न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मसूद अजहर आज घोषित होगा वैश्विक आतंकवादी ? या फिर से चीन लगायेगा अड़ंगा

अमेरिका ने कहा मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने में असफलता क्षेत्रीय स्थिरता, शांति के लिए खतरा

1,076

New York: मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित करने को लेकर आज स्थिति स्पष्ट हो जायेगी. अगर चीन इस बार अड़ंगा नहीं लगाता है तो उम्मीद है कि दोपहर 3 बजे तक जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर प्रतिबंधित लगाया जा सकता है. भारत में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुके मसूद अजहर के खिलाफ यह प्रस्ताव चौथी बार लाया गया है. पिछले सभी मामलों में चीन इस प्रस्ताव पर ‘तकनीकी रोक’ लगा चुका है. सूत्रों के अनुसार, चीन का तर्क है कि मसूद अजहर को जेएएम से ताल्लुक रखने के पर्याप्त सबूत या जानकारी नहीं है. हालांकि अभी तक इस मामले में चीन ने अपना स्टैंड क्लीयर नहीं किया है.

इसे भी पढ़ेंःवीके सिंह ने कहा, भाजपा राष्ट्रवाद से लबरेज पार्टी, इसीलिए देश की बात करती है

गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे. हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. इस घटना के बाद जैश-ए-मोहम्मद (जेएएम) के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा प्रस्ताव लाया गया.

Trade Friends

क्या है बैन की प्रक्रिया

प्रतिबंध समिति में सुरक्षा परिषद के किसी सदस्य द्वारा अगर आपत्ति नहीं जताई जाती है, तो प्रतिबंध लगता है. सरल शब्दों में कहा जाये तो साईलेंस पीरियड, जिसमें सुरक्षा परिषद का कोई सदस्य आपत्ति उठा सकता है, 13 मार्च को खत्म हो जाता है औऱ इस दौरान किसी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है तो मसूद अजहर को 1267 प्रतिबंध सूची में शामिल कर लिया जाएगा. प्रतिबंध समिति द्वारा उसे सूची में रखे जाने के बाद काउंसिल द्वारा इसे अनुमोदित कर दिया जाएगा.

प्रतिबंध समिति के सदस्य और सुरक्षा परिषद में समान 15 देश हैं. सभी सदस्य राज्यों को फैक्स या आपत्ति पत्र परिषद को भेजना है. इसके लिए कोई बैठक नहीं होगी. यदि कोई आपत्ति नहीं दर्ज होती है, तो 3 बजे के बाद अजहर अपने आप प्रतिबंधित या सूचीबद्ध हो जाएगा, जिसके बाद परिषद से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी. लेकिन, अगर प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगाई जाती है, तो इसपर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की जाएगी.

इसे भी पढ़ेंःममता ने कहा, देश में अघोषित इमर्जेंसी, मोदी के खिलाफ वाराणसी में प्रचार करना चाहती हैं

मसूद शांति के लिए खतरा- अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार है. और ऐसा नहीं किया जाना क्षेत्रीय स्थिरता एवं शांति के लिए खतरा होगा. मंगलवार को विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता रॉबर्ट पलाडिनो ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और सरगना है तथा उसे संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकवादी घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं.’’

उन्होंने कहा कि जैश कई आतंकवादी हमलों में शामिल रहा है और वह क्षेत्रीय स्थिरता एवं शांति के लिए खतरा है. पलाडिनो ने कहा कि अमेरिका और भारत आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं.

भारत में कई आतंकी हमलों के पीछे जैश सरगना

उल्लेखनीय है कि 50 वर्षीय अजहर ने भारत में कई आतंकवादी हमले कराए हैं. वह संसद, पठानकोट वायुसेना स्टेशन, उरी तथा जम्मू-कश्मीर में कई अन्य जगह सैन्य शिविरों पर हमले और हाल में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आत्मघाती हमले का साजिशकर्ता है. पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश के हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव पेश किया था. इससे पहले सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने की कई कोशिशों को पाकिस्तान का मित्र चीन बाधित कर चुका है.

चीन का रुख तय नहीं

परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में शामिल चीन अब तक यह कहता आया है कि अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं. पुलवामा हमले के बाद वैश्विक आक्रोश के मद्देनजर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस को उम्मीद है कि इस बार चीन समझदारी से काम लेगा और उनके कदम को बाधित नहीं करेगा. पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है.

इसे भी पढ़ेंःशरद पवार ने कहा, मोदी को दूसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा, भले ही भाजपा को ज्यादा सीटें मिले

SGJ Jewellers

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like