न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

महाराष्ट्र: सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने बुलाई अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक

594

Mumbai: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने नव निर्वाचित विधायकों की बैठक बुलायी है. यह बैठक ऐसे समय बुलायी गयी है जब इन विधायकों को जयपुर ले जाने की अटकलें लगायी जा रही हैं.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे. उन्होंने बताया कि सभी 44 कांग्रेस विधायक बैठक में भाग लेंगे जिसमें महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी.

JMM

इसे भी पढ़ें- रेटिंग एजेंसी मूडीज ने घटायी भारत की रेटिंग, कम आर्थिक वृद्धि का हवाला देकर आउटलुक किया नेगेटिव

दलबदल की आशंका के कारण सावधानी बरत रही कांग्रेस

राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह बाद भी नयी सरकार बनने का कोई संकेत नहीं है. सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों के दलबदल की आशंका के कारण सावधानी बरत रही है.

अटकलें लगायी जा रही हैं कि कांग्रेस विधायकों को जयपुर ले जाया जा सकता है. सूत्रों ने इस तरह के किसी भी कदम की पुष्टि नहीं की. शिवसेना के विधायकों को गुरुवार को सरकार गठन को लेकर जारी उठापटक के बीच बांद्रा के रंगशारदा होटल में स्थानांतरित कर दिया गया.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है. लेकिन भाजपा और शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद सत्ता-बंटवारे को लेकर आपस ठनी हुई है. भाजपा के पास सबसे अधिक 105 सीटें हैं. भाजपा नेताओं ने गुरुवार को राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात की लेकिन सरकार बनाने का कोई दावा नहीं किया. 

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में गुरुवार को पार्टी के नये विधायकों की एक घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई. इस बैठक में विधायकों ने कथित तौर पर पदों और जिम्मेदारियों के समान बंटवारे की मांग दोहरायी.

इसे भी पढ़ें- #3YrsOfDeMoDisaster: नोटबंदी को प्रियंका गांधी ने बताया आपदा, कहा- फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी

भाजपा-शिवसेना के बीच खींचतान जारी

गौरतलब है कि भाजपा और शिवसेना, दोनों के पास गठबंधन कर अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें हैं लेकिन सत्ता में बराबर की साझेदारी खासकर मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों के बीच खींचतान जारी है.

शिवसेना का दावा है कि दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में तय किया था कि राज्य में पदों की बराबर साझेदारी होगी. पार्टी के अनुसार, भाजपा ने मुख्यमंत्री पद सहयोगी दल के साथ साझा करने की व्यवस्था का पालन नहीं किया है.

महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से सरकार गठन को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. भाजपा ने ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद साझा करने की शिवसेना की मांग को खारिज कर दिया है.

महाराष्ट्र में 288 सीटों के लिये 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को 161 सीटें मिली थीं जो सरकार बनाने के लिये जरूरी 145 के आंकड़े से ज्यादा है. लेकिन मुख्यमंत्री किस पार्टी का होगा इसे लेकर जारी गतिरोध के चलते अब तक नयी सरकार का गठन नहीं हुआ है. चुनावों में भाजपा के खाते में 105 सीटें आयी हैं. शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like