न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सराब’ वाली टिप्पणी पर असली शराब की याद आ गई

208

Surendra Kishore

नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवार इन दिनों शपथ पत्र के साथ

अपने बारे में तीन महत्वपूर्ण सूचनाएं देते हैं–

Trade Friends

1.-उनकी शैक्षणिक योग्यता कितनी है ?

2.-उनके खिलाफ कितने केस चल रहे हैं ?

3.-उनके पास कितनी संपत्ति है ? 

मेरी राय है कि उन्हें अब एक और सूचना भी देनी चाहिए- वे शराब पीते हैं या नहीं ?

जाहिर है कि शपथ पत्र के साथ कोई सूचना देंगे और वह गलत हो जाएगी तो सजा मिलेगी.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में बुझता लालटेन, राजद के गिरिनाथ सिंह ने भी थामा बीजेपी का हाथ, कहा : चतरा के लिए इंटरस्टेड…

लगे हाथ एक कथा गांधी युग की. उन दिनों कांग्रेस पार्टी का मुख्यालय प्रयाग में था. महात्मा गांधी के बाद पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में से दो नेताओं के यात्रा–विपत्र बारी-बारी से कांग्रेस कोषाध्यक्ष के समक्ष पेश किए गए.

दोनों शीर्ष नेता शराब भी पीते थे. उनमें से एक नेता ने अपने बिल में शराब पर खर्च का विवरण लिख दिया था. उनका बिल पास नहीं हुआ.

वे कोषाध्यक्ष से बोले,‘मेरा बिल पास क्यों नहीं हुआ?’

SGJ Jewellers

कोषाध्यक्ष ने कहा कि ‘कांग्रेस में नशाबंदी है और तुमने शराब का खर्च बिल में शामिल कर दिया है. यह कैसे पास होगा?’

दूसरे शीर्ष नेता का नाम लेते हुए शिकायत के लहजे में पहले नेता ने कहा ‘वह भी शराब पीता है ! उसका बिल आप कैसे पास कर देते हैं ?’

जवाब मिला, ‘ वह बिल में शराब के बदले फल का रस वगैरह लिख देता है.’

पहले नेता ने कहा कि ‘ठीक है. मेरा शराब वाला आइटम काट दीजिए. पर, मैं झूठ नहीं लिखूंगा.’

kanak_mandir

क्या यह संयोग था कि सच बोलने वाले सत्ता से बाहर रहे और झूठ लिखने वाले नेता जी को आजादी के बाद सत्ता मिली?

इसे भी पढ़ें – महागठबंधन में जगह नहीं मिलने के बाद सीपीआई की चुनावी रणनीतिः हजारीबाग, चतरा व दुमका से देगी…

(सुरेंद्र किशोर के फेसबुक वॉल से : सुरेंद्र किशोर वरिष्ठ पत्रकार हैं. ये उनके निजी विचार हैं.)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like