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लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से हो रहा अधिकारियों का तबादला : कांग्रेस

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  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते से मिल कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने की कार्रवाई की मांग
  • धनबाद एसएसपी और सिटी एसपी का तबादला नहीं करने पर उठाया सवाल

Ranchi : लोकसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के किये जा रहे तबादले पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते से मिला. प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने उन्हें बताया कि रघुवर सरकार ने अधिकारियों के तबादले को उद्योग के रूप में चालू कर रखा है. वर्षों से एक ही पद पर बैठे अधिकारी और कर्मचारी जहां अपनी पैरवी और पैसों के बल पर जमे हैं, वहीं ऐसे भी अधिकारी हैं, जिनका पिछले छह-आठ महीनों में कई बार तबादला हुआ है. इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसा कर सरकार चुनाव को प्रभावित करने में लगी है. प्रतिनिधिमंडल में मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर, प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव, राजीव रंजन प्रसाद, अलोक कुमार दुबे, राजेश ठाकुर जैसे नेता शामिल थे.

तबादले के खेल में जाति, धर्म और समुदाय को दिया जा रहा बढ़ावा

कांग्रेसी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बताया कि तबादले के खेल में सरकार जाति, धर्म और समुदाय को बढ़ावा दे रही है. इससे एससी/एसटी और ओबीसी अधिकारी मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं. गत 18 फरवरी को बड़े पैमाने पर 50 कार्यपालक दंडाधिकारी एवं 44 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला किया गया. इसमें भी बड़ी अनियमितता देखी गयी. पीड़ित कई अधिकारियों ने अपनी पीड़ा भी साझा की है. पूरी घटना प्रशासनिक दृष्टि से काफी चिंतनीय है.

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केंद्रीय टीम के निर्देश का हो रहा उल्लंघन

राजेश ठाकुर ने बताया कि कुछ दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग की टीम रांची आयी थी. टीम ने ऐसे अधिकारियों के तबादले का निर्देश राज्य सरकार को दिया था, जो तीन वर्षों से एक ही पद पर बैठे हैं. लेकिन, इसके उलट सरकार ने ऐसे अधिकारियों का तबादला किया, जो तीन वर्षों की सेवा भी पूरी नहीं कर सके हैं. हकीकत यह है कि आज भी कई अधिकारी शीर्ष पदों पर तीन वर्षों से कार्यरत हैं.

धनबाद जिले का उदाहरण देकर उठाया सवाल

धनबाद जिले की बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिले के एसएसपी और सिटी एसपी, जो गिरिडीह जिले के रहनेवाले हैं, का तबादला सरकार ने नहीं किया. गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में दो विधानसभा क्षेत्र टुंडी एवं बाघमारा धनबाद जिले में आते हैं. ऐसा कर सरकार चुनाव को प्रभावित करना चाहती है. सरकार के इस कृत्य पर तुरंत अंकुश लगाने एवं चुनाव आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने की मांग कांग्रेसी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है.

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