न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

विपक्ष के झारखंड बंद को भाजपा ने कहा विकास विरोधी, गिनाये भूमि अधिग्रहरण संशोधन के फायदे

वजूद बचाने के लिए विपक्ष ने एक झूठे मुद्दे पर बंद बुलाया है

1,073

Ranchi : भाजपा ने विपक्ष के झारखंड बंद पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य का विकास बाधित करने के लिए बंद बुलाया गया है. झारखंड में झामुमो-कांग्रेस समेत सम्पूर्ण विपक्ष का जनाधार खत्म हो चुका है और अपना वजूद बचाने के लिए विपक्ष ने एक झूठे मुद्दे पर बंद बुलाया है. जनता खुद इस अनैतिक और असंवैधानिक बंद को नकार देगी.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबिद और प्रवीण प्रभाकर ने बुधवार को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया है कि, विपक्ष जनता को समझा नहीं पाया है कि भूमि अधिग्रहण संशोधन प्रस्ताव का विरोध क्यों है और बंद क्यों बुलाया गया है?  साथ ही विपक्ष को राज्य विकास की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि राज्य तेजी से आगे बढ़े और इसका श्रेय भाजपा को मिले. जनता विकास चाहती है और वह इस बंद विफल कर देगी.

JMM

इसे भी पढ़ें – बंद को असंवैधानिक कहना लोकतांत्रिक नहीं

विपक्ष का बंद न तो नैतिक है और ना ही संवैधानिक

वहीं बीजेपी के दोनों प्रवक्ता ने सीध-सीधे विपक्ष पर आरोप लगाया कि विपक्ष का बंद न तो नैतिक है और ना ही संवैधानिक. जनता को परेशान करने और बरगलाने के लिए बंद बुलाया गया  है. झामुमो समेत संपूर्ण विपक्ष सदन में बहस और चर्चा से भागता है, राज्य के मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता और सड़क पर उतरकर जनता को दिग्भ्रमित करता है.

साथ ही बीजेपी की ओर से कहा गया कि जो विपक्षी नेता व विधायक कल तक भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन का सुझाव देते थे, वह आज राजनीतिक स्वार्थों के लिए अपनी बात से मुकर रहे हैं. भाजपा नेताओं ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन प्रस्ताव किसी उद्योगपति या पूंजीपति के लिए नहीं लाया गया है, बल्कि अस्पताल, स्कूल, सड़क, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, ट्रांसमिशन लाइन जैसी जनोपयोगी स्थानीय सरकारी योजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन के मकसद से लाया गया है.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

सरकार का यह भी उद्देश्य है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले लोगों को 8 माह के अंदर निश्चित तौर पर 4 गुना मुआवजा मिल सके. उस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके और क्षेत्र के निवासियों का सामाजिक आर्थिक उत्थान संभव हो सके. संशोधन में स्पष्ट है कि स्थानीय निवासियों की सहमति से ही भूमि ली जाएगी. राज्य में गरीबों के लिए पांच लाख से ज्यादा आवास बनाया जाना है, 8,000 किमी ग्रामीण सड़कें बननी हैं, तेरह हज़ार गांवों में साढ़े सत्रह लाख घरों में बिजली पहुंचाई जानी है. हर पंचायत में स्कूल, अस्पताल व पंचायत भवन बनना है.

इसे भी पढ़ें – अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होगी 5 जुलाई की विपक्ष की बंदी: जेवीएम

राज्य सरकार झारखंड के विकास के लिए कृतसंकल्प है

भाजपा ने कहा है कि रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड के विकास के लिए कृतसंकल्प है. राज्य सरकार ने आदिवासियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है और आदिवासी जन उत्थान अभियान शुरू किया है. हूल दिवस के अवसर पर यह अभियान शुरू हुआ है. जो 3264 गांव में चलेगा. इससे 45 लाख आदिवासी समेत 61 लाख लोग लाभान्वित होंगे. नीति आयोग ने विकास दर में राज्य को दूसरा स्थान दिया है, लेकिन विपक्ष इससे खुश नहीं दिखता.

साथ ही बीजेपी के प्रवक्ताओं ने खरीफ फसलों के लिए समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया है तथा प्रधानमंत्री का आभार जताया है. उनका कहना है कि इससे किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की ओर हम तेजी से बढ़ पाएंगे. प्रधानमंत्री किसानों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के प्रयास में लगातार लगे हैं. किसानों के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय, फसल बीमा समेत कई कदम उठाये गए हैं. सरकार ने लागत मूल्य में खाद-बीज के अलावा उपकरण तथा कृषि कार्य में सहायता करने वालों की मजदूरी को भी शामिल किया है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like