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कमीशन लेने वाले डॉक्टरों का केवाईसी भरवाता है मेदांता अस्पताल

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Surjit Singh

Ranchi: मेदांता अस्पताल, रांची मरीज रेफर करने वाले डॉक्टरों को कमीशन देने के लिये आर्गेनाइज्ड तरीका अपनाता है. न्यूज विंग के पास मेदांता अस्पताल के कुछ इंटरनल ईमेल मैसेज हैं.

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जिससे इस बात का खुलासा होता है कि कमीशन लेने वाले डॉक्टरों का केवाईसी भी भरवाया जाता है. हम कमीशन के इस खेल की प्रक्रिया का खुलासा करने वाले हैं.

उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, मेदांता रांची के डीजीएम मार्केटिंग एंड एचओडी (मार्केटिंग) संदीपन कर्माकर हैं. वह पहले मेडिका अस्पताल में मार्केटिंग का काम देखते थे. अक्टूबर 2017 में उन्होंने मेदांता रांची में ज्वाईन किया.

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14 जून 2018 को संदीपन कर्माकर ने मार्केटिंग के सभी स्टाफ को एक ई-मेल भेजा. इसमें कहा गया कि मेल में एक केवाईसी रजिस्ट्रेशन फॉर्म अटैच है. जिसे उन डॉक्टरों को भरना है, जो मेदांता रांची के लिये मरीज रेफर करते हैं.

ई-मेल में अटैच फॉरमेट में डॉक्टर का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल, पैन नंबर, बैंक डिटेल, बर्थ डेट, एनिवर्सरी डेट आदि भरना है. इसके साथ ही एक बैठक में संदीपन कर्माकर ने मार्केटिंग के सभी स्टाफ से कहा कि मरीज रेफर करने वाले डॉक्टर्स का एक कैंसल चेक भी लेना है. ताकि कमीशन की राशि उनके एकाउंट में डाला जा सके.

ऐसा नहीं है कि इस खेल की जानकारी मेदांता ग्रूप के प्रबंधन को नहीं है. क्योंकि 14 जून 2018 को किये गये ई-मेल को सीसी करके मेदांता ग्रूप के वाईस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) सुकेश थरेजा, मेदांता रांची के सेंटर हेड डॉ मो मुख्तार सईद को भी भेजी गयी थी.

दस्तावेज के मुताबिक विभिन्न जिलों के दर्जनों डॉक्टरों से केवाईसी भरवाया गया है. न्यूज विंग बोकारो जेनरल अस्पताल के चार और रामगढ़ के एक डॉक्टर का केवाईसी भरे जाने के दस्तावेज हैं.

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बोकारो जेनरल अस्पताल के डॉ सतीश कुमार, डॉ मनीष कुमार, डॉ सुजीत कुमार सिंह, डॉ एचके भूइयां और रामगढ़ के डॉ ओम प्रकाश का नाम शामिल है.

कमीशन देने की प्रक्रिया

मेदांता रांची के मार्केटिंग में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का एक वाट्सएप ग्रूप बना हुआ है. जिसका नाम रेफरल ग्रूप है. जिसमें वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग से लेकर सेंटर हेड तक जुड़े हुए हैं.

संदीपन कर्माकर इस ग्रूप का एडमिन है. जैसे ही कोई ड़ॉक्टर की मरीज को मेदांता के लिये रेफर करता है, इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के मार्केटिंग के एक्जक्यूटिव को दे देता है.

यह सूचना मरीज के भर्ती होने से करीब दो घंटे पहले आ जाती है. मार्केटिंग एक्जक्यूटिव यह सूचना रेफरल ग्रूप पर डालता है.

एक माह बीतने के बाद डीजीएम मार्केटिंग हेड संदीपन कर्माकार दूसरे माह के पहले सप्ताह में किसी दिन मार्केटिंग के सभी एक्जक्यूटिव को एक ई-मेल भेजते हैं. जिसमें कहते हैं कि मरीज रेफर करने वाले डॉक्टरों का केवाईसी क्लेम जमा करें.

इस ई-मेल के मिलते ही सभी मार्केटिंग एक्जक्यूटिव ई-मेल के जरिये ही मरीज रेफऱ करने वाले डॉक्टरों की केवाईसी जमा कर देते हैं. इसके बाद संदीपन कर्माकार द्वारा मार्केटिंग को-आर्डिनेटर अनुभव को एक फॉरमेट ई-मेल करता है.

और निर्देश देता है कि सभी मार्केटिंग एक्जक्यूटिव द्वारा जमा किये गये केवाईसी के आधार पर फॉर्मेट भेजें. ताकि कमीशन की राशि की मांग दिल्ली स्थित मुख्यालय से की जा सके. इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद दिल्ली से राशि जारी कर दी जाती है.

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