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नोटबंदी और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधारों के समर्थन में हैं लोग : सर्वे

नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भले ही विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर रहे हों, मगर इसे जनता का समर्थन है.

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NewDelhi : नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भले ही विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर रहे हों, मगर इसे जनता का समर्थन है. बता दें कि इकनॉमिक टाइम्स के ऑनलाइन सर्वे के अनुसार नोटबंदी और गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) जैसे सुधारों से मुश्किलों का सामना करने के बावजूद लोग चाहते हैं कि सरकार सुधारों पर आगे बढ़े. इसका मतलब यदि वित्त मंत्री इस साल अंतरिम बजट की जगह पूर्ण बजट पेश करें तो वह लोकप्रियता की चिंता किये बिना कुछ और कठोर सुधारों की घोषणा कर सकते हैं. इस ऑनलाइन सर्वे में कुल 10,506 लोग शामिल हुए. पूछा गया था कि क्या भारत को और आर्थिक सुधारों की जरूरत है?’ इस सवाल का जवाब 78 फीसदी लोगों ने हां, बहुत अधिक कहकर दिया.  जान लें कि केवल 19 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार मौजूदा सुधारों पर ही काम करे, जबकि तीन फीसदी लोग फैसला नहीं ले पाये.

सर्वे के अनुसार  लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अगली सरकार भी आर्थिक सुधारों पर फोकस करे. सत्ता में आने वाली अगली सरकार से आपकी मुख्य अपेक्षा क्या है? इस सवाल के जवाब में 47 फीसदी लोगों ने कहा कि वे और अधिक आर्थिक सुधार चाहते हैं. 35 फीसदी ने कहा कि अगली सरकार रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न करने पर ध्यान दे. 16 फीसदी चाहते हैं कि कारोबारियों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जाये.  केवल 2 फीसदी ने कृषि कर्जमाफी की इच्छा जाहिर की.

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जनभावना नोटबंदी और जीएसटी जैसे सुधारों के खिलाफ नहीं

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सर्वे के अनुसार जनभावना नोटबंदी और जीएसटी जैसे सुधारों के खिलाफ नहीं है. लोग और अधिक आर्थिक सुधार चाहते हैं. जीएसटी में शुरुआती परेशानी खत्म होने के संबंध में 62 फीसदी ने हां में जवाब दिया. 25 फीसदी का जवाब नहीं में था. सर्वे में भाग लेने वाले अधिकतर लोगों ने माना कि नोटबंदी विफल नहीं थी. क्या नोटबंदी सफल रही? इसके जवाब में 29 फीसदी ने कहा हां, 35 फीसदी ने आंशिक रूप से सफल बताया तो 32 फीसदी ने ना कहा. जबकि पांच फीसदी लोग अपना जवाब तय नहीं कर सके. बता दें कि नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार पर असर पड़ा था. खासकर मध्यम और छोटे व्यवसाय पर. बहुत से लोगों को रोजगार भी छिन गया था. जटिल प्रक्रियाओं की वजह से जीएसटी का बुरा असर  कारोबार पर पड़ा, लेकिन सरकार ने धीरे-धीरे प्रकियाओं को आसान किया और छोटे कारोबारियों को राहत दी. नोटबंदी की बात करें तो इसकी नकारात्मक छवि नहीं प्रतीत हो रही है, खासकर गरीबों के बीच.  जान लें कि नोटबंदी के कुछ ही माह बाद भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल की थी.

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