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चांसलर पोर्टल के कारण बर्बाद हो रहा छात्रों का पैसा और समय, सिस्टम में सिर्फ खामियां

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Ranchi : रांची यूनिवर्सिटी के छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी को श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की तर्ज पर अपना सॉफ्टवेयर तैयार कर नामांकन लेना चाहिए. चांसलर पोर्टल से सारी प्रक्रिया होने की वजह से छात्रों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है.

सिस्टम में कई तरह की खामियां हैं. इस बारे में छात्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को चांसलर पोर्टल की वजह से बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. परीक्षा फॉर्म भरना हो या नामांकन कराना हो, इसके अलावा किसी भी अन्य काम के लिए दिक्क्तें हो रही हैं.

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छात्रों का कहना है कि कभी-कभी तो लिंक ही नहीं रहता. साथ ही कई बार तो लिंक रहने पर भी पैसे कट जाते हैं पर प्रोसेस नहीं होता. छात्रों का कहना है कि लिंक की वजह से फॉर्म नहीं भरा पा रहा , जिससे परीक्षा में भी दिक्कत हो रही है. इसके अलावा स्कॉलरशिप भी सही समय पर नहीं मिल पा रहा है.

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सीनेटर तक कर चुके हैं चांसलर पोर्टल का विरोध

चांसलर पोर्टल में आ रही खामियों की वजह से रांची यूनिवर्सिटी के दो सीनेटर अटल पांडेय और शशांक राज ने भी इसका विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि बिना तैयारी के चांसलर पोर्टल से एडमिशन नहीं लेना कहीं से भी उचित नहीं है. इससे कई तरह की समस्या का सामना पड़ रहा है. आरयू के ज्यादातर कॉलेजों में गरीब परिवार के स्टूडेंट्स ही पढ़ते हैं. इसलिए ऑनलाइन व्यवस्था भी चालू रखने की बात कही है.

Bharat Electronics 10 Dec 2019
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जानकारी के अनुसार महिला रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत नावाडीह पंचायत क्षेत्र की निवासी थी.  महिला की पुत्री ने बताया कि उसकी मां सोमवार शाम चार बजे बाजार के लिए निकली थी

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पिछले साल एडमिशन में लगा था तीन महीने से ज्यादा वक्त

चांसलर पोर्टल की वजह से पिछले साल एडमिशन में तीन महीने से अधिक का समय लग गया था. इस साल भी अभी तक नामांकन प्रक्रिया चालू नहीं हो सकी है. सोमवार को चांसलर पोर्टल बंद कराने को लेकर आरयू के कुलपति रमेश कुमार पांडेय से बातचीत की गयी थी, वार्ता विफल होने के बाद तालाबंदी भी किया गया था.

चांसलर पोर्टल के कारण ही परीक्षा में हुई देरी

छात्रों का कहना है कि चांसलर पोर्टल के फेर की वजह से ही सत्र लेट चल रहा है. ओम वर्मा का कहना है कि अगर चांसलर पोर्टल से ही सारी प्रक्रिया होगी, तो तीन साल में पूरा होने वाला यूजी पांच साल में और दो साल में पूरा होने वाला पीजी तीन साल में पूरा होगा.

वहीं छात्रा कोमल का कहना है कि परीक्षा में देरी होने से परेशानी हो रही है, रांची विवि अगर एसपीएमयू की तर्ज पर अपना सिस्टम बनाकर काम करे तो दिक्कत नहीं होगी.

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