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 लोकसभा में एनआईए संशोधन बिल  : ओवैसी  की आपत्ति  पर बोले अमित शाह , सुनने की आदत डालिए, सुनना ही पड़ेगा

पुलिस ने कुछ अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले संदिग्धों को पकड़ा तो सीधे मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से कहा कि ऐसा मत कीजिए वरना आपकी नौकरी चली जायेगी.  

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NewDelhi : सोमवार को  लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) को अधिक ताकत देने वाला संशोधन बिल पेश किया गया.  इस पर चर्चा दौरान जब सरकार की तरफ से  भाजपा  के सांसद सत्यपाल सिंह बोल रहे थे, तभी हो-हंगामा शुरू हो गया. सत्यपाल सिंह के भाषण के बीच एआईएमआईएमके प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बीच में खड़े हुए और विरोध किया.

लेकिन इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और ओवैसी से कहा कि आपको सुनना ही पड़ेगा. जान लें कि एनआईए संशोधित बिल पर जब सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरू हुई तो चर्चा के दौरान मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और भाजपा सांसद ने सत्यपाल सिंह ने कहा कि आतंकवाद इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम उसे राजनीतिक चश्मे से देखते हैं जबकि हमें उससे मिलकर लड़ना चाहिए.

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कहा कि मुंबई ने आतंकवाद को खूब झेला है क्योंकि वहां भी इसे राजनीतिक आईने में देखा गया.  सत्यपाल सिंह ने कहा कि हैदराबाद धमाकों में जब पुलिस ने कुछ अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले संदिग्धों को पकड़ा तो सीधे मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से कहा कि ऐसा मत कीजिए वरना आपकी नौकरी चली जायेगी.

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भाजपा सांसद के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी  की आपत्ति

भाजपा सांसद के इस बयान पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई. अभी ओवैसी ने बोलना शुरू ही किया था कि गृह मंत्री अमित शाह खड़े हो गये. शाह ने कहा कि ओवैसी साहब सुनने की भी ताकत रखिए, जब ए राजा बोल रहे थे तब आप क्यों नहीं खड़े हुए, ऐसे नहीं चलेगा, सुनना भी पड़ेगा. इसके बाद सदन में हंगामा होना शुरू हो गया. बाद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दोनों सदस्य जब बोल रहे हैं तो किसी को बीच में नहीं बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ए राजा और सत्यपाल सिंह के अलग-अलग बिन्दु हैं और मैं किसी को डरा नहीं रहा हूं यह बात आपके जहन में है तो क्या किया जा सकता है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार अगर आतंकवाद के खिलाफ गंभीर है तो फिर वे मक्का मस्जिद ब्लास्ट, समझौता ब्लास्ट और अजमेर ब्लास्ट के खिलाफ अपील क्यों नहीं करते.  आरोप लगाया कि इनका अप्रोच उस समय सॉफ्ट होता है जब पीड़ित मुसलमान हो और आरोपी हिन्दू.

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