न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#PresidentRule : महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा, रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

260

New Delhi: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी.उस सिफारिश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर ली है.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तमाम उठापटक, दांव-पेंच के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी.उसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी.

JMM

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी. गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को राज्य में चुनाव हुए थे, और 24 को नतीजे आये.

लेकिन उसके बाद सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना आपस में तालमेल नहीं बिठा पायी. और दोनों पार्टियों के सरकार बनाने के चांस खत्म होने के बाद राज्यपाल ने एनसीपी को मौका दिया था. मंगलवार रात साढ़े 8 बजे तक सरकार बनाने का समय है.

इसे भी पढ़ें – #EconomicSlowdown: एसबीआइ ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा- आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने की आशंका

राज्यपाल ने की थी राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

Related Posts

#Gujarat : पर्यटकों के मामले में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से आगे निकली स्टेच्यू ऑफ यूनिटी

अनावरण के सालभर बाद ही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को रोजाना देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी  के पर्यटकों से ज्यादा हो गयी है.

बताया जा रहा है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यरी ने एनसीपी को मंगलवार शाम साढ़े आठ बजे तक सरकार बनाने को लेकर वक्त दिया था. लेकिन एनसीपी की ओर से राज्यपाल को सुबह साढ़े 11 बजे चिट्ठी लिखी गयी थी.

जिसमें सरकार बनाने के लिए तीन दिन के और वक्त की मांग की गयी थी. लेकिन राज्यपाल ने और वक्त देने से इनकार कर दिया है.

और तमाम हालात को देखते हुए राज्यपाल ने राष्ट्रपति से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. संविधान के मुंताबिक राज्य में सरकार बनाने के आसार नहीं दिखने की बात करते हुए राजभवन की ओर से महाराष्ट्र में धारा 356 लागू करने की सिफारिश की है.

इसे भी पढ़ें – अभी सीटों पर रायशुमारी हो ही रही थी कि बीजेपी ने जारी कर दी लिस्ट, इसलिए हमने भी कर दी जारी: सुदेश महतो

सुप्रीम कोर्ट की शरण में शिवसेना

इधर पूरे मामले को लेकर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. राष्ट्रपति शासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. शिवसेना ने इस बात पर ऐतराज जताया है कि बीजेपी को सरकार गठन की कोशिशों के लिए 48 घंटे मिले, लेकिन उन्हें महज 24 घंटे. शिवसेना का कहना है कि एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन लेने के लिए ही राज्यपाल से तीन दिन का वक्त मांगा था. लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like