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मेहरबानीः मां अंबे कंपनी ने जब्त कोयला को रैक लोडिंग कर बाहर भेजा, चुप रहे पूर्व हजारीबाग डीसी व माइनिंग अफसर

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Ranchi: कोयला ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी कंपनी मां अंबे माइनिंग कंपनी पर अभी चतरा जिला प्रशासन मेहरबान है. तभी तो बिना जरुरी मंजूरी लिये वह टंडवा के शिवपुर रेलवे साइडिंग पर कोयला भंडारण व ट्रांसपोर्टिंग कर रही है.

और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है. सीसीएल और रेलवे भी चुप है और ग्रामीण प्रदूषण से परेशान हैं. प्रशासनिक मेहरबानी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले हजारीबाग के पूर्व डीसी के कार्यकाल में भी इस कंपनी पर मेहरबानी की गयी.

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उपलब्ध दस्तावेज से प्रमाणित होता है कि इस कंपनी ने प्रशासन द्वारा जब्त कोयला को रैक पर लोड करके राज्य से बाहर भेज दिया.
न्यूज विंग ने इससे संबंधित खबर भी प्रकाशित की. लेकिन हजारीबाग के तत्कालीन डीसी रविशंकर शुक्ला और माइनिंग अफसर नितेश गुप्ता ने कार्रवाई नहीं की.

हालांकि हजारीबाग के पूर्व डीसी रविशंकर शुक्ला की छवि साफ-सुथरी है. लेकिन इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं करने से लोगों के बीच दूसरे तरह की चर्चा होनी लाजिमी है.

जानकारी के मुताबिक, 30 जनवरी 2019 को हजारीबाग के सदर एसडीओ ने कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर छापेमारी की थी, छापेमारी के दौरान एसडीओ ने कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर भंडारण कर रखे गये करीब एक लाख टन कोयला, कोयला लदा 4 हाइवा, 3 पेलोडर जब्त किया था.

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जब्त कोयला में आधा से अधिक कोयला मां अंबे कंपनी का था. यही कंपनी एनडीपीसी के लिये भी कोयले की ट्रांसपोर्टिंग करती है. शेष कोयला रुद्रा कंस्ट्रक्शन, मानस हंस और कुमार इंटरप्राइजेज कंपनी का था.

एसडीओ की छापामारी व कोयले की जब्ती को लेकर हजारीबाग डीसी की अदालत में एक मुकदमा (वाद संख्या-10/2019) दर्ज किया गया.

इस मामले में 9 फरवरी को तत्कालीन डीसी रवि शंकर शुक्ला ने सुनवाई की. जिसमें उन्होंने यह आदेश दिया कि कोयला भंडारण और रैक में कोयला लोडिंग का काम तभी शुरू किया जाये, जब सभी कंपनियों द्वारा प्रावधानों को पूरा कर लिया जाये.

उन्होंने ने आदेशों के अनुपालन के लिये एक कमेटी का भी गठन किया. डीसी ने कोयला के भंडारण या लोडिंग का कोई आदेश किसी कंपनी को नहीं दिया. ना ही हजारीबाग के माइनिंग अफसर नितेश गुप्ता ने इस तरह का कोई आदेश दिया.

इन सबके बावजूद मां अंबे कंपनी ने कटकसांडी कोल साइडिंग पर पड़े जब्त कोयला को रैक लोडिंग करके एनटीपीसी कंपनी को भेज दिया. एक अन्य कंपनी ने भी यही काम किया. अप्रैल माह की पांच तारीख को वहां से 11 रैक कोयला लोडिंग किया गया.

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यह खबर न्यूज विंग ने मई माह में तीन किस्तों में दस्तावेज व प्रमाण के साथ प्रकाशित भी की. तरीके से इस मामले में ऐसा करने वाली कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिये था. लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और चुप्पी साध ली.

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