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#TerrorFunding मामले में एनआइए ने दिनेश गोप सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया 

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Ranchi: पीएलएफआइ को टेरर फंडिंग करने के मामले में एनआइए ने पीएलएफआइ के सुप्रीमो दिनेश गोप सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है.

विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर कुमार, मोहन कुमार, सुमंत कुमार, नंदलाल स्वर्णकार, चंद्रशेखर सिंह, अरुण गोप, जितेंद्र कुमार, नवीन भाई पटेल और दिनेश गोप के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है.

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बता दें इन 11 आरोपियों में 10 लोगों को एनआइए ने गिरफ्तार कर लिया है, सिर्फ दिनेश गोप फरार चल रहा है. इन आरोपियों पर जबरन वसूली के जरिए धन जुटाने के आरोप लगाये गये हैं.

पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप और उसके निकटतम सहयोगियों व उनके परिवार के लोगों के नाम पर बैंकों और शेल कंपनियों में अवैध धन का निवेश किया गया है.

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दिनेश गोप के 25.30 लाख रुपये हुए थे बरामद

यह मामला वर्ष 2016 का है जब नोटबंदी के समय बेड़ो से रेखा पेट्रोल पंप मालिक को 25.30 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस ने दावा किया था कि ये रकम दिनेश गोप की थी. पुलिस और एनआइए इन दिनों टेरर फंडिंग के नेटवर्क को तोड़ने में जुटे हैं.

इसी सिलसिले में झारखंड में लगातार कार्रवाई होती रही है. मिली जानकारी के अनुसार नोटबंदी के बाद दिनेश गोप एक करोड़ रुपये के कालेधन को व्हाइट मनी बनाना चाहता था.

जिसकी जानकारी एनआइए को मिली. इस क्रम में 10 नवंबर 2016 को 25.30 लाख रुपये जब्त किये गये. ये रुपये बेड़ो के रेखा पेट्रोल पंप के मालिक नंद किशोर महतो तक कामडारा निवासी ठेकेदार यमुना प्रसाद ने पहुंचाये थे.

रुपयों के साथ नंद किशोर महतो (हरिहरपुर, बेड़ो) पुत्र चंद्रशेखर, दामाद, बिनोद कुमार (रातू रोड, मधुकम, सुखदेवनगर) और मोहन कुमार उर्फ राजेश के पास से सात मोबाइल, एसयूवी व एसबीआइ के कुल 12 डिपोजिट स्लिप भी मिले थे.

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टेरर फंडिग मामले में एनआइए ने की थी कई जगहों पर छापेमारी

उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के टेरर फंडिग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 21 फरवरी को रांची, गुमला, खूंटी, दिल्ली और कोलकाता में करीब दस ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी में पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के निवेश से संबंधित डायरी व अन्य सुराग मिले थे.

एनआइए अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने पीएलएफआइ सुप्रीमो से जुड़ी कंपनियों और उसके करीबियों के यहां छापेमारी की.

इसमें दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस की भी मदद ली गयी थी. पीएलएफआइ सुप्रीमो व उससे जुड़े कैडरों ने कई कंपनियों में लेवी के पैसों का निवेश किया है.

निवेश संबंधी कागजात, निवेश से जुड़ी डायरी भी एनआइए ने बरामद की थी. एनआइए ने कई फर्जी पैन कार्ड व कागजात भी बरामद किये हैं.

छापेमारी के दौरान 42.79 लाख नकदी, फिक्सड डिपोजिट व बैंक खाते की डिटेल मिली थी. बैंक खातों की जांच में एनआइए ने यह पाया है कि लेवी के पैसे को पीएलएफआइ ने कई शेल कंपनियों में लगाया है.

इसके अलावा लेवी के रुपये को अलग-अलग शेल कंपनियों के साथ-साथ दिनेश गोप के परिवार के लोगों को झारखंड में हवाला ऑपरेटरों के एक नेटवर्क के माध्यम से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर किया गया था.

दो दर्जन बैंक खातों में 2.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा किया हुआ है. इस केस में 70 लाख रुपये भी सीज किये जा चुके हैं.

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