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13 महीनों के वेतन पर बोले पुलिस कर्मी- ये ठीक वैसा ही है, जैसे कार देकर चारों टायर खोल लेना

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टिंकू कुमार राय

जय हिंद, साथियों में आपके माध्यम से अपने इस 13 महीने के वेतन को लेकर आपने जो पहल की है हमारे विचार को लेने का काम किया है, उसके लिए न्यूज़ विंग को धन्यवाद ! मैं आपके माध्यम से सरकार को ये कहना चाहूंगा कि आपने जो 70,000 पुलिस कर्मी को ठगने का काम किया है इसका परिणाम बहुत बुरा होगा.

आपको लगता है एक महीने का एक्स्ट्रा पैसे पुलिस कर्मी को दे रहे है तो कोई उपकार नहीं कर रहे हैं. हमलोग 24 घंटे on duty रहते हैं, कितनी परेशानी झेलनी पड़ती है. ना कोई पर्व-त्योहार मना पाते है, ना मां-बाप से अच्छे से मिल पाते हैं.

साल भर में मात्र 38 छुट्टी हमलोगों की है, जिसमें से 18 आकस्मिक अवकाश और 20 क्षतिपूर्ति अवकाश, जिसमें आपने शर्त रखी है कि जो पुलिस कर्मी 13 महीने का वेतन लेगा, वो 20 क्षतिपूर्ति अवकाश नहीं लेगा या अर्न लिव 7 लगातार ले लिया हो तो 13 महीने का वेतन नहीं मिलेगा.

तो ऐसे में बताइये पुलिस कर्मी त्योहार में घर भी न जाये और छुट्टी भी न जाये तो आखिर पुलिस कर्मी क्या करे, जब कोई उपाय नहीं बचेगा तो मानसिक संतुलन बिगड़ेगा और ऐसे में कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है, जैसे कि कोई आत्महत्या या कोई अफसर से लड़ाई, परिवार से लड़ाई कुछ भी संभव है. तो मैं सरकार से आग्रह करूंगा की आप अपने 13 महीने के छलावे को अपने पास रखे हो सके तो 10 और छुट्टी ऐड कर दे नहीं तो पुलिस कर्मी में कोई भर्ती नहीं होगी या विद्रोह करेगा.

जीतेंद्र सिंह

अगर सरकार को पुलिस कर्मियों की ड्यूटी एक मुश्त 8 घंटे (आधे घंटे का भोजन अवकाश सहित) का कर देती है और 13 महीने का मानदेय देकर सीपीएल खत्म करना उचित होता. लेकिन सभी पुलिसकर्मी 24 घंटा ड्यूटी के बंधन में स्टैंड बाई रहते हैं तो सीपीएल खत्म करना और सात दिन से अधिक अवकाश का कट लगाना बिल्कुल ही गलत है. ये तो यही हुआ कि कार देकर चारों टायर खोल लेना.

आर के सिंह

रघुवर सरकार ने हमारे साथ धोखा किये है. एक महीना का मानदेय देकर 20 दिन सीपीएल को हटा दिया गया. अब साल में केवल 18 दिन सीएल में कैसे गुजारा होगा जवानों का. हमें अफसोस है कि हम पुलिस में भर्ती हो गये.

दीपक अधिकारी

एसटीएफ का ना 50 फीसदी मिलता है, ना ही 13 महीने का पेमेंट.

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राम यादव

मैं 2017 में पुलिस में बहाल हुआ हूं. हमलोगों को कुल 38 छुट्टी मिलती है. लेकिन ये छुट्टी भी मिलेगी या नहीं ये वरीय पुलिस पदाधिकारी पर निर्भर करता है. बहुत कम ही कॉन्सटेबल को पूरी छुट्टी मिल पाती है. ये सबसे बड़ी समस्या है.

सरकार से अनुरोध है कि हमें साल में पूरी की पूरी 38 छुट्टी दी जाये. अगर नहीं दे सकते हैं तो उसके लिए उसका वेतन दें. कल तो 13 महीने का वेतन की बात करके सीपीएल की 20 छुट्टी भी नहीं देने का प्रावधान भी कर दिया. ये सरासर अन्याय है. बताइये 365 दिन में केवल 18 दिन छुट्टी मिलेगी तो क्या हाल होगा.

पुलिस वाले को सप्ताह में एक भी दिन रेस्ट नहीं मिलता है. और एक बात, पुलिस की ड्यूटी तो गृह जिला में नहीं मिलती है. 200-300 किमी दूर जिले में ड्यूटी दी जाती है. एकबार जाने-आने में ही दो दिन लग जाते हैं. मुश्किल से एक साल में 12 दिन की छुट्टी ही घर में बिताये हैं. ये सरकार पुलिसवालों के साथ घोर अन्याय कर रही है.

पुष्कर भारती

13 महीने का वेतन देना छलावा है. ये लॉलीपॉप है जो केवल छोटे कर्मचारियों को परेशान करने के लिए है. सरकार अतिरिक्त वेतन नहीं दे, लेकिन केवल सरकारी छुट्टी और संडे ही दिया करे.

संतोष कुमार सिंह

सरकार के द्वारा जो यह आदेश निर्गत किया गया है, छुट्टी काट कर 13 महीने का वेतन देंगे. सरासर पुलिसकर्मियों के साथ धोखा है. पुलिसकर्मी कोई 13 महीने का वेतन नहीं चाहिए, इसके बदले झारखंड कैलेंडर के अनुसार, जो छुट्टी है वही दें एवं जितने सप्ताहिक अवकाश हैं वह दे दें हमें और 13 महीना का वेतन नहीं चाहिये.

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सुधीर कुमार

हमलोगों की मांद ये नहीं थी कि सीपीएल खत्म करके 13 महीने का वेतन मिले, बल्कि सिपाही जो पर्व-त्योहार में एक्स्ट्रा ड्यूटी करते हैं, उसके लिए 13 महीने के वेतन की मांग की. जिस नियम से सरकार हमें 13 महीने का वेतन दे रही है, वो हमें मंजूर नहीं है.

क्या हमलोगों का परिवार नहीं है, जो साल भर में 18 दिन घर जायेंगे. देश लगता है मंत्रियों का गुलाम है. पुलिस के दुख को कोई नहीं समझता, यहां तक की पब्लिक भी नहीं.

अभी जो चलान कट रहा है, उसमें भी पब्लिक समझती है कि पुलिस काट रही है, जबकि पुलिस तो आदेश का पालन कर रही है. हम सरकार के इस फैसले को नहीं मानते. अपना 13 महीने का वेतन अपने पास ही रखें हमलोगों को नहीं चाहिए. सब पैसा नेता और मंत्रियों को जाये वहीं अच्छा है, पब्लिक भी इसी में खुश है.

गौरव यादव

एक महीने का नहीं पूरे 52 दिन की सेलैरी चाहिए, क्योंकि पुलिस वालों के लिए संडे नहीं होता है क्या.

लक्ष्मण काशी

सरकार CPL काटकर हमें 13वें महीना वेतन दे रही है. ये भी हमलोग समझते हैं, कोई बात नहीं. पर हमलोग को रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)और सभी त्योहार में भी छुट्टी चाहिए तथा 8 घंटे ड्यूटी.

सभी त्योहार में छुट्टी मिल जाये तो हमें CPL की कोई आवश्कता नहीं है. अगर सरकार को पर्व-त्योहार में हमें यानि पुलिस की जरूरत पड़ती है तो उस दिन का 4 गुणा वेतन दिया जाये. कोई बता दें कि कोई ऐसा त्योहार है जिसमें पुलिस को छुट्टी मिली हो और छुट्टियां 1 सप्ताह पहले बंद न हुई हो.

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प्रमोद कुमार

बीजेपी कभी भी सरकारी कर्मचारी के लिए सही नहीं सोचती है. हमलोग (पुलिसवालों) को तो पैर की धूल समझ बैठी है. हमलोग कोई भी पुलिसवाले बीजेपी को वोट नहीं देंगे और परिवार से भी किसी को वोट नहीं डालने देंगे.

दीपक कुमार

एसटीएफ के जो बल हैं, वह कहां से आते हैं यह सरकार को पता नहीं है. अगर पता होता तो वह 13 महीने का वेतन एसटीएफ को भी देती.

आनंदी कुमार

हमें 13 महीने का वेतन नहीं चाहिए. बस हमें होम सेंटर कर दो. हम शाम को अपने परिवार के साथ रहेंगे और छुट्टी भी रख लो. संडे और त्योहार में छुट्टी मिल जाए फिर क्या 13 महीना आज क्या छुट्टी सब रख लिया जाए. अपने बच्चों और परिवार के साथ खुशी-खुशी आपके चंद वेतन में रह जाएंगे. कभी कोई आस आपसे नहीं रहेगी. यह लॉलीपॉप देना बंद कीजिए,धन्यवाद.

लाल सहाय उंराव

सरकार के किए गए 13 महीने का फैसले का मैं पुरजोर विरोध करता हूं. 13 महीना का वेतन के साथ-साथ क्षतिपूर्ति अवकाश भी चाहिए.

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सिद्धार्थ कुमार रजक

हमें 13 महीने का वेतन का झांसा देकर हमारी छुट्टियां(CPL-क्षतिपूर्ति अवकाश) काट लिया गया. JJ (STF) allowance 6वीं वेतनमान के अनुसार, दिया जा रहा है, जबकि हम 7वें वेतनमान पर बहाल हुए थे. हमारे साथ हो रहे अन्याय की कोई भी सुध लेने वाला नहीं है.

हम Police डिपार्टमेंट में काम करते हैं, इसलिये खुलकर विरोध करने का अधिकार नहीं है हमें.
हमारी एसोसिएशन भी इस सम्बन्ध में कोई कार्य नहीं कर रही. यहां तक की JJ(STF) वालों को 13 महीने के वेतन के दायरे से बाहर कर दिया गया. झारखंड का अपना पुलिस हस्तक नियम नहीं है, इसलिए इसमें अभी भी बिहार का हस्तक अपनाया जाता है. लेकिन बिहार पुलिस को जो सुविधाएं दी जा रही है उससे हमें क्यों वंचित किया गया है?

JJ(STF) का गठन कठिन परिस्थितियों में नक्सल अभियान हेतु ग्रेहाउंड तेलंगाना के तर्ज़ पर किया गया था, परंतु हमारा 50% अतिरिक्त रिस्क भत्ता काट कर दिया गया. जबकि ग्रेहाउंड तेलंगाना राज्य में 60% भत्ता अनुमान्य हैं.

सुरेन्द्र कुमार महतो

सरकार की इस नीति ने हम सभी पुलिसकर्मियों को हतोत्साहित करने का काम किया है. इससे पुलिसकर्मियों में तनाव व्याप्त होगा. हमें ऐसे 13 माह का वेतन नही चाहिये सिर्फ 8 घंटे ड्यूटी और अन्य कर्मियों की तरह रविवारीय तथा पर्व-त्योहार का अवकाश दें, सरकार लॉलीपॉप दिखाना बंद करे. 7 दिन से अधिक के अवकाश में कटौती करने का टर्म एंड कंडिशन लगाया है, जो गलत है.

मनोरंजन कुमार सिंह

The decision of the grant of honorarium 13th month shows the coxcombry mentality of Government as well as Higher authorities.

राजेन्द्र कुमार    

सरकार ये समझ रही है कि ये चुनावी लॉलीपॉप है तो ये सरकार की बहुत बड़ी भूल होगी. ये फैसला हमसब पुलिस कर्मियों को बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. और न इसे स्वीकार करेंगे.

साजिद जिलानी

हम इस फैसले से बहुत नाराज हैं, क्योंकि हम पुलिस कर्मियों को वैसे ही छुट्टी के लाले पड़े हैं और 20 दिन क्षतिपूर्ति अवकाश काट लिया जाये तो बचेगा क्या. अगर देना है तो 13 महीने का वेतन, बगैर छुट्टी काटे बिहार की तर्ज पर दिय़ा जाये.

जीतेंद्र सिंह

अगर सरकार को पुलिस कर्मियों की ड्यूटी एक मुश्त 8 घंटे (आधे घंटे का भोजन अवकाश सहित) का कर देती है और 13 महीने का मानदेय देकर सीपीएल खत्म करना उचित होता. लेकिन सभी पुलिसकर्मी 24 घंटा ड्यूटी के बंधन में स्टैंड बाई रहते हैं तो सीपीएल खत्म करना और सात दिन से अधिक अवकाश का कट लगाना बिल्कुल ही गलत है. ये तो यही हुआ कि कार देकर चारों टायर खोल लेना.

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दिनेश कुमार

13 महीने के वेतन से हम पुलिसकर्मी खुश नहीं हैं. हम इसका विरोध करते हैं, क्षतिपूर्ति अवकाश काटकर जो 13 महीने का वेतन दिया जा रहा है,वह गलत है.  साल में लगभग 94 दिन शनिवार और रविवार सप्ताहिक अवकाश मिलता है, उसके एवज में हम पुलिसकर्मियों को 20 दिनों की क्षतिपूर्ति अवकाश दी जाती है और उसे भी काट दिया जा रहा है.

साल में मात्र 18 दिन छुट्टी मैं हम अपने परिवार बच्चों के साथ कितना समय बिता पाएंगे, छुट्टी नहीं मिलने के कारण और ड्यूटी अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी ऐसे ही तनाव में रहते हैं. और अगर छुट्टी और कम कर दी जाएगी तो इससे और भी तनाव बढ़ेगा और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर भी प्रभाव पड़ेगा. अगर वेतन देना ही है बिल्कुल बिहार की तर्ज पर दिया जाए! जय हिंद

बलराम कुमार    

छुट्टी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए सरकार को मैं रांची जिला का आरक्षी हूं.

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राकेश पाण्डेय

झारखंड के पुलिस कर्मियों को माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा के 3 साल बाद 1 महीने का अतिरिक्त वेतन देने की प्रक्रिया पूरी हुई. सरकार पुलिसकर्मियों को केवल परेशान देखना चाहती है, इसी कारण उन्होंने पुलिसकर्मियों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति अवकाश को बंद कर दिया है. हमारी मांग साल में अन्य कर्मियों को मिलने वाली 83 दिन सरकारी छुट्टी के आलोक में 1 महीने का वेतन देने की थी. परंतु सरकार /प्राधिकार के नुमाइंदे हमें कभी भयमुक्त, क्लेश मुक्त, चिंता मुक्त देखना नहीं पसंद करते हैं.

इसी कारण उन्होंने केवल छलावा के लिए पुलिसकर्मियों को 1 महीने का अतिरिक्त वेतन तो दिया. परंतु उनकी छुट्टी को बंद कर दिया. वही एसटीएफ को भी लाभ से वंचित रखा है. राज्य के सभी पुलिसकर्मी एक ही प्रकार के कार्य करते हैं और जो विशेष करते हैं उन्हें वाहिनी के गठन में ही उनके लिए प्रावधान लाया जाता है और सभी पुलिसकर्मियों को अन्य लाभ एक समान मिलना चाहिए. सरकार अपने निर्णय में संशोधन करें.

अनिल राम

सरकार द्वारा दी गयी कोई भी कंडिका पुलिस के फेवर में नहीं है.

मनोरंजन कुमार

The 10TH point of the letter issued by addl. Chief secretary Shri Sukhdeo Singh, is most ill-favoured in the course of giving honorarium of 13th month pay to Police. It will lead Sycophancy and Red-tapism in Police Department.

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कुणाल सिंह

13 महीना के वेतन के साथ-साथ हमारे 20 दिनों के क्षतिपूर्ति अवकाश को भी दिया जाये, क्योंकि क्षतिपूर्ति अवकाश त्योहारों में भी ड्यूटी करने के बाद में मिलता है.

अमित सिंह

CPL अवकाश समाप्त नहीं होना चाहिए.

दीपक कुमार
मुझे 13 माह का वेतन और 20 दिन cpl नहीं, बल्कि 8 घंटे की ड्यूटी के साथ साप्ताहिक बंदी और झारखंड कैलेंडर के अनुसार, हर पर्व त्योहार बंदी दिया जाये, अगर सरकार को उस पर्व त्यौहार के दिन हमारी ड्यूटी की आवश्यकता है तो उस दिन का तीन गुना वेतन दें.

शेखर महतो

सरकार की ये नीति गलत है. ये डिजाइन लाने में पांच साल लगे. जब पड़ोसी राज्य से सब चीज देखा जा रहा तो तीन का अतिरिक्त वेतन बहुत कम है. दूसरे राज्य की सरकार 45 दिन, 52 दिन देती है तो ये डिजाइन सिर्फ और सिर्फ मीठा टेस्ट करने जैसा हुआ.

पुलिस की बहुत वैकेंसी है, इन्हें भरकर आठ घंटा सुनिश्चित करें. सरकार को पुलिस की समस्या पर, छुट्टी पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है, जिसके कारण जवानों की सुसाइड करने की संख्या बढ़ती ही जा रही है.

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रंजीत महतो

झारखंड के एसटीएफ पुलिस को ना 13 महीने की सेलैरी मिल रही है, ना ही 50 फीसदी भत्ता.

दिवाकर उपाध्याय

The order shall not discriminate amongst the police personnel’s, be it a constable or a higher officer. 2. Government of Jharkhand shall ensure that the order of granting 13 month’s salary shall not be conditional. 3. Every police personnel should get entire 13 month’s salary in their respective pay scales.

नीरज यादव

मैं सरकार के फैसले का विरोध करता हूं. हमें ना तो सप्ताहिक अवकाश मिलता है और ना ही त्योहार पर छुट्टी. इन सबके के बदले 20 दिन का CPL मिलता है और वो भी काटकर एक महीना का वेतन दिया जा रहा है.

हमें नहीं चाहिये 13 महीने का वेतन. सरकार चाहे तो एक महीने का वेतन हमसे ही लेकर हमारी छुट्टियां बढ़ा दें और समय पर छुट्टी दिलवाना सुनिश्चित करें.

उत्पल सिंह

छुट्टी के लिए जवान सुसाइड कर लेते हैं, कोई भला 18 दिन में कैसे 365 दिन काम करेगा.

अमर कुमार

सरकार ने पिछले 3 साल से 13 महीने का वेतन देने का घोषणा की थी, जो आज 13 महीना का वेतन देने का फैसला लिया गया. परंतु उसमें पुलिसकर्मियों का 20 दिन का सीपीएल काट लेने का बात कही गयी है जो पुलिसकर्मियों के साथ छल है. इस बात के लिए सारे पुलिसकर्मी विरोध में खड़े हैं.

अभिजीत कुमार

हमें ऐसा 13 महीने का वेतन नहीं चाहिये. हम सभी पुलिस कर्मियों की सीपीएल छुट्टी सरकार लौटा दे.

अशोक सिंह

बिहार पुलिस की तरह भत्ता,छुट्टी और वेतन झारखंड पुलिसकर्मियों को मिलना चाहिए.

मंगल हांसदा

हमें संतोष नहीं है सरकार इसे वापस ले. छुट्टी काट कर 13 माह का वेतन देना उचित नहीं है. इस तरह से दिये जा रहे 13 माह के वेतन का मैं बहिष्कार करता हूं.

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दीपक पुंज

सरकार 13 माह का वेतन के नाम पर पुलिसकर्मी को कुछ नहीं दे रही है. क्योंकि उन्हें अच्छे से पता है कि बहुत कम पुलिसकर्मी ही अपने परिवार के साथ अपने पोस्टिंग स्थल पर रहते हैं और वो भी तब जब उनकी पोस्टिंग शहर में हो. अधिकांश पुलिसकर्मी की ड्यूटी इस प्रकार की होती है कि वे अपने परिवार को अपने साथ चाह कर भी नहीं रख सकते हैं.

वैसे पुलिसकर्मी का 20 दिन का CPL अवकाश काट लेना और 7 दिन से ज्यादा EL अवकाश लेने पर काट कर 13 माह का वेतन देने की शर्त से सरकार की मंशा साफ है. 365 दिन के एक साल में सिर्फ 16 दिन के अवकाश से किसी का काम नहीं चलेगा, ये सरकार अच्छे से जानती है.

जिस कारण सरकार को अधिकांश कर्मियों को 13 माह का वेतन नहीं देना पड़ेगा. ये सरकार की कूटनीति को दर्शाता है. पर सरकार को अपने कर्मठ कर्मचारी जो निरंतर विषम परिस्थितियों में भी डयूटी करते रहते हैं, उनके साथ कूटनीति नही करना चाहिये थी.

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विश्वजीत

नमस्कार, एक माह के अतिरिक्त वेतन की मांग हमलोग पुलिस कर्मी जो राजपत्रित अवकाश में कर्तव्य निर्वाहन करते थे उसके बदले है. भारत सरकार के किसी भी प्रतिष्ठान (रेलवे, सीसीएल, बीसीसीएल इत्यादि) में जो कर्मचारी राजपत्रित अवकाश में कर्तव्य निर्वाहन करते हैं, तो उनको उसके बदले विशेष भत्ता मिलता है. उसी को अगर पुलिस कर्मी ने मांगा तो इतनी आफत क्यों है रघुवर दास को.

लालू कुमार

हम लोग का सीपीएल बंद और जगुआर का 50% भी बंद तो हमलोगों की स्थिति कैदियों के समान होगी.

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दिवाकर कुमार

हमारी रघुवर सरकार ने हम पुलिसकर्मी को 13 महीना वेतन देने के बदले में हमारी छुटटी को छीन लिया. इस विभाग में पहले से ही छुट्टी की बहुत दिक्कत है और इस समस्या को और खराब कर दिया गया.

क्या पुलिसकर्मियों के परिवार नहीं हैं. ऐसे में हम सभी पुलिसकर्मियों की मुसीबतें और बढ़ गयी है, जिसे सहन करना नामुमकिन है. हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए जो अपने ही कर्मियों को आग में झोंक देती हो.

बिट्टु कुमार

सरकार ने पुलिस के साथ धोखा किया है. 13 महीने की सेलैरी के बदले हमारी छुट्टियों को कम किया जा रहा है. छुट्टी की कमी के कारण पहले ही पुलिस वाले जान दे रहे हैं. ऐसा लग रहा है मानो पुलिस की नौकरी कर के गलती कर दी हो, ना कोई सुविधा ना ही कुछ. हमारी भी फैमिली होती है, कोई ये बात सरकार को बताये.

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