न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पारा शिक्षकों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, आंदोलन की तैयारी  

90 दिन बीतने के बाद भी सेवा स्थायीकरण और वेतनमान समेत अन्य मुद्दों का हल नहीं

168

Ranchi : राज्य के एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने झारखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. इन पारा शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने 90 दिनों के अंदर शिक्षकों के सेवा स्थायीकरण और वेतनमान समेत अन्य मुद्दों के हल का भरोसा दिलाया था. आधे से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी सरकार की ओर से अब तक रुख साफ नहीं है. लिहाजा पारा शिक्षक एक बार फिर राज्यव्यापी आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं. आंदोलन और सरकार के रुख पर विचार करने को लेकर राज्यभर से आये पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने मोरहाबादी मैदान में रविवार को  बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की.

इसे भी पढ़ें : राजधानी के तीनों डैमों का जल स्तर घटा, बारिश नहीं होने से हो सकती है स्थिति गंभीर

Trade Friends

अपने आश्वासन से पीछे हट रही है सरकार

संजय दुबे मोर्चा के नेता संजय कुमार दुबे ने कहा कि सरकार ने जिस आश्वासन के साथ पारा शिक्षकों का आंदोलन समाप्त कराया था, सरकार अब उससे पीछे हट रही है.उन्होंने कहा कि गत 17 जनवरी को पारा शिक्षकों के मांगों को लेकर सरकार से एक समझौता हुआ था. समझौते को पूरा करने के लिए राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न राज्यों का दौरा किया था.

WH MART 1

लेकिन दौरा कर लोटे प्रतिनिधिमंडल की कोई बैठक अभी तक नहीं की गयी, न ही पारा शिक्षकों के ससमय वेतन देने की मांग पर विचार किया गया.  कहा कि उसी को लेकर रविवार को बैठक बुलायी गयी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करनेवाले शिक्षकों को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है, जिसका मोर्चा विरोध करता है. इन पारा शिक्षकों ने 15 वर्षों से अपना भविष्य पारा शिक्षकों की नौकरी में दिया है. जल्द ही पारा शिक्षकों का समूह मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकर इन बातों को रखेगा.

नवंबर में शुरू हुआ था राज्यव्यापी आंदोलन

बता दें कि गत वर्ष 16 नवंबर से पारा शिक्षकों ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया था जो लगभग 2 महीने चला था. इस आंदोलन के पीछे सेवा स्थायीकरण और वेतनमान मुख्य मांग थी. आंदोलन को समाप्त करने को लेकर पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा और शिक्षा विभाग के बीच कई दौर की वार्ता हुई. अंततः तय हुआ कि 90 दिनों के अंदर सरकार नियमावली समेत अन्य विषयों पर निर्णय लेगी. हालांकि सरकार अबतक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है.

इसे भी पढ़ें : जल संचयन और प्रबंधन जागरुकता के लिए सीएम, मंत्री, मुख्य सचिव सहित सभी करेंगे श्रमदान

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like