न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मॉनसून सत्र : अंतिम दिन हंगामे के कारण राज्यसभा में तीन तलाक बिल नहीं हो सका पेश  

मॉनसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सहमति नहीं बन पाने के कारण मुस्लिम महिलाओं का तीन तलाक बिल टाल दिया गया.

286

NewDelhi : मॉनसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सहमति नहीं बन पाने के कारण मुस्लिम महिलाओं का तीन तलाक बिल टाल दिया गया. राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने इसकी घोषणा की. कहा कि बिल पर सदन एकमत नहीं है, इसलिए इसे आज नहीं रखा जायेगा. बता दें कि एक दिन पहले ही केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को संशोधनों के साथ मंजूरी दी थी. कहा जा रहा है कि अब तीन तलाक बिल शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा. हालांकि सरकार के पास इस पर अध्यादेश लाने का भी विकल्प है.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि  राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश करने की कोशिश से भाजपा को अब कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है. हालांकि तीन तलाक बिल पर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कहा कि इस पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है.

इसे भी पढ़ें- राज्यपाल बोलीं- सिर्फ विश्व आदिवासी दिवस के दिन समारोह आयोजित कर साल भर भूल जाने से विकास नहीं होगा

कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित

Trade Friends

बता दें कि मॉनसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित की गयी. दोपहर बाद 2.30 बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो सभापति ने साफ कर दिया कि इस बिल को आज नहीं लिया जाएगा. संसद के मॉनसून सत्र का आज आखिरी दिन है, ऐसे में सरकार की इसी सत्र में तीन तलाक बिल पास कराने की मंशा पूरी नहीं हुई.

इसे भी पढ़ें- सरकार के दबाव में न झुकें मीडिया मालिक, एडिटर्स गिल्ड ने की अपील

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 में तीन संशोधनों को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 में तीन संशोधनों को मंजूरी दे दी है. सरकार ने गुरुवार को मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक से जुड़े प्रस्तावित कानून में आरोपी को सुनवाई से पहले जमानत देने जैसे कुछ प्रावधानों को मंजूरी दी थी. दरअसल, इस कदम के जरिए कैबिनेट ने उन चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है जिसमें तीन तलाक की परंपरा को अवैध घोषित करने तथा पति को तीन साल तक की सजा देनेवाले प्रस्तावित कानून के दुरुपयोग की बात कही जा रही थी.  यह राज्यसभा में लंबित है, जहां भाजपा की अगुआई वाले राजग के पास बहुमत नहीं है.

इसे भी पढ़ेंःलालू यादव को हाईकोर्ट से राहत, 20 अगस्त तक बढ़ी जमानत अवधि

तीन तलाक बिल पर प्रस्तावित कानून गैरजमानती बना रहेगा

तीन तलाक बिल पर प्रस्तावित कानून गैरजमानती बना रहेगा लेकिन आरोपी जमानत मांगने के लिए सुनवाई से पूर्व भी मैजिस्ट्रेट से गुहार लगा सकता है. गैरजमानती कानून के तहत, पुलिस द्वारा थाने में जमानत नहीं दी जा सकती है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रावधान इसलिए जोड़ा गया है ताकि मैजिस्ट्रेट पत्नी को सुनने के बाद जमानत दे सकें. उन्होंने स्पष्ट किया, हालांकि प्रस्तावित कानून में तीन तलाक का अपराध गैरजमानती बना रहेगा.

सूत्रों का कहना है कि मैजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि जमानत तभी दी जाये जब पति विधेयक के अनुसार पत्नी को मुआवजा देने पर सहमत हो. मुआवजे की राशि मैजिस्ट्रेट द्वारा तय की जायेगी.  पुलिस केवल तब प्राथमिकी दर्ज करेगी जब पीड़ित पत्नी, उसके किसी संबंधी या शादी के बाद रिश्तेदार बने किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस से गुहार लगाई जाती है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.  

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like