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देवेश, राज, अमित, सुशील, सुमित, दीपक, मंटू समेत कई ने बताया झारखंड की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन?

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Ranchi:  झारखंड में अभी भाजपा की सरकार है. रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं. वह हर रोज चुनावी सभा कर रहे हैं. लोगों से कह रहे हैं- झामुमो-कांग्रेस बताये, राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ?

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन कह रहें हैं- 19 साल में 16 साल भाजपा शासन में रही. फिर भी राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ.

एक बात तो साफ है कि राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दल के नेता यह तो मान रहे हैं कि राज्य की स्थिति खराब है. बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. शिक्षा की स्थिति बदतर है. उद्योग नहीं लग रहे. युवकों को रोजगार नहीं मिल रहा. सरकार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही. आर्थिक हालात खराब हैं. कर्ज बजट से अधिक हो गया है. पर, राजनीतिक दल जिनके हाथ में सत्ता की बागडोर रही. वह खुद को साफ-सुथरा बताते हुए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं.

क्या यह जायज है ?

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राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए ?

राज्य की बदतर हालात के लिए कौन जिम्मेदार है? भाजपा ! झामुमो ! कांग्रेस !

हमने लोगों से इस पर राय मांगी, लोग खुल कर बोल रहे हैं. यहां हम लोगों के विचार प्रकाशित कर रहे हैं.

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Sanjay Pandey

मेरा मानना है कि झारखंड की बदहाली के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह भाजपा है. क्योंकि झारखंड बने 19 वर्ष बीत गए, इन 19 वर्षों में 16 वर्ष भाजपा की सरकारें रही लेकिन उतना विकास नहीं हो पाया जितना होना चाहिए था.

लेकिन जब से रघुवर सरकार बनी है तब से कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं. लेकिन 2014 के पहले का अगर किसी भी सरकार का कार्यकाल देखा जाए तो वह अपेक्षा के अनुकूल नहीं रहा है. राज्य की बदहाली में सबसे अहम योगदान अगर किसी का है तो वह यहां के नेताओं का है.

क्योंकि यहां पर जितने भी नेता हुए वह सब अपनी ही झोली भरने में लगे रहे, जबकि यहां की गरीब जनता को पूछने वाला कोई नहीं है. यही कारण है कि राज्य आज भी बदहाली के दौर से गुजर रहा है.

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Dewesh Singh

किसी की हो सरकार विकास करने की आतंरिक शक्ति होनी चाहिए. किसी की सरकार में यह क्षमता नहीं है. सिर्फ जाति, धर्म,प्रांतवाद के चक्कर में विकास नहीं हो रहा है. ऐसी सरकार चाहिए जो सिर्फ विकास करे और विकास के बारे में सोचे.

Raj Alok Sinha 

किसी एक दल को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा. आज से 19 साल पहले जब बिहार से अलग कर झारखंड राज्य का निर्माण किया गया था तो यह सपना संजोया गया था कि इससे प्रदेश की तस्वीर बदलेगी.  मगर बिहार हमसे आगे निकल गया. बिहार की बेहतर होती सड़कें इस बात का सबसे बडा प्रमाण है.

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Lalan  Kumar

झारखंड का गठन जिस मुद्दे के साथ हुआ था, राज्य बनने के बाद यहां के जन प्रतिनिधि और प्रशासक उस मुद्दे को भूला कर अपने निजी हितों को साधने में व्यस्त हैं.

झारखंड के साथ ही छतीसगढ़ और उत्तराखंड भी बने थे, और वो अपने विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं. आज झारखंड जिस बदतर स्थिति में पहुंच चुका है, उसके लिए मुख्य रूप से कमजोर राजनीतिक पार्टी और मजबूत ब्यूरोक्रेसी जिम्मेवार है.

ब्यूरोक्रेसी के द्वारा हर नियम को उलझाऊ बना दिया जा रहा है, चाहे वो नियुक्ति प्रक्रिया हो या अन्य कोई कानून. 20 वर्ष में 16 वर्ष बीजेपी सरकार में रही इसके बावजूद पिछड़ेपन के लिए विरोधी पार्टी को दोषी ठहराना गलत है. झारखंड के विकास के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना जरुरी है, जो किसी भी पार्टी में नहीं दिखती.

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Amit Sinha

झारखंड की बदहाली के लिये सबसे ज्यादा जिम्मेदार एक ही पार्टी है, जिसे आज राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा कहते हैं. पिछले 19 सालों में से 16 साल शासन करने के बावजूद विकास के नाम पर बहुत पिछड़ा है झारखंड. पिछले पांच साल से रघुवर दास की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है, पर इस सरकार ने स्वास्थ्य,शिक्षा,सुविधा और सुरक्षा के क्षेत्र में कोई भी सकारात्मक कार्य नहीं किया.

इस सरकार में राज्य के हर सरकारी अस्पताल की हालत दयनीय हुई है. शिक्षा का विकास इसी से मापा जा सकता है कि शिक्षक ज्यादातर हड़ताल और आंदोलन पर ही रहते हैं. सुविधा के नाम पर नगर निगम और नगरपालिका तो बनी पर वो सिर्फ लूट और कमीशन खोरी का अड्डा बन कर रह गया. जहां तक सुरक्षा की बात है तो हर जिले में बढ़ते अपराध के ग्राफ को देख सहज समझा जा सकता है. परंतु यहां सबसे गौर करने वाली बात ये है कि अगर सत्ताधारी दल के नेता द्वारा कोई भी अपराध किया जाता है तो कार्रवाई शून्य के बराबर हो रही. जबकि साधारण व्यक्ति के लिए बिना हेलमेट गाड़ी चलाना भी बहुत बड़ा जुर्म माना जा रहा. अब अगर चंद शब्दों मे हेमंत सरकार की बात करें तो वो भी अपनी पार्टी के मूल विचार और झारखंड के विकास की प्राथमिकता को भूले ही नजर आए. जितना विकास उन्होंने खुद का और अपने करीबियों का किया, उतना यहां के लोगों और खासकर आदिवासियों का किया होता तो तस्वीर कुछ और होती.

Amit Singh 

बीजेपी जिम्मेदार है.

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Sushil Hembrom

कोई भी पार्टी के नेता हो, फिर चाहे वो बीजेपी, कांग्रेस, जेएमएम, आजसू, झाविमो आदि पार्टी के मुख्यमंत्री बने. एक भी नेता पूर्ण रूपेण विकास करना नहीं चाहता है.  बल्कि वो (मुख्यमंत्री या मंत्री या विधायक हो) 10% विकास के लिये सोचते है . बाकी 90% वो अपना जीवन-यापन बोले या अपना निजी जो बड़ा-सा बैग रहता है उनको भरने के लिये सोचते हैं. इसलिये जनता को वोट नहीं डालना चाहिए, उसका विरोध करना चाहिए.

70% धरातल पर विकास देखने के बाद ही जनता को वोट डालना चाहिए. क्योंकि एक भी नेता का औसतन विकास 100% नहीं है, और ना ही करेगा. केवल जनता को पागल बनाने के लिये विकास का आश्वासन देने नेता लोग Election के समय जनता के पास वोटों की भीख मांगने आयेंगे. हां वोट पार्टी को देखकर नहीं बल्कि जो नेता आपके क्षेत्र में विकास किया है उसी को वोट देना चाहिए. हां ये शर्तें आपको अच्छा नहीं लगेगी तो हमें माफ कीजिएगा. धन्यवाद….

Sumit Mahapatra

First of all govt. should think about increasing MLA seats, because in Jharkhand there are three major political parties present due to which everytime the result came out from election is triangular. First time in 2014, a stable govt. was made and then Jharkhand started growing. But, yes as the people had expected, the current govt. also disappointed the public. But, we can say that as compare to JMM govt. this govt. did good things.

Anup Minz 

BJP and all parties JMM, congress responsible for this, because time to time all were in govt. BJP did major loss.

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Deepak Ojha

बीजेपी सरकार ने झारखंड की जनता को बेहाल कर दिया है. मुख्यमंत्री जी केवल हाथी उड़ा रहे हैं और फर्जी विज्ञापनों में पैसा खर्च कर रहे हैं.

Mantu Soni

जैसा की मुख्यमंत्री रघुवर दास बयान देते हैं कि पंद्रह साल झारखंड विकास नहीं कर पाया, इस दौरान राज्य को लूटा गया तो इनके बयान को ही मानें तो झारखंड गठन होने के बाद अधिकांश समय भाजपा सत्ता में रही और जिस विपक्ष (झामुमो) पर लूट करने और विकास नहीं होने देने का आरोप लगाते हैं, उस पार्टी को भी भाजपा ने ही सत्ता पर बिठाया और सहयोग दिया.

इससे स्पष्ट होता है कि सीएम रघुवर दास व्यक्तिगत बड़प्पन के कारण अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं.

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