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पलामू: सुदूर गांवों में जाने से कतरा रहे भाजपा के बड़े नेता, प्रेस कांफ्रेंस तक सीमित है सक्रियता

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Dilip Kumar

Palamu: पलामू प्रमंडल की नौ सीटों पर प्रथम चरण में चुनाव संपन्न होना है.  इसके लिए चुनाव प्रचार तेज है, लेकिन सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता सुदूर गांवों में चुनाव प्रचार करने से कतरा रहे हैं. उनकी सक्रियता जिला और प्रखंड मुख्यालयों तक की सीमित रह गयी है. अगर वे गांवों की ओर रूख करें तो उन्हें कथित विकास की किरण नजर आयेगी.

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मीडिया सेंटर तक सिमट कर रह गये भाजपा नेता

सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के राज्यस्तर के कई नेता पिछले एक पखवाड़े से डालटनगंज पहुंच रहे हैं और प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी डयूटी पूरी कर रांची वापस लौट जा रहे हैं.

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री रघुवर दास की ‘किचेन कैबिनेट’ के विश्वासपात्र सलाहकार जिला मुख्यालय डालटनगंज में आकर मात्र औपचारिकता का निर्वाह कर रहे हैं. शहर के बड़े होटलों में इनके लिए सभी आधुनिक सुविधायुक्त एसी डिलक्स रूम बुक हो जाते हैं.

उसके बाद जिले के तमाम बड़े नेता और प्रत्याशी भी अपना प्रचार अभियान छोड़कर इन नेताओं की परिक्रमा में जी जान से जुट जाते हैं. सलाहकार नेता यह मान कर चल रहे हैं कि प्रेस कांफ्रेंस ही जीत के लिए बहुत बड़ा हथियार है.

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होटलों में आराम फरमाते हैं बड़े नेता

एक बड़े होटल में आराम फरमा रहे सलाहकार मंडली के एक विश्वासपात्र नेता से मिलने वालों की भीड़ लगी थी. युवा-बुजुर्ग सब उनके पैर छू कर अपना चेहरा चमका रहे थे. यह संवाददाता भी वहां मिलने की आस में पहुंचा तो होटल के बाहर भाजपा के सर्व संपन्न नेताओं की कारों का काफिला देख कर समझ गया कि रांची वाले नेता जी से मुलाकात करना व्यर्थ की कसरत होगी.

होटल के सामने पान दुकान के पास खड़ा था कि पलामू भाजपा के कई वरीय नेता होटल से निकल कर पान दुकान पर पहुंच गये. एक नेता जी ने तंज कसा कि महाराष्ट्र में शिवसेना की लुटिया संजय राउत डुबाने पर लगे हुए हैं और झारखंड में हमारे नेता…… पान दुकान पर जोरदार ठहाकों के बीच यह संवाददाता कथित नेता जी का नाम नहीं सुन सका.

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क्षेत्र भ्रमण से क्यों कतराते हैं ?

भाजपा के एक समर्पित कार्यकर्ता ने कहा कि बाहर से आने वाले नेताओं को जरा क्षेत्र भ्रमण भी करना चाहिये, ताकि विकास की असली तस्वीर को वे अपनी आंखों से देख सकें.

बगल में चैनपुर प्रखंड के कुछ गांवों की बदहाली देखकर नेता जी के होश उड़ जायेंगे. रामगढ़ की दुदर्शा और शासन-प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये का खेल नेताओं को जरूर देखना चाहिए, केवल दुर्गामंडप स्थित मीडिया केंद्र में व्याख्यान देकर निकल जाना अच्छा संकेत नहीं है.

एक युवा नेता ने कहा कि पड़ोस में छतरपुर विधानसभा क्षेत्र है. नजदीक में पाटन प्रखंड है, वहां तो जरूर इन सलाहकारों को जाना चाहिए, ताकि किशोर के टिकट काटने के बाद की स्थिति से वे प्रदेश आलाकमान को अवगत करा सकें.

सलाहकार मंडली का जो सदस्य यहां पहुंचता है, वह केवल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन्द्र संचालित विकास योजनाओं की बीन बजा कर चला जाता है. दो-दो दिनों तक होटलों की रौनक बढ़ा कर नेता जी का कारवां गुजर जाता है लेकिन ग्रामीण मतदाता इनके दर्शन तक नहीं कर पाते.

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राष्ट्रीय नेताओं का भरोसा

पलामू प्रमंडल की नौ सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों की सांस केंद्रीय नेताओं की प्रतीक्षा में अटकी हुई है. गुरूवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लातेहार के मनिका में चुनावी सभा को संबोधित कर कुछ राहत देने का कार्य किया है. लेकिन सबकी प्रतिक्षा केंद्र से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आदि का दौरा की है.

इन केंद्रीय नेताओं के भरोसे ही अब चुनाव जीतेंगे भाजपा प्रत्याशी. मुख्यमंत्री रघुवर दास तो नामांकन के दिन ही सभाएं आयोजित कर चुके हैं. अब वह अपनी सीट बचाने में व्यस्त हो गये हैं.

भाजपा के प्रत्याशी भी समझ चुके हैं कि प्रदेश भाजपा के नेता हर क्षेत्र के प्रखंड मुख्यालयों में मात्र मीडिया के सामने अपनी उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं. क्षेत्र भ्रमण के नाम पर उनका पसीना छूट जाता है. इस परिस्थिति को भांपकर प्रत्याशी भी अपने समर्थकों और परिवार के सदस्यों को लेकर गांव-देहात की खाक छानने निकल पड़े हैं.

पुराने इतिहास के अनुसार भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वभाव रहा है कि वे अपने प्रत्याशी का समर्थन नहीं करते. इसी स्वभाव के डर से यहां पर इंदर सिंह नामधारी ने जितने भी चुनाव लड़े, उनके निजी कार्यकर्ताओं की फौज ने ही झंडा ढोया. पलामू के प्रत्याशियों ने उसी तर्ज पर अपनी कार्यकर्ता सेना बनायी है और चुनावी अभियान के मैदान में कूद गये हैं.

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