रैल को चौथे चरण की अधिसूचना जारी हो जायेगी. ऐसे में कांग्रेस और अन्य दलों से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किए जाने से भी राजनीतिक विश्लेषक चिंतित हैं. हालांकि दलों के संभावित उम्मीदवारों ने भीतर-भीतर अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है.

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