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प्रणब मुखर्जी ने कहा,  पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पाना संभव

प्रणब मुखर्जी एसोसिएशन ऑफ कॉर्पोरेट अडवाईजर्स ऐंड एग्जिक्युटिव्स (एसीएई) के आयोजित सत्र में बोल रहे थे.

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Kolkata : 2024- 25 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन के माध्यम से हासिल किया जा सकता है. यह बात पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कही.  प्रणब  मुखर्जी ने कहा कि जीएसटी में ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है और पिछले वर्ष से अर्थव्यवस्था में मंदी के कुछ संकेत नजर आने लगे थे जिससे जीडीपी वृद्धि दर कम हो गयी.  जान लें कि प्रणब मुखर्जी एसोसिएशन ऑफ कॉर्पोरेट अडवाईजर्स ऐंड एग्जिक्युटिव्स (एसीएई) के आयोजित सत्र में बोल रहे थे.  मुखर्जी  के अनुसार अगर वित्त व्यवस्था का सही तरीके से और दूरदृष्टि के साथ प्रबंधन किया जाये,  तो पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

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निवेश के बिना अर्थव्यवस्था में वृद्धि नहीं होगी

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पूर्व राष्ट्रपति  ने कहा कि निवेश के बिना अर्थव्यवस्था में वृद्धि नहीं होगी.  प्रणब मुखर्जी  ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में   कहा कि जीएसटी लागू होने से कई कर खत्म हो गये, लेकिन इसमें सरकार की तरफ से अधिक स्पष्टता होनी चाहिए ताकि अनुपालन बेहतर हो सके. उन्होंने  बढ़ रही कॉरपोरेट धोखाधड़ी पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के घोटाले काफी बढ़ गये हैं. कहा कि  सबसे पहले बजट में 5 ट्रिल्यन इकॉनमी की बात हुई थी.

इसके बाद पीएम मोदी ने भी वाराणसी में अपने भाषण के दौरान 5 ट्रिल्यन इकॉनमी की बात कही थी.  उन्होंने भरोसा जताया था कि भारत की इकॉनमी को 5 ट्रिल्यन डॉलर तक पहुंचाना संभव है. बता दें कि अगर भारत यह लक्ष्य हासिल कर लेता है तो वह जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा.

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