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पारा शिक्षकों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, आंदोलन की तैयारी  

90 दिन बीतने के बाद भी सेवा स्थायीकरण और वेतनमान समेत अन्य मुद्दों का हल नहीं

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Ranchi : राज्य के एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने झारखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. इन पारा शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने 90 दिनों के अंदर शिक्षकों के सेवा स्थायीकरण और वेतनमान समेत अन्य मुद्दों के हल का भरोसा दिलाया था. आधे से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी सरकार की ओर से अब तक रुख साफ नहीं है. लिहाजा पारा शिक्षक एक बार फिर राज्यव्यापी आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं. आंदोलन और सरकार के रुख पर विचार करने को लेकर राज्यभर से आये पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने मोरहाबादी मैदान में रविवार को  बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की.

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अपने आश्वासन से पीछे हट रही है सरकार

संजय दुबे मोर्चा के नेता संजय कुमार दुबे ने कहा कि सरकार ने जिस आश्वासन के साथ पारा शिक्षकों का आंदोलन समाप्त कराया था, सरकार अब उससे पीछे हट रही है.उन्होंने कहा कि गत 17 जनवरी को पारा शिक्षकों के मांगों को लेकर सरकार से एक समझौता हुआ था. समझौते को पूरा करने के लिए राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न राज्यों का दौरा किया था.

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लेकिन दौरा कर लोटे प्रतिनिधिमंडल की कोई बैठक अभी तक नहीं की गयी, न ही पारा शिक्षकों के ससमय वेतन देने की मांग पर विचार किया गया.  कहा कि उसी को लेकर रविवार को बैठक बुलायी गयी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करनेवाले शिक्षकों को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है, जिसका मोर्चा विरोध करता है. इन पारा शिक्षकों ने 15 वर्षों से अपना भविष्य पारा शिक्षकों की नौकरी में दिया है. जल्द ही पारा शिक्षकों का समूह मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकर इन बातों को रखेगा.

नवंबर में शुरू हुआ था राज्यव्यापी आंदोलन

बता दें कि गत वर्ष 16 नवंबर से पारा शिक्षकों ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया था जो लगभग 2 महीने चला था. इस आंदोलन के पीछे सेवा स्थायीकरण और वेतनमान मुख्य मांग थी. आंदोलन को समाप्त करने को लेकर पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा और शिक्षा विभाग के बीच कई दौर की वार्ता हुई. अंततः तय हुआ कि 90 दिनों के अंदर सरकार नियमावली समेत अन्य विषयों पर निर्णय लेगी. हालांकि सरकार अबतक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है.

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