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NDA VS UPA: लोकसभा चुनाव 2019- किसमें है कितना दम, जानें क्या कहते हैं आंकड़े

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Pravin Kumar

Ranchi: लोकसभा चुनाव 2019 के आगाज के साथ ही पार्टियां राज्य में गठबंधन के सहारे चुनावी नैया पार लगने की कोशिश में है. एक ओर संविधान और साप्रंदायिकता के लिए खतरा बता भाजपा को राज्य की सत्ता से बाहर रखने की रणनीति के तहत कांग्रेस,झाविमो,झामुमो और आरजेडी महागठबंधन के नाम से एकसाथ चुनाव लड़ रही हैं.

तो दूसरी ओर भाजपा और आजसू मिलकर ताल ठोक रहे हैं. महागठबंधन में वाम दलों को स्थान नहीं मिलने के कारण वाम मोर्चा बनाकर वाम पार्टियां भी चुनाव में जुट चुकी है.

सभी दलों ने नये अंदाज और नई रणनीति के साथ तैयारी शुरू कर दी है. बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन और कार्यकर्ताओं को गोलबंद करने में लगे हैं. वहीं 2014 के आम चुनाव के वोट प्रतिशत को देखे तो महागठबंधन का पलड़ा भारी दिख रहा है. बर्शते महागठबंधन में भीतरघात न हो.

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2014 में 16वीं लोकसभा का चुनाव भाजपा के लिए बेहतर साबित हुआ. इसमें मोदी लहर ने तो कांग्रेस का सफाया ही कर दिया. हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी दो सीटें बचाने में कामयाब रहा. राजमहल और दुमका सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की. वहीं बाकी 12 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत हासिल की.

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आइये जानते हैं झारखंड के 14 लोकसभा सीटों का विशलेषण-

राजमहल लोकसभा सीट

2014 में राजमहल सीट से जेएमएम ने जीत दर्ज की. यहां जेएमएम-जेवीएम ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. वहीं बीजेपी और आजसू के साथ थे, जबकि सीपीआई अकेले चुनावी मैदान में थी.

पार्टीकितने मिले थे वोटपार्टीकितने मिले थे वोटपार्टीकितने मिले थे वोट
झाविमो97374भाजपा338170सीपीआई58034
जेएमएम379509आजसू6761  
 476883(कुल वोट) 344931 58034(कुल वोट)

 

2014 में राजमहल लोकसभा सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जीत दर्ज की. झारखंड विकास मोर्चा के साथ आने के बाद इस सीट पर झामुमो की पकड़ और मजबूत दिख रही है. वहीं भाजपा सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी का फायदा भी झारखंड मुक्ति मोर्चा उम्मीदवार को मिल सकता है.

एनडीए घटक दलों के मिलकर लड़ने के बाद आजसू के भी कुछ वोट राजमहल लोकसभा में हैं, जो भाजपा के साथ आयेंगे. भाजपा के समक्ष यह चुनौती है कि अपने पुराने वोटों में इजाफा करे. लेकिन सरकार के प्रति एंटी इनकंबेंसी को कैसे रोके यह उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. वाम दल भी इस सीट पर अपने आधार बढ़ाने में लगे हैं.

दुमका लोकसभा सीट

पार्टीकितने मिले थे वोटपार्टीकितने मिले थे वोटपार्टीकितने मिले थे वोट
झाविमो158122भाजपा296787माले5813
जेएमएम337815    
 493937(कुल वोट) 296787(कुल वोट) 5813(कुल वोट)

 

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दुमका लोकसभा क्षेत्र झारखंड मुक्ति मोर्चा का गढ़ रहा है. बाबूलाल मरांडी के साथ आने से झारखंड मुक्ति मोर्चा को अपनी सीट को कायम रखने में मदद मिलेगी. इलाके से लगातार सांसद रहने के कारण शिबू सोरेन को लेकर दुमका के वोटरो के मन में सम्मान रहने के बाद भी विकास को लेकर नाराजगी हाल के दिनों में बढ़ी है.

ग्रामीण अंचलों का समुचित विकास नहीं हो पाया है. कई गांवों में आज भी सड़क, पेयजल, शिक्षा,बिजली की समस्या कायम है. इस एंटी इनकंबेंसी का लाभ भाजपा उठा सकती है. भाजपा इस सीट पर विकास के मुद्दे पर शिबू सोरेन को पटखनी देने की कोशिश कर सकती है.

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गोड्डा लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो193456भाजपा380500माले4344
कांग्रेस319818आजसू10998  
 513274(कुल वोट) 391498(कुल वोट) 4344(कुल वोट)

 

आंकड़ों के मुताबिक, गोड्डा लोकसभा सीट यूपीए गठबंधन निकाल सकता है. बशर्ते टिकट ना मिलने से नाराज उम्मीदवार प्रदीप यादव का खेल ना बिगाड़े. वहीं दूसरी ओर एनडीए उम्मीदवार निशिकांत दुबे के प्रति देवघर में एक खास समुदाय की नाराजगी लुटिया डुबोने का काम कर सकती है.

क्षेत्र से बाहर रहना इनके लिए भारी पड़ सकता है. गोड्डा लोकसभा सीट विस्थापन और जमीन आंदोलन की मजबूती की स्थिति भी दर्शा सकती है.

चतरा लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो104176भाजपा295862माले21261

 

कांग्रेस117836आजसू35674सीपीआई8341

 

 222012(कुल वोट) 331536(कुल वोट) 29602 (कुल वोट)

 

चतरा लोकसभा सीट पर स्थानीय उम्मीदवार की मांग ने सभी पार्टियों को परेशान कर दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए इस सीट पर मजबूत लग रही है. लेकिन वर्तमान सांसद के क्षेत्र में कम उपस्थिति और सरकार के प्रति एंटी इनकंबेंसी एनडीए को मुश्किल में डल सकता है. एनडीए और यूपीए से अलग भी परिणाम आ सकते हैं, हाल के दिन में धन बल के प्रयोग के कारण चतरा लोकसभा सीट चर्चा में रही है.

कोडरमा लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो160638भाजपा365410माले266756

 

कांग्रेस60330आजसू25522फॉरवर्ड ब्लॉक6992

 

 220968(कुल वोट) 390932 (कुल वोट) 273748

(कुल वोट)

 

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2014 में इस सीट से बीजेपी को सफलता मिली थी. लेकिन इसबार कोडरमा लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन गयी है. एक ओर जहां यूपीए गठबंधन के उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी हैं तो दूसरी ओर एनडीए ने राजद से पाला बदलकर बीजेपी में आयीं अन्नपूर्णा देवी पर भरोसा जताया है.

वहीं वाम दल चुनाव में अपने दारोमदार पर उपस्थिति दर्ज करने की कोशिश में लगा है. यह लोकसभा सीट झाविमो की प्रतिष्ठा की सीट बन गई है. यहां से पार्टी सुप्रीमो खुद ही मैदान में डटे हैं.

गिरिडीह लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो57380भाजपा391913फॉरवर्ड ब्लॉक2988
झामुमो351600आजसू55531  
 408980(कुल वोट) 447444(कुल वोट) 2988 (कुल वोट)

 

गिरिडीह लोकसभा सीट पिछली बार बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. वहीं इस बार मुकाबला  रोचक होने की संभावना है. एक ओर जहां अपनी सीटिंग सीट भाजपा ने आजसू को दे दी है.

वहीं दूसरी ओर महागठबंधन का भी मजबूत जनाधार गिरीडीह सीट पर रहा है. वहीं वामदलों की उपस्थिति गिरिडीह लोकसभा सीट पर नाम मात्र की रही है. अगर भाजपा सांसद रविंद्र पांडे बागी बने तो आजसू के लिए मुसीबत का कारण बन सकते हैं.

चाईबासा लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो35681भाजपा303131फॉरवर्ड ब्लॉक16952
कांग्रेस+ जभसप111796+215603    
 363080(कुल वोट) 303131(कुल वोट) 16952(कुल वोट)

 

पिछली बार बीजेपी के खाते में गयी थी. वहीं इस बार चाईबासा लोकसभा सीट पर गीता कोड़ा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यूपीए खुद को मजबूत स्थिति में पा रहा है.

झामुमो के विधायकों का सहयोग अगर गीता कोड़ को नहीं मिला तो महागठबंधन की गंठ इस सीट पर कमजोर पड़ सकती है. इलाके में राशन, पेंशन जैसी समस्या सभी उम्मीदवारों की नींद हराम कर सकती है.

वहीं भाजपा उम्मीदवार को सरकार की एंटी इनकंबेंसी का सामना करना पडेगा. साथ ही सरकार की नीतियों के कारण भाजपा उम्मीदवार को परेशानी झेलनी पड़ सकती है.

पुराने कांग्रेसी इस सीट पर कांग्रेस कैंडिडेट का खेल बिगाड़ सकते हैं. वहीं फॉरवर्ड ब्लॉक आंशिक उपस्थिति वामदलों को कैडर विस्तार के लिए प्रेरित कर रहा है.

धनबाद लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो90926भाजपा543491फॉरवर्ड ब्लॉक16952
कांग्रेस250537आजसू21277मासस110185
 341463(कुल वोट) 564768 (कुल वोट) 127137 (कुल वोट)

 

धनबाद लोकसभा सीट में भाजपा का मजबूत जनाधार रहा है. भाजपा ने वर्तमान सांसद को ही अपना उम्मीदवार बनाया है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार की नीतियां, नोटबंदी जीएसटी जैसे मामले भाजपा उम्मीदवार को परेशान कर सकते हैं.

वहीं कांग्रेस के अपने उम्मीदवार की घोषणा करने के कारण स्थानीय कांग्रेसी नेता कई खेमों में बंटे है. जिसमें सबसे मजबूत ददई दूबे दिख रहे है. वहीं वाम दल को कांग्रेस अपने पाले में कर पाती हैं तो, कांग्रेस की स्थिति मजबूत बन सकती है.

मजबूत और स्थानीय उम्मीदवार ही इस सीट पर भाजपा को टक्कर दे सकते हैं. बाहरी उम्मीदवार को स्थानीय कांग्रेसी नेताओं का सहयोग मिलना मुश्किल होगा, ऐसे में भाजपा इस सीट पर मजबूत लग रही है.

रांची लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो67705भाजपा448729माले+ माले रेडी स्टार3877+14898
कांग्रेस249426आजसू148729सीपीआई10178

 

 317131(कुल वोट) 597458 (कुल वोट) 28953 (कुल वोट)

 

रांची लोकसभा सीट भाजपा के लिए गले का कांटा बन चुकी है. रामटहल चौधरी ने टिकट कटने के कारण बगावती तेवर अख्तियार कर लिया है. और निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.रामटहल चौधरी का सजातिये वोट इस बार भाजपा से विदक सकता है. बीजेपी ने खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ को टिकट दी है.

वहीं कांग्रेस उम्मीदवार सुबोध कांत महागठबंधन के जरिये अपना वनवास खत्म करने को अमादा हैं. हाल के दिन में विभिन्न जन संगठनों के साथ जुड़कर सुबोध कांत संघर्ष करते नजर आए. कांग्रेस के लिए बदली परिस्थिति में रांची सुरक्षित नजर आ रही है. लेकिन आदिवासी वोट कितना अपने पाले में कर पाते हैं, इस पर हार-जीत निर्भर करेगी.

जमशेदपुर लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो364277भाजपा464153एससीयूआई3700
कांग्रेस138109    
 502386 (कुल वोट) 464153 (कुल वोट) 3700 (कुल वोट)

 

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शहरी मतदाताओं पर भाजपा की मजबूत पकड़ इस सीट को अपने पाले में कायम रख सकती है. भाजपा के सर्वे में भी सीट मजबूत बतायी गयी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा उम्मीदवार की पकड़ ग्रामीण इलाकों में है. ऐसे में महागठबंधन को सीट निकालने के लिए पसीना बहाना पड़ेंगा.

भाजपा की मजबूत पकड़ के कारण ही कांग्रेस अध्यक्ष ने इस सीट पर अपनी दावेदारी नहीं की. वैसे डा. अजय की जमशेदपुर सीट पर खास पहचान रही है, जिसे महगठबंधन वोट में बदल सकता है. लेकिन यह नतीजे ही अब बतायेंगे.

खूंटी लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो25514भाजपा269185
कांग्रेस147017आजसू27158
 172531 (कुल वोट) 296343 (कुल वोट)

 

खूंटी लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने 8 बार के सांसद कड़िया मुंडा का टिकट काटकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को दिया है. वहीं दूसरी ओर आदिवासी आंदोलनों का मजबूत केंद्र रहने के कारण भाजपा को एंटी इनकंबेंसी का सामना करना पड़ सकता है.

महागठबंधन की भी जीत आसान नहीं है, इस सीट पर स्थानीय लोग खूंटी क्षेत्र के उम्मीदवार की मांग कर रहे हैं. ऐसा उम्मीदवार जो आदिवासी सवाल को लेकर सड़क से संसद तक अपनी बात को रखे. ऐसे में खूंटी का मुकाबला देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपना भगवा झंडा फहरा पाती है या महागठबंधन यह सीट अपने खाते में करती हैं.

लोहरदगा लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो26109भाजपा226666माले13252
कांग्रेस220177    
 246286 (कुल वोट) 226666 (कुल वोट) 13252 (कुल वोट)

 

लोहरदगा लोकसभा सीट का मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है. इस सीट पर  किसी भी उम्मीदवार ने अपनी हैट्रिक अब तक पूरी नहीं की है. भाजपा उम्मीदवार सुदर्शन भगत के समक्ष यह चुनौती होगी.

वहीं दूसरी ओर महागठबंधन उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत मैदान में हैं, जिन्हें कांग्रेसियों के भीतरघात का भी सामना करना पड़ सकता है.

पलामू लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो156832भाजपा476513माले8386
कांग्रेस37043    
 193875 (कुल वोट) 476513 (कुल वोट) 8386 (कुल वोट)

 

पलामू लोकसभा सीट में कांटे का मुकाबला होने की संभावना है. महागठबंधन में यह सीट आरजेडी को मिली है. लेकिन आरजेडी में भगदड़ ने महागठबंधन को कमजोर बनाया है.

वहीं दूसरी ओर पलामू के कई ऐसे मुद्दे हैं, जो भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं. भाजपा सांसद वीडी राम उन चुनौतियों का किस कदर सामना करते हैं, इस पर हार-जीत निर्भर करती है.

हजारीबाग लोकसभा सीट

पार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोटपार्टी2014 में कितने मिले थे वोट
झाविमो30408भाजपा4406931माले+ फॉरवर्ड ब्लॉक8453+4423
कांग्रेस247803आजसू156186सीपीआई30326
 278211 (कुल वोट) 476513 (कुल वोट) 43202 (कुल वोट)

 

हजारीबाग लोकसभा सीट भाजपा के लिए खास है. मोदी सरकार के मंत्री जयंत सिन्हा संसद भवन पहुंचने की दौड़ में आंकड़े के अनुसार आगे हैं. लेकिन हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में विस्थापन संबंधी आंदोलन और सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी जयंत के समक्ष मुश्किल पैदा कर सकती है.

कांग्रेस खाते में गई इस सीट पर कांग्रेस के समक्ष मजबूत उम्मीदवार उतारने की चुनौती है. ऐसे में अब देखना यह है कि महागठबंधन का उम्मीदवार, जयंत सिंहा का रास्ता रोक पाते हैं या नहीं. यह तो चुनाव नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा.

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