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नक्सलियों के बैंक खाते होंगे फ्रीज, एनआईए, आईबी, सीआईडी और ईडी कर रही है जांच

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Ranchi: झारखंड में नक्सलियों के द्वारा लेवी के द्वारा लाखो करोड़ों रुपए वसूल कर बैंक में जमा किए गए है. ऐसे नक्सलियों के खाते की पहचान कर उसे सील किया गया जायेगा. एनआईए, आईबी, सीआईडी और ईडी जैसे जांच एजेन्सी के बैंक में नक्सलियों के खाते की जांच की जा रही है. हाल के दिनों में जांच एजेंसी के द्वारा झारखंड में सक्रिय 40 नक्सलियों के बैंक खातों में 55 करोड़ रुपए होने की जानकारी मिलने के बाद जांच एजेंसी, पुलिस और बैंक प्रशासन ने इन खातों को फ्रीज करते हुए इनसे लेनदेन पर रोक लगा दी थी.

 पहचान सार्वजनिक नहीं होने से खोल दिये गया खाता 

जांच एजेंसियों के द्वारा की गयी जांच में पता चला है की नक्सलियों ने बैंकों में खाते खुलवाने के लिए जो कागजात जमा किए हैं वो सही हैं. नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाने के कारण उनके खाते खोल दिये गये. बैंकों में 15 ऐसे नक्सली का खाता खुला हुआ है जिनके ऊपर सरकार ने इनाम घोषित करके रखा है.

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 झारखंड के कई शहरों के बैंक में नक्सलियों के खाते को किया गया फ्रीज

हाल के दिनों में नक्सलियों के झारखंड के कई शहरों के बैंक में है नक्सलियों के खाते को फ्रीज किया गया है. फ्रीज किए गए बैंक खाते रांची, जमशेदपुर, चाईबासा और चतरा जिले में हैं. नक्सलियों के कई और बैंक खाते फ्रीज करने की अनुशंसा की गयी है. राजधानी के निजी बैंक एचडीएफसी बैंक की अरगोड़ा शाखा में नक्सली के बैंक खाते को फ्रीज किया गया है. जमशेदपुर के गुड़ाबंधा और चाईबासा के ग्रामीण इलाकों के बैंकों में चल रहे नक्सलियों के बैंक खाते सीज किए गये हैं.

 छोटू सिंह के खाते में मिला है 17 करोड़  

छोटू सिंह के खाते में मिले 17  करोड रुपये को एनआईए ने बैंक खाते को फ्रीज करवा दिया है. सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह चतरा जिले के सिमरिया का रहनेवाला है. उसे एनआईए की टीम ने 12 नवंबर को रांची से गिरफ्तार किया था. फिलहाल छोटू सिंह रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद है. छोटू पर नक्सली संगठन टीपीसी के लिए फंड जुटाने का आरोप है.

ट्रांसपोर्टर था छोटू सिंह 

छोटू सिंह पहले ट्रांसपोर्टिंग का काम किया करता था. एनआईए को जानकारी मिली थी कि सुधांशु टीपीसी के लिए भी काम करता है. नक्सलियों को लेवी पहुंचाने में उसकी अहम भूमिका है. छोटू सिंह टीपीसी कमांडर आक्रमण के लिए काम किया करता था.

 इन नक्सलियों के भी खाते किये गये हैं फ्रीज 

चतरा में नक्सली संगठन टीपीसी के इनामी उग्रवादियों के बैंक खाते फ्रीज किये गये हैं. इनमें आक्रमण, ब्रजेश गंझू, बिंदु गंझू, राकेश गंझू, शेखर गंझू जैसे नाम शामिल हैं. इनके अलावा कोहराम, आरिफ, करमपाल, कबीर जैसे इनामी नक्सलियों के भी बैंक खाते फ्रीज किये गये हैं. टीपीसी और एमसीसीआई के कई उग्रवादियों ने अपना पैसा रिश्तेदारों के खाते में जमा कराया है, जिसका पता चलने के बाद उनसे लेनदेन पर रोक लगा दी गयी है. इसके साथ- साथ जनधन खातों पर भी नजर रखी जा रही है.

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 100 से अधिक बैंक खाते पर है जांच एजेंसी की नजर

एनआईए, आईबी, सीआईडी और ईडी की नजर में नक्सलियों के 100 से अधिक बैंक खाते हैं. पुलिस के साथ प्रवर्तन निदेशालय की पटना ईकाई नक्सलियों के खातों की जांच कर रही है. ईडी हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस बात की जांच कर रहा है कि नक्सलियों की किस स्त्रोत से इतनी बड़ी राशि उनके बैंक खातों में पहुंची है.

 नक्सली बन रहे है करोड़पति 

राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने दो वर्ष पूर्व यह दावा किया था कि झारखंड नक्सलमुक्त राज्य होगा. फिर भी नक्सलियों के खात्मे की अवधि बढ़ती गयी.  आज के दिन में नक्सली लेवी वसूल कर करोड़ों रुपए की कमाई कर रहे हैं. नक्सली कोयले के अवैध कारोबार सहित कोयले की लोडिंग से एक निश्चित राशि लेवी के रूप में वसूलते हैं. नक्सली संगठनों की इजाजत के बिना यहां न तो कोयले का उठाव हो सकता है और न ही लोडिंग. इससे नक्सली आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे है.

एक साल में दो हजार करोड़ की लेवी वसूल करते हैं नक्सली 

एक अनुमान के मुताबिक नक्सली एक साल में पूरे झारखंड से लगभग दो हजार करोड़ की लेवी वसूल करते हैं. नक्सलियों की इस कमाई की जानकारी राज्य सरकार को भी है. कुछ नक्सलियों के संबंध में पुख्ता जानकारी भी विभाग ने एकत्र की है. नक्सलियों की सम्पत्ति की जब्ती के लिए राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाये हैं. लेकिन अब नक्सलियों की सम्पत्ति की जांच एनआईए, सीआईडी, ईडी जैसी एजेंसियां कर रही हैं.

 क्या कहते एडीजी आरके मल्लिक

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कुछ नक्सलियों के बैंक खाते को फ्रीज किया गया है और नक्सलियों के बैंक और प्रापर्टी डिटेल्स की जानकारी खोजा जा रहा है. जैसे जैसे नक्सलियों के बैंक में खाते की जानकारी मिलते जाएगी सभी को फ्रीज कर दिया जायेगा.

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