न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

फुल फर्निश्ड बोकारो डीसी आवास में छह महीने में खर्च कर दिये गये करीब 2 करोड़, अब टेंडर करके भुगतान की कोशिश

2,944

Bokaro: बोकारो जिले में डीसी और एसपी 2017 सितंबर से पहले बीएसएल आवास में रहते थे. जबकि सरकार की तरफ से बोकारो जिले में डीसी और एसपी के लिए लाखों खर्च कर आवास बनाया गया था. अधिकारियों के वहां नहीं रहने से दोनों बंगले खंडहर में बदल गये थे. 2017 में झारखंड के सीएस ने अधिकारियों को सरकारी बंगले में शिफ्ट होने का निर्देश दिया. निर्देश के बाद फिर से लाखों रुपये खर्च कर दोनों बंगले को अधिकारियों के रहने लायक बनाया गया. सभी खर्चों को जोड़े तो दोनों बंगले में अधिकारियों के शिफ्ट होने तक करीब पांच करोड़ रुपये के करीब खर्च हो चुके थे. 27 सितंबर 2017 को तत्कालीन डीसी राय महिमापत रे बंगले में शिफ्ट हुए. शिफ्ट होने के बाद भी बोकारो के भवन प्रमंडल ने ठेकेदारों ने सिर्फ छह महीने में करीब दो करोड़ का और काम करा दिया. जबकि डीसी के बंगले में शिफ्ट होने से पहले ही बंगले फुल फर्निश्ड हुए थे.

इसे भी पढ़ें – बोकारो : बोकारो थर्मल में कोयला के अवैध ठिकानों पर छापेमारी, 100 टन कोयला जब्त

तत्कालीन डीसी ने महिमापत ने बनायी थी जांच समिति

फुल फर्निश्ड बंगले में शिफ्ट होने के बाद सिर्फ छह महीने में दो करोड़ के करीब खर्च होने की बात शायद ही किसी के गले में उतरे. वही हुआ. तत्कालीन डीसी राय महिमापर रे को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने काम की गुणवत्ता देखते हुए किये गये सभी कामों के लिए एक जांच समिति बनायी. जांच समिति में उस वक्त के तत्कालीन प्रभारी नजारत उप समाहर्ता और पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को शामिल किया गया. समिति में शामिल अधिकारी जब जांच करने लगे तो भवन प्रमंडल की तरफ से जांच में सहयोग नहीं किया जाने लगा. फरवरी 2018 में डीसी महिमित रे का तबादला रांची डीसी के पद पर हो गया. धीरे-धीरे जांच रुक गयी और फाइल ठंडे बस्ते में चली गयी. महिमापत रे के जाने के बाद बोकारो के डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल बने. लेकिन उन्होंने जांच को आगे बढ़ाने का निर्देश नहीं दिया. जबकि वो भी उसी आवास में रहते थे. सारा कुछ उनकी आंखों के सामने था. जांच ठंडे बस्ते में जाने के बाद अब धीरे-धीरे टेंडर निकाल कर काम को मैनेज किया जा रहा है.

Trade Friends

इसे भी पढ़ें – बुलंदशहर हिंसा: 7 आरोपी जमानत पर छूटे, जेल से निकलने पर फूल-मालाओं से हुआ स्वागत, सेल्फी ली, जय श्री राम के नारे लगे

फुल फर्निश्ड बंगले में 14 लाख मिट्टी भराने में खर्च

भवन प्रमंडल के अधिकारी और ठेकेदारों ने फुल फर्निश्ड डीसी आवास में 14,02,700 रुपये की सिर्फ मिट्टी भरायी का काम किया. तत्कालीन डीसी महिमापत रे ने बंगले में 27 सितंबर को शिफ्ट किया था और 25 अक्टूबर 2017 को खिड़की लगाने के लिए 2.5 लाख का टेंडर निकला. एक नवंबर को आवास में लॉन में मिट्टी भराने के लिए 14,02,700 का टेंडर निकाला गया. एक नवंबर को डीसी आवास में गोपनीय कार्यालय के निर्माण के लिए 20, 64 800 रुपये का टेंडर निकला. उसी दिन डीसी आवास में वेटिंग रूम के मेनटेनेंस के लिए 9,92900 रुपये का टेंडर निकला. छह दिसंबर को डीसी आवास की बाउंड्रीवाल को ऊंचा और दूसरे काम के लिए 46, 90 650 रुपये टेंडर निकला. चार सितंबर 2019 को डीसी आवास में पाथ-वे, पीसीसी पथ, गाय के शेड के लिए 29, 33 300 रुपये का टेंडर खुलेगा जो बन कर पहले ही तैयार हो चुका है. वहीं चार सितंबर 2019 को डीसी आवास में रंग रोगन एवं दूसरे काम के लिए 9, 92 900 रुपये का टेंडर खुलना है.

इसे भी पढ़ें – आतंकी फंडिंग में BJP IT CELL से जुड़े तीन गिरफ्तार, दिग्विजय ने कहा- धिक्कार है शिवराज, तुम्हारे चेले ISI के एजेंट

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like