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10 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर भूषण ने किया सरेंडर

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Gumla: झारखंड सरकार की समपर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर गुरुवार को गुमला पुलिस लाइन में 10 लाख रुपये के इनामी भाकपा माओवादी कमांडर भूषण यादव उर्फ चंद्रभूषण यादव ने सरेंडर कर दिया.

भूषण यादव के सरेंडर के मौके पर रांची रेंज के डीआइजी अमोल वेणुकांत होमकर, गुमला आयुक्त शशि रंजन व गुमला के एसपी अंजनी कुमार झा मौजूद थे.

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बता दें कि  भूषण यादव अन्य नक्सलियों के साथ मिल कर कई बार पुलिस पर जानलेवा हमला कर चुका था. साथ ही हथियार लूटने, बम विस्फोट, फायरिंग, विकास कार्यों में लगी मशीनों को आग के हवाले करने की घटना को भी अंजाम दिया था.

पिछले 20 वर्षों से भाकपा माओवादी संगठन के लिए कर रहा था काम

भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर भूषण यादव वर्ष 1995 में भारत नौजवान सभा से जुड़ा था. 1997 में संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद मदनपाल ने पार्टी यूनिट का गठन किया. भूषण यादव भी इसमें शामिल हो गया.

पार्टी यूनिट में एक साल बाद 1998 में भूषण को एरिया कमांडर का पद मिला. इसके एरिया में मनिका, बनालात के कुछ इलाके थे. इसके बाद मदनपाल और पप्पू सिंह के साथ भूषण विशुनपुर, डुमरी, चैनपुर के जंगली इलाकों में सक्रिय रहा.

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1999 में सब जोनल कमांडर का पद मिला, जिसके अंतर्गत डुमरी, चैनपुर, विशुनपुर एवं गुरदरी का जंगली इलाका शामिल था. पार्टी यूनिट में भूषण यादव को 2003 में जोनल कमांडर का पद दिया गया, जोनल कमांडर बनने के बाद डुमरी, चैनपुर, विशुनपुर, घाघरा, गुमला का क्षेत्र दिया गया.

21 सितंबर 2004 को एमसीसी और पीपुल्सवार ग्रुप का विलय हुआ और भाकपा माओवादी संगठन बना. नये संगठन में भी भूषण को जोनल कमांडर का पद दिया गया.

2015 में लोहरदगा जेल से भूषण यादव जमानत पर बाहर आया था

बता दें कि अक्टूबर 2009 में भूषण यादव को पश्चिम बंगाल के कोलकाता बाजार से इलाज कराने के दौरान गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसे झारखंड लाया गया और गुमला व लोहरदगा की जेल में रखा गया.

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2015 में लोहरदगा जेल से भूषण जमानत पर बाहर आया. फिर करीब तीन महीने तक घर पर रहने के बाद नवंबर 2015 में रीजनल कमांडर नकुल यादव से संपर्क कर पार्टी में शामिल हो गया. इसके बाद भूषण का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से गुमला रहा. इस दौरान भूषण बूढ़ा पहाड़ के इलाकों में सक्रिय रहा.

अलग-अलग थानों में 24 मामले हैं दर्ज

सरेंडर करनेवाले माओवादी भूषण यादव के खिलाफ गुमला जिले के चैनपुर, घाघरा, डुमरी, विशुनपुर, रायडीह एवं गुरदरी थाना में 17, लातेहार जिला के महुआडांड़, बारेसांड़ एवं नेतरहाट थाना में पांच तथा लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना में दो उग्रवादी कांड दर्ज हैं. इनमें से अधिकतर मामलों में भूषण यादव को फरार दिखाते हुए कोर्ट से स्थायी वारंट जारी किया गया है.

माओवादी पूरी तरह विचारधारा विहीन हो गये हैं

गुमला पुलिस लाइन में वरीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करनेवाले भूषण यादव ने सरेंडर के दौरान कहा कि इन दिनों माओवादी विचारधारा विहीन होकर केवल लूट में लगे हुए हैं. संगठन में महिलाओं तथा बच्चों का शोषण किया जा रहा है.

आम जनता को परेशान किया जाता है. साथ ही सुरक्षाबलों के अभियान से माओवादियों में डर बना हुआ है. पिछले कुछ वर्षों से लगातार अभियान तथा गिरफ्तारी के कारण माओवाद गुमला, लातेहार तथा लोहरदगा में लगभग खत्म हो चुका है. उसने बताया कि कई और माओवादी हैं जो समाज की मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं.

लातेहार का रहनेवाला है इनामी माओवादी भूषण यादव

10 लाख रुपये का इनामी माओवादी भूषण यादव भूषण यादव लातेहार के महुआडांड़ का रहनेवाला है. भाकपा माओवादी का सबजोनल कमांडर भूषण यादव एक करोड़ के इनामी नक्सली अरविंद और सुधाकरण के दस्ते का सदस्य रह चुका है.

अरविंद की मौत और सुधाकरण के समर्पण के बाद झारखंड में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है. भूषण यादव झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों में भी नक्सल घटनाओं में शामिल रहा है. सुरक्षाबलों को उसकी लंबे समय से तलाश थी.

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