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संसदीय समिति ने कहा – मारे गये आतंकियों की संख्या को लेकर जारी संदेह को खत्म करे सरकार

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New Delhi: पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना की ओर से पाक और पीओके में आतंकी शिविरों पर किये गये एयर स्ट्राइक से जैश-ए-मोहम्मद को कितना नुकसान पहुंचा इसका ठीक-ठीक ब्योरा सामने नहीं आ पाया है. कुछ मीडिया रिर्पोटों में यह दावा किया गया है कि इसमें 300 आतंकियों की मौत हुई है. लेकिन इस मामले में न ही सेना की ओर से ही और न ही विदेश मंत्रालय की ओर से कुछ कहा गया है. इधर विदेश मामलों की स्थायी समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार से कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान का सबूत दे. जिससे भारत द्वारा किये गये एयर स्ट्राइक में मरनेवाले आतंकियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में संदेह की स्थिति खत्म हो सके.

विदेश सचिव ने एयर स्ट्राइक का विस्तृत ब्योरा देने से इनकार किया

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अंग्रेजी अखबार द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार जब विदेश सचिव विजय गोखले विदेश मामलों पर संसद की स्थाई समिति को पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक के बीच के घटनाक्रम के बारे में जानकारी देने पहुंचे तो समिति के सदस्यों ने उन्हें यह सुझाव तब दिया कि इस कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गये हैं, इसके सबूत दिये जाने चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उठ रहे सवालों के जवाब मिल सकें. श्री गोखले पाकिस्तान की नई सरकार पर बोलने वाले थे लेकिन यह बैठक व्यापक तौर पर पुलवामा हमले पर केंद्रित रही. हालांकि इस मुलाकात में विदेश सचिव ने 26 फरवरी को हुए एयर स्ट्राइक के ऑपरेशन का विस्तृत ब्योरा देने से इनकार कर दिया. उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद शिविर में मारे गए आतंकवादियों की संख्या के सवालों का जवाब देने से भी इनकार कर दिया.

विदेशी दुष्प्रचार को रोका जा सके

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समिति के सदस्यों ने भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक की सराहना की लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को उचित श्रेय नहीं मिलने पर इसकी आलोचना भी की. एक विपक्षी नेता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का कहना है कि एयरस्ट्राइक प्रभावी नहीं रहा. ये कैंप पहले से ही खाली थे और इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई. सदस्यों ने कहा कि वे हमारी सेना के पराक्रम को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. सदस्यों ने कहा कि विदेश के इस गलत और भ्रामक दुष्प्रचार तो उजागर करने के लिए जरूरी है कि तथ्य सामने रखे जायें.

गोखले ने किया आश्वस्त

समिति के सदस्यों के सुझावों और सवालों पर विदेश सचिव गोखले ने समिति को आश्वस्त किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए कूटनयिक दृष्टिकोण अब भी बना हुआ है. सूत्रों का कहना है कि गोखले ने भारत के लिए ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) के समर्थन पर भी बात की.

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