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#Mexico ने अवैध रूप से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे 311 भारतीयों को दिल्ली भेजा

भारतीयों ने अमेरिका में प्रवेश के लिए एजेंट्स को दिये थे 30 -30 लाख  

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Mexico city :  मेक्सिको ने गुरुवार को 311 भारतीयों को अवैध रूप से देश की सीमा में प्रवेश करने और रहने के कारण डिपॉर्ट कर दिया. खबर है कि ये लोग मेक्सिको से अमेरिका में घुसने की तैयारी में थे. मेक्सिको से इन सभी भारतीयों को दिल्ली भेज दिया.

सभी शुक्रवार सुबह बोइंग 747-400 चार्टर विमान से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे. अवैध तरीके से अमेरिका में  घुसने की नाकाम कोशिश करने वाले इन भारतीयों के लाखों रुपये तो डूबे ही, परेशानी और डिपॉर्ट किये जाने की शर्मिंदगी भी  झेलनी पड़ी.  मेक्सिको के नैशनल माइग्रेशन इंस्टीट्यूट (आईएनएम) ने यह जानकारी दी है.

सूत्रों के अनुसार ग्रुप के सभी सदस्यों ने 25-30 लाख रुपये एजेंट्स को दिये थे. एजेंट्स ने  इन भारतीयों से मेक्सिको बॉर्डर के जरिए अमेरिकी सीमा में प्रवेश और नौकरी दिलाने का वादा किया था. इस राशि  में हवाई यात्रा के साथ ही मेक्सिको में ठहरने की व्यवस्था, खाने-पीने का इंतजाम भी शामिल था. सूत्रों ने बताया कि एजेंट्स ने एक सप्ताह से लेकर एक  महीने तक का समय यूएस सीमा में प्रवेश के लिए दिया था.

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आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के बावजूद वे यहां रह रहे थे

आईएनएम की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन प्रवासियों को वापस भेजा गया है, वे 60 फेडरल माइग्रेशन एजेंटों के माध्यम से मेक्सिको पहुंचे थे. जांच में पता चला कि इनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे. कहा गया कि नियमित तौर पर रहने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के बावजूद पिछले कई महीनों से वे यहां रह रहे थे.

मेक्सिको के नैशनल माइग्रेशन इंस्टिट्यूट के अनुसार, नियमित तौर पर रहने के लिए जरूरी दस्तावेज डिपॉर्ट किये प्रवासियों के पास नहीं थे. इन सभी को इमिग्रेशन अथॉरिटी के सामने पेश किया गया. मेक्सिको के ओकासा, बाजा कैलिफॉर्निया, वरॉक्रूज, चिपास, सोनोरा, मेक्सिको सिटी, दुरंगो प्रशासन के सामने सभी अवैध प्रवासियों को पेश किया गया.

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6 साल की बच्ची की जून में मौत हो गयी थी 

311 भारतीयों को एक साथ डिपॉर्ट किए जाने की इस घटना ने एक बार फिर जून में हुई त्रासदी की याद दिला दी. पंजाब से गयी एक फैमिली की 6 साल की बच्ची की जून में लू लगने के कारण अरिजोना रेगिस्तान में यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर मौत हो गयी थी. बच्ची की मां सीमा पानी के लिए गई थी, जिस वक्त लू लगने के कारण बच्ची ने दम तोड़ दिया था.

बच्ची की लाश उस वक्त मिली जब 2 भारतीय महिलाओं को पट्रोलिंग के दौरान यूएस बॉर्डर पर रोका गया. दोनों महिलाओं ने बताया कि कुछ घंटे पहले तक उनके साथ एक और मां अपने 2 बच्चों के साथ थी. जांच के दौरान बच्ची गुरप्रीत कौर की लाश मिली. इस घटना के बाद पूरे विश्व में प्रवासी संकट को लेकर बहस शुरू हो गई थी.

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डॉनल्ड ट्रंप ने जून में मेक्सिको को चेतावनी दी थी 

मेक्सिको का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जून में चेतावनी दी थी कि अगर मेक्सिको ने अपने देश की सीमा से अमेरिका में घुसने वाले लोगों पर लगाम नहीं लगाई तो वह देश से होने वाले सभी आयातों पर सीमा शुल्क लगा देगा. ऐसे में मेक्सिको अपनी सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति को विस्तार देने पर सहमत हुआ है.

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