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सिर्फ दो-दो डॉक्टर्स से मिलेंगी ममता बनर्जी, मुलाकात को रिकॉर्ड करने की रखी गयी मांग

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New Delhi : देशभर में डॉक्टर्स की हड़ताल ने मरीजों की हालत खराब कर दी है. मरीजों का तीमारदार बीमारों लेकर इधर-उधर दौड़ रहे हैं. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दो जूनियर डॉक्‍टरोस की पिटाई ने बड़ा रूप ले लिया है. इसके समर्थन में देशभर के डॉक्टर्स ने हड़ताल कर दिया है. अब देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

इस बीच बंगाल की ममता सरकार ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को एक पत्र लिखा है. पत्र में इस बात पर सहमति बनी है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर मेडिकल कॉलेज के दो- दो प्रतिनिधियों से मिलेंगीं और उनके बीच वार्ता होगी. वहीं डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का वक्त दोपहर 2.30 बजे रखा गया है.

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शनिवार को भी सीएम ने वार्ता का दिया था ऑफर

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इससे पहले शनिवार को ही डॉक्टर्स को ममता बनर्जी की ओर से बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन डॉक्टर्स की ओर से ऑफर को ठुकरा दिया था. हालांकि अब डॉक्टर्स मुलाकात के लिए राजी हैं. डॉक्टर्स अब मीडिया की मौजूदगी के बिना ममता बनर्जी से सचिवालय में मुलाकात करेंगे.

मुलाकात को लेकर डॉक्टर्स का कहना है कि सीएम के साथ जो मुलाकात की पूरी प्रक्रिया होगी, उसे रिकॉर्ड किया जाए. रविवार को डॉक्टर्स ने ढाई घंटे की मीटिंग की थी और उसके बाद उनके एक प्रवक्ता ने कहा था कि हम लोग इस गतिरोध को खत्म करना चाहते हैं. साथ ही कहा था कि सीएम जहां बोलेंगी, वहां पर वार्ता को तैयार हैं.

इसके अलावा डॉक्टर्स की हड़ताल का काफी असर भी देखा जा रहा है. देश के 5 लाख डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं. जिससे दिल्‍ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में इसका स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर देखा जा रहा है. सोमवार की हड़ताल में दिल्ली मेडिकल असोसिएशन से जुड़े 18,000 डॉक्टरों के अलावा एम्स भी शामिल है. वहीं एम्‍स के असिस्टेंट प्रोफेसर विजय कुमार ने भूख हड़ताल किया है, साथ  केंद्र से इस मामले में तुरंत हस्‍तक्षेप करने की मांग की है.

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