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मोमेंटम झारखंड में दिलचस्पी दिखलानेवाले स्थानीय उद्यमियों को अब तक नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं

फरवरी 2017 में हुआ था मोमेंटम झारखंड राजधानी के नगड़ी (साहेर) में 30 कंपनियों ने ली थी जमीन, अब तक उत्पादन शुरू नहीं सिर्फ कच्ची सड़क ही है, सब स्टेशन की निविदा निकाली गयी है

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Ranchi: मोमेंटम झारखंड में दिलचस्पी दिखानेवाले स्थानीय उद्यमियों को सरकार ने अब तक औद्योगिक प्रक्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं विकसित कर नहीं दी हैं. फरवरी 2017 में सरकार की तरफ से काफी तामझाम से देश भर के 108 उद्योगपतियों को रांची न्योता गया था. राजधानी के नगड़ी औद्योगिक प्रक्षेत्र में 10 कंपनियों ने निवेश संबंधित समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर किया था. डायमंड न्यूट्रीफूड्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड रांची, अमित ऑयल वाराणसी, कावेरी रेस्टूरेंट समेत अन्य कंपनियों को रांची औद्योगिक क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (रियाडा) की तरफ से जमीन आवंटित की गयी. साहेर में 47.94 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन के लिए उद्यमियों से राशि भी ली है. अब तक इस दिशा में आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गयी है. साहेर में जमीन के लिए उद्यमियों से मोमेंटम झारखंड के बाद अप्रैल माह में शुल्क के साथ आवेदन मंगाया गया था. साहेर में पहले वन एवं पर्यावरण विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिलने से दिक्कतें आ रही थीं. अब यहां तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है. बिजली है और न ही पानी की कोई सुविधा. बिजली का सब स्टेशन बनाने के लिए निविदा निकाली गयी है. पर अब तक काम नहीं शुरू हो पाया है. कंपनियों को जमीन तो आवंटित कर दी गयी. सरकार ने मोमेंटम के बाद चार बार रांची, दुमका, बोकारो और कोल्हान प्रमंडल में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरोमनी भी की. इसका कोई असर नहीं दिख रहा है.

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साहेर को फूड प्रोसेसिंग जोन बनाना चाहती है सरकार

साहेर (नगड़ी) औद्योगिक प्रक्षेत्र को सरकार की तरफ से फूड प्रोसेसिंग जोन के रूप में विकसित किया जायेगा. यहां पर नगड़ी रेलवे स्टेशन के अलावा राजधानी के पंडरा थोक मंडी और स्थानीय मंडियां भी हैं. रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट 23 किलोमीटर और हटिया तथा रांची रेलवे स्टेशन 23 से 30 किलोमीटर तक की दूरी पर है. एनएच-75 के पास अवस्थित साहेर में कंपनियों ने रेडी-टू-ईट फूड सामग्रियों का उत्पादन करने का सरकार को प्रस्ताव दिया है. डायमंड न्यूट्रीफूड्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से झारखंड में उत्पादित सभी महत्वपूर्ण सब्जियों को रेडी-टू-ईट के रूप में प्रसंस्कृत कर भारत और विदेशी बाजार में भेजा जायेगा. इसी तरह वाराणसी की कंपनी अमित ऑयल शुद्ध सरसों का तेल राज्य वासियों को सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के लिए कारखाना स्थापित कर रही है. वहीं कावेरी नामक कंपनी भी रेडी टू ईट फूड पैकेट्स का उत्पादन नगड़ी से करेगी.

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नगड़ी में चावल मिलों की संख्या है अधिक

नगड़ी में चावल मिलों की संख्या अधिक है. यहां पर बाबा राइस मिल्स, सरावगी राइस मिल्स, तुल्सयान राइस मिल्स समेत एक दर्जन से अधिक चावल मिल हैं. इन मिलों से मोटे, बासमती और अरवा चावल की प्रोसेसिंग की जाती है और स्थानीय जरूरतों को पूरा किया जाता है.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

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