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#Pathalgadi समर्थक बदले तेवर के साथ फिर सक्रिय, खूंटी में ‘गुप्त’ सम्मेलन कर गये तीन अज्ञात लोग

चुनाव से दूर रहने को कहा, सफेद कुर्ता-धोती को आदिवासी वस्त्र बताया, सरकारी योजनाओं को न लेने की बात कही

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Ranchi : वे तीन लोग थे. खुद को भारत सरकार का कुटुंब परिवार बता रहे थे? आधार कार्ड, वोट और चुनाव से दूर रहने की सीख दे रहे थे और मुंडाओं को अपने इशारों पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे थे.

14 से 16 अक्टूबर के बीच मुरहू प्रखंड के गुंटीगड़ा जंगल में विश्व शंति के नाम पर आयोजित आदिवासी सम्मेलन का यह दृश्य था. प्रशासन को सूचना के बिना यह आयोजन हुआ था.

आदिवासियों को ड्रेस कोड के तौर पर सफेद धोती-कुर्ता पहनने को कहा गया था. तीनों वक्ताओं ने सरकारी सुविधाओ को न लेने की सलाद दी. एक रुपये के नोट को आदिवासियों का पैसा बताया.

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क्या हुआ सम्मेलन में?

राज्य से बाहर के तीन लोग तीन दिन के सम्मेलन में मुख्य वक्ता रहे, जिनका परिचय ग्रामीणों को भी नहीं बताया गया. सम्मेलन में मोबाइल का प्रयोग करने, फोटो खीचने पर आयोजकों ने प्रतिबंध लगा रखा था.

सम्मेलन में आदिवासियों का ड्रेस कोड भी जारी किया गया जिसमें सफेद कुर्ता और धोती पहनने को कहा गया. सम्मेलन के दौरान आने वाले विधानसभा चुनाव से खुद को अलग रखने की बात कही गयी.

वहीं सरकार द्वारा दी जाने वाली राशन, पेंशन समेत तमाम सरकारी योजनाओ का बहिष्कार करने की अपील की गयी. वोटर कार्ड और आधार कार्ड को राज्यपाल को वापस करने और जाति प्रमात्र पत्र नही बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया.

पत्थलगड़ी से इनकार, पर बातचीत उसी तरह की  

सम्मेलन में मौजूद रहे स्थानीय व्यक्तियों के अनुसार सम्मेलन के वक्ताओं ने खुद को पत्थलगड़ी की प्रक्रिया से अलग बताया, जबकि सम्मेलन में की जा रही बात-चीत ठीक वैसी थी जैसी पत्थलगड़ी का स्वयंभू नेता यूसुफ पूर्ति किया करता था.

माना जा रहा है कि इन इलाको में अब नये रूप में पत्थलगड़ी से जुडे लोग गुजरात में चलायी जा रही पत्थलगड़ी के स्वयंभू नेताओं के इशारे पर चल रहे हैं.

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‘एसी कुटुंब परिवार’ का सम्मेलन 22 से 24 दिसम्बर को गुजरात में, आने का दिया गया न्यौता

वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी देश के नागरिक नहीं बल्कि भारत सरकार के कुटुंब परिवार हैं. मुरहू में हुए सम्मेलन की तरह गुजरात में 22 से 24 दिसम्बर को सम्मेलन में मुंडा अंचल के लोगों को आने का न्यौता दिया गया.

सम्मेलन में आने वाले सभी लोगों को सफेद वस्त्र धारण कर और अपने साथ खाने का बर्तन साथ लाने को कहा गया.

अड़की प्रखंड से 5000 से अधिक वोटर कार्ड और आधार कार्ड राजभवन भेजे जाने की बात कही

सम्मेलन में आम आदमी की पहचान बताने वाले आधार कार्ड, वोटर कार्ड नहीं बनाने की बात कही गयी. साथ ही सरकारी योजनाओं से ग्रामीणों को दूर रहने का हिदायत दी.

वोट न देने की अपील करते हुए कहा गया कि अड़की प्रखंड से पांच हजार से अधिक आधार और वोटर कार्ड राजभवन भेजे जायेंगे.

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