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#Maoist कमांडर का भाई 2 माह से जेल में, परिजन बोले- ‘पुलिस सरेंडर कराने के लिए मिलने भेजती है और रास्ते में गिरफ्तार कर लेती है’

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Manoj Dutt Dev

Latehar : भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर कुंदन खेरवार का भाई झमन सिंह खेरवार करीब दो महीने से जेल में है. उसे 18 सितंबर को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह कुंदन की पत्नी (अपनी भाभी) व एक अन्य नक्सली की पत्नी के साथ कुंदन से मिलने जा रहा था.

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इस घटना से नाराज झमन के परिजनों ने पुलिस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि लातेहार पुलिस नक्सलियों के परिजनों पर दबाव बनाती है कि वे नक्सली से मिलकर उसका सरेंडर करायें, लेकिन मिलने से पहले उन्हें ही गिरफ्तार कर लेती है.

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क्या हुआ था 19 सितंबर को?

18 सितम्बर 2019 को भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर कुंदन खेरवार (पिता- महावीर सिंह खेरवार, ग्राम- माइल, थाना मनिका) की पत्नी लक्ष्मनिया देवी, कुंदन का छोटा भाई झमन सिंह खेरवार और सब जोनल कमांडर चंदन सिंह खेरवार (पिता- गोरी सिंह खेरवार, ग्राम- दोटाही मटलोंग, थाना- मनिका) की दूसरी पत्नी गायत्री देवी दोनों माओवादी कमांडरों से मिलने निकले थे.

बताया जाता है कि उन्हें अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से माओवादी कमांडरों ने मिलने का बुलावा भेजा था. लक्ष्मनिया और गायत्री देवी मिलने निकले तो सुरक्षा की दृष्टि से झमन सिंह खेरवार ने साथ हो लिया था.

लेकिन 19 सितंबर को बरवाडीह अनुमंडल पदाधिकारी ने एक छापामार दल गठित कर तीनों को बरवाडीह थाना क्षेत्र के एक जंगल से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने झमन सिंह खेरवार को माओवादी बताकर जेल भेज दिया और लक्ष्मनिया देवी व गायत्री देवी को यह कहकर थाने से छोड़ दिया कि वे अपने पतियों का सरेंडर करायें.

पुलिस नहीं चाहती पति सरेंडर करें : गायत्री देवी

#Maoist कमांडर का भाई 2 माह से जेल में, परिजन बोले- ‘पुलिस सरेंडर कराने के लिए मिलने भेजती है और रास्ते में गिरफ्तार कर लेती है’भाकपा माओवादी के सब-जोनल कमांडर चंदन सिंह खेरवार की दूसरी पत्नी गायत्री (पिता- शनि देव सिंह, ग्राम- कोटाम, थाना- गारू, जिला- लातेहार) ने न्यूजविंग से कहा, “पुलिस घर आती है, थाने बुलाती है, कभी घर के नजदीक मटलोंग सीआरपीएफ पिकेट में बुलाती है. हर बार प्रलोभन देकर अच्छे से व्यवहार करते हुए कहती है कि अपने पति का सरेंडर कराओ, उससे जा कर मिलो, उसको समझाओ; मगर सूचना पर या बुलावे पर मिलने निकलते हैं तो रास्ते में ही रोक देती है.”

गायत्री कहती है, “पुलिस व सुरक्षा बल एक तरफ मिलने को कहते हैं और रस्ते में रोक देते हैं. समझ में नहीं आता है कि आखिर पुलिस चाहती क्या है?”

‘पुलिस ने माओवादी मीटिंग में जाने का झूठा आरोप लगाया’

गायत्री ने बताया कि 18 सितम्बर एक अज्ञात व्यक्ति उसके पति चंदन की चिट्ठी लेकर आया था जिसे पढ़ने के बाद असली होने का भरोसा हुआ, तब वह कुंदन की पत्नी लक्ष्मनिया देवी और उसके छोटे भाई झमन के साथ चंदन से मिलने निकले थे.

गायत्री ने कहा, “हम यह सोचकर निकले थे कि हम दोनों अपने-अपने पतियों से मिलकर उन्हें सरेंडर करने के लिए मजबूर करेंगे लेकिन रास्ते में ही बरवाडीह पुलिस ने हमें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोप लगाया कि हम नक्सली दस्तावेज के साथ हम बूढ़ा पहाड़ पर माओवागी मीटिंग में जा रहे थे.”

गायत्री का कहना है कि जब तक वे अपने पति से मिलेगी नहीं, तब तक सरेंडर के लिए कैसे कहेगी और मजबूर करेगी.

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‘पुलिस पर भरोसा था, इसलिए तीनों को रोका नहीं’   

लातेहार अनुमंडल कारा में बंद झमन सिंह खेरवार के पिता महावीर सिंह खेरवार ने बताया कि तीनों जब माओवादी कमांडरों से मिलने जा रहे थे तब उन्होंने पहले रोका था, फिर मन में ख्याल आया कि पुलिस तो कहती ही है कि जाकर मिलो, सरेंडर करो, इसलिए जाने दिया.

महावीर ने कहा, “मगर तीनों के पास मोबाइल के अलावा कोई भी नक्सली दस्तावेज नहीं था और ना ही तीनों मओवादियों की मीटिंग में बूढ़ा पहाड़ जा रहे थे. उन्हें तो यह भी पता नहीं था कि जाना कहां है. वे बस चले जा रहे थे कि रास्ते में पुलिस ने पकड़ लिया.”

महावीर ने बताया कि झमन घर में अकेला युवा मर्द था जो की खेती-गृहस्थी देखता था. उसके जेल जाने से इस बार अच्छी बारिश होने के बावजूद कई खेत परती रहे गये.

उन्होंने कहा, “झमन को जेल से निकालने के लिए उधर व सूद पर रुपया लेकर कोर्ट-कचहरी दौड़ रहे हैं और खेती और मवेशी पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं. पता नहीं जेल से निकलेगा कि नहीं.”

पुलिस ने मिलने को कहा था, ऐसी कोई जानकारी नहीं : एसडीपीओ

दूसरी ओर बरवाडीह एसडीपीओ अमरनाथ का कहना है कि 19 सितम्बर को तीनों से मिले दस्तावेजों से स्पष्ट है कि वे पुलिस को चकमा देकर मीटिंग में ही जा रहे थे.

अमरनाथ ने कहा, “ये सभी जाल-फरेब करने में माहिर हैं. रही बात ये कि ये पुलिस के कहने पर ही सरेंडर करवाने के लिए मिलने जा रहे थे या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.

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