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मंत्री सरयू राय ने लिखा पत्र, कहा- पर्यावरण के मुद्दों को लेकर तत्पर नहीं है वन विभाग

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  • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विधि संगत अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर रहा
  • विश्व पर्यावरण दिवस पांच जून को घोषित उद्देश्यों के अनुरूप हो कार्यक्रम
  • पिछले साल 35 लाख खर्च सिर्फ प्लास्टिक के सजावटी वस्तुओं पर किया गया

Ranchi: राज्य का खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने सरकार और वन पर्यावरण विभाग को एक बार फिर कठघरे में खड़ा किया है. उन्होंने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को लिखे अपने एक पत्र में कहा है कि राज्य सरकार को चाहिए कि वायु प्रदूषण के मामले पर ठोस योजनाएं और कार्यक्रम बनाये, ताकि पूरे साल तक एक संकल्प के साथ अभियान चलाया जा सके. पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है. सरकार और वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को चाहिए कि ठोस कदम उठायें.

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उन्होंने विगत वर्ष खेलगांव में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल का थीम प्लास्टिक को परास्त करना था. लेकिन राजकीय समारोह में बड़ी संख्या में सजावटी बैलून और प्लास्टिक होर्डिंग का उपयोग किया गया. अनुमान है कि 35 लाख रुपये इन प्लास्टिक के सजावटी सामान पर खर्च हुए. लोकायुक्त की ओर से जांच होने पर ये खबरें अखबारों में प्रकाशित भी हुईं.

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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारों का उपयोग नहीं करता

इस पत्र में उन्होंने कहा है कि वन एवं पर्यावरण विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण रोकथाम के लिए जितना तत्पर होना चाहिए, उतना वह है नहीं और न ही बोर्ड विधि संगत अधिकारों का उपयोग करता है. इन दोनों विषयों में बोर्ड विफल है. बोर्ड का कार्य है कि राज्य में वायु प्रदूषण ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान करे, उन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के आंकड़े एकत्रित करने के लिए जरूरी उपकरण स्थापित करने समेत अन्य काम करे. लेकिन इन विषयों पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों में तत्परता नहीं दिखती. जबकि राज्य में वायु प्रदूषण की स्थिति दिनों दिन भयावह होती जा रही है. खनन, परिवहन, उद्योग, विनिर्माण से स्थिति और भी भयावह होती दिख रही है.

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निर्णयों की जानकारी जनता को दें

28 सितंबर 2018 को हुई बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि इस बैठक में पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण पर्षद समेत अन्य संबधित अधिकारी शामिल थे. जिसमें कई ठोस निर्णयों पर सहमति बनी थी. इस साल भी सरकार को चाहिए कि जनता को सरकार के निर्णयों के बारे में जानकारी दें. साथ ही वायु प्रदूषण को परास्त करने के लिए ठोस निर्णय और योजनाएं सरकार बनाये. ताकि एक साल तक इन विषयों पर अभियान चलाया जा सके. अपने सुझावों के साथ-साथ उन्होंने कहा कि इस दिन राज्य को वायु प्रदूषण मुक्त रखना चाहिए. इसके लिए वायु प्रदूषण करनेवाली औद्योगिक ईकाइयों के साथ ही अन्य ईकाइयां जो प्रदूषण करती हैं, उन्हें बंद रखा जाये.

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घोषित उद्देश्य के अनुरूप हो कार्यक्रम

उन्होंने कहा कि विभाग और बोर्ड को ध्यान रखना चाहिए की कार्यक्रम घोषित उद्देश्य के अनुरूप हो. अगले साल तक वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर अभियान चले. समाज के विभिन्न हिस्सों को इसमें शामिल किया जाये. वायु प्रदूषण नियंत्रण कानून को राज्य में सख्ती से लागू किया जाये. ताकि भविष्य में राज्य की जनता के समक्ष एक बेहतर जीवन हो.

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