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#Economoic_slowdown अगले साल मार्च तक बिक सकती है एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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New Delhi :  कर्ज में डूबी देश की दो बड़ी कंपनियों एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को अगले साल मार्च तक सरकार द्वारा बेचा जा सकता है. नयी दिल्ली में वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण मीडिया को दिये इंटरव्यू में यह बात कही है.

निर्मला सीतारमण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है. और उस पर लगभग 58 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. वित्त मंत्री ने कहा है कि हम दोनों पर इस उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि हम इस साल इसे पूरा कर सकते हैं. इससे घाटे की असली  स्थिति का पता चल सकेगा.’

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टेलीकॉम कंपनियों के घाटे पर चिंता

देशभर की टेलीकॉम समस्या पर  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कोई कंपनी अपना कारोबार बंद करे, वे इस प्रयास में हैं. गौरतलब है कि नवंबर के आरंभ में एयर इंडिया के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एयर इंडिया के कर्मचारियों को एक पत्र लिखा था. उन्होंने लिखा था विभाजन एयरलाइन की स्थिरता को सक्षम कर सकता है. इसे आगे बढ़ाते हुए सीतारमण ने कहा कि एयर इंडिया के लिए इन्वेस्टर्स के बीच अच्छा रुझान देखा जा रहा है.’

पिछले साल नहीं मिला था कोई खरीदार

आपको बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने एयरलाइन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण को रद्द करने के लिए एयर इंडिया के लिए EoI आमंत्रित किया था. लेकिन इसे कोई खरीदार नहीं मिला था. सरकार के पास वर्तमान में एयर इंडिया की 100 प्रतिशत इक्विटी है.

वहीं, एयर इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री को पिछले साल भी कोई अच्छा रिस्पांस नहीं मिला. क्योंकि निवेशकों ने शेष 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सरकारी हस्तक्षेप की आशंका जताई थी. विमानन सलाहकार फर्म सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन ने इस बात की तस्दीक की है. अब इस रुकावट को दूर कर लिया गया है.

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4600 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग नुकसान हो चुका है

एयर इंडिया को पिछले वित्त वर्ष में लगभग 4600 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग नुकसान हो चुका है. तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी मुद्रा में गिरावट की वजह से ऐसा हुआ है. दूसरी ओर कर्ज से लदी मालवाहक कंपनियों के आला अफसरों के मुताबिक, 2019-20 में परिचालन में लाभ होने की आशा है.

गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम का कुल बाजार लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपये का है. केंद्र सरकार इसकी 53 प्रतिशत की बिक्री के साथ, सरकार किसी भी प्रवेश प्रीमियम सहित लगभग 65,000 करोड़ रुपये की निकासी की उम्मीद कर रही है.

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