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मोदी सरकार ने शहीदों के बच्चों की बढ़ायी स्कॉलरशिप और रघुवर सरकार ने पुलवामा शहीदों को ठगा

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Ranchi: लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहला फैसला शहीदों के बच्चों को दिए जाने वाली स्कॉलरशिप को बढ़ाने के तौर पर किया. शुक्रवार को मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में नेशनल डिफेंस फंड के तहत ‘प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम’ में बड़े बदलाव को मंजूरी दी.

अब शहीदों के लड़कों को हर महीने 2000 रुपये की जगह 2500 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी. इसी तरह लड़कियों को अब 2250 रुपये की जगह प्रति महीने 3000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी. इतना ही नहीं, स्कॉलरशिप स्कीम के दायरे को बढ़ाते हुए अब इसमें राज्य पुलिस को भी शामिल किया गया है.

आतंकी या नक्सली हमले में शहीद हुए राज्य पुलिस के जवानों/अफसरों के बच्चों को भी अब स्कॉलरशिप मिलेगी. उन्हें 500 रुपये सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी. इस फैसले की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है.

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एक ट्वीट रघुवर दास ने भी किया था

14 फरवरी को पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया था. जिसमें देश के करीब 44 जवान शहीद हुए थे. इस घटना से पूरा देश थर्ररा उठा था. घटना के दो दिनों के बाद ही झारखंड के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वो और उनके मंत्रिमंडल के सभी मंत्री एक महीने की सैलेरी शहीदों के परिजनों को देंगे.

इसे लेकर सीएम ने ट्वीट भी किया. रघुवर दास ने ट्विट में लिखा था कि “पुलवामा में शहीद हुए वीर सुपूतों के परिजनों के साथ पूरा देश खड़ा है. मैं और मेरे मंत्रिमंडल के सभी साथी अपने एक महीने का वेतन शहीदों के परिजनों के चरणों में अर्पित करते हैं.”


यह ट्विट 292 बार रिट्विट हुआ और करीब 1500 लाइक्स मिले. दूसरे दिन सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर रघुवर दास और उनकी शहीदों के परिजनों को मदद करने वाली घोषणा छायी हुई थी. लेकिन यह एक तरह का मजाक था.

मजाक इसलिए क्योंकि घोषणा किए हुए करीब 106 दिन बीत गए हैं. चार बार सीएम के साथ मंत्रीपरिषद ने सैलेरी ले ली. लेकिन शहीदों के परिजनों को मदद के नाम पर झूठा भरोसा ही दिया गया.

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कैबिनेट में बनी थी सहमति, सरकार ने नहीं बनाया कोई सिस्टम

अभी तक पुलवामा के शहीदों के परिजनों को कैबिनेट के सदस्यों का एक महीने के वेतन की राशि नहीं पहुंची है. इस बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत सभी मंत्रियों को सैलेरी मिल चुकी है. घोषणा के करीब तीन महीने होने को हैं.

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सीएम रघुवर दास की घोषणा के बाद कैबिनेट में सहमति बनी थी. सहमति बनी कि अधिकारियों और कर्मियों के वेतन से एक दिन का वेतन दिया जाये. लेकिन कर्मियों और अधिकारियों के वेतन से भी एक दिन के वेतन की राशि नहीं कटी है.

सरकार को एक सिस्टम तैयार करना था कि कैसे कैबिनेट के सदस्यों और सरकार के अधिकारी और कर्मियों के वेतन से राशि कट कर प्रधानमंत्री राहत कोष में जाये. लेकिन इस दिशा में मीडिया में खबर छपने के अलावा कोई काम नहीं हुआ. ऐसे में पुलवामा के शहीदों के परिजन झारखंड सरकार से अपने आप को ठगा हुए महसूस कर रहे हैं.

मुख्यमंत्रियों सहित मंत्रियों का कितना वेतन

• मुख्यमंत्री का वेतन: 80,000
• मंत्री का वेतन: 65,000
• आईएएस कैडर का वेतन: 1,75,000 से 2,25,000
• आईएफएस कैडर का वेतन: 1,75,000 से 2,25,000
• आईपीएस कैडर का वेतन: 1,75,000 से 2,25,000
• मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों का एक माह का वेतन: 6,50,000
• सभी आईएएस कैडर के एक दिन का वेतन: 12,88,000
• आईपीएस कैडर के एक दिन का वेतन: 8,16,000
• आईएफएस कैडर के एक दिन का वेतन: 11,28,000
• 1.90 लाख राज्य कर्मियों के एक दिन का वेतन: लगभग 47 करोड़

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