न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रांची : निजी स्कूलों ने RTE के तहत एडमिशन में बरती कोताही, 938 सीट में 150 का आंकड़ा भी पार नहीं

182

फैक्ट फाइल

-1682 बच्चों ने दिए थे एडमिशन के लिए आवेदन

-938 सीट हैं आरटीई के तहत

Jmm 2

-150 से भी कम बच्चों का हुआ है एडमिशन

-66 स्कूलों में  मात्र 15 स्कूलों ने किया है एडमिशन

– पिछले साल तक के लिए एक करोड़ 37 लाख का हुआ है भुगतान

Bharat Electronics 10 Dec 2019

Ranchi :  जिला प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी शहर के निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीइ) 2009 के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन के प्रति रुचि नहीं ले रहे हैं. आलम यह है कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुके हैं, पर अब तक जितना एडमिशन होना चाहिए उतना नहीं हो पाया है. शहर के बड़े स्कूलों में शामिल डीपीएस व जेवीएम ने तो तय किये गये कुल सीटों में से आधे से कम एडमिशन लिया है.

डीपीएस में 37 सीट आरटीइ के तहत तय है, जिसमें से मात्र 10 सीट पर ही नामांकन हुआ है. जेवीएम में 60 सीट तय है, जिसमें मात्र 18 सीटों पर ही एडमिशन लिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 66 स्कूलों में से 15 स्कूलों ने ही एडमिशन लिया है. शहर के 66 स्कूलों में कुल 938 सीट आरटीई के तहत तय है, जिसमें अब तक एडमिशन का आंकड़ा 150 से भी कम है.

इसे भी पढ़ें – 90 लाख में बनी इस बिल्डिंग में चलता है जुआरियों-शराबियों का अड्डा

सात साल में 50 फीसदी भी आंकड़ा नहीं किया पार

आरटीई के तहत एडमिशन के आंकड़ों पर गौर करें तो 2012 से 2019 तक निजी स्कूलों में यह आंकड़ा 50 फीसदी को पार नहीं किया है. केवल 2017-18 में आरटीई के तहत एडमिशन की स्थिति अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ी सुधार जरूर थी. इसके बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से रांची जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए एक करोड़ 37 लाख 68 हजार 419 रुपए का भुगतान किया गया है.

66 स्कूलों में आये 1682 आवेदन

आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन की गयी है. आवेदन भी ऑनलाइन ही करना है. इसके तहत इस बार रांची के 66 स्कूलों के लिए 1682 आवेदन आये थे. इनमें 938 सीटों पर स्कूलों को एडमिशन करना था, लेकिन जून माह के अंत तक एडमिशन का आंकड़ा 150 को भी पार नहीं किया है.

डीपीएस व जेवीएम श्यामली का आंकड़ा सबसे खराब

एडमिशन लेने के मामले में सबसे खराब स्थिति जेवीएम श्यामली और डीपीएस स्कूल की है. डीपीएस में आरटीई के तहत प्राइमरी स्तर पर 37 सीटें हैं. 139 बच्चों ने यहां एडमिशन के लिए आवेदन दिया, लेकिन यहां मात्र 10 बच्चों का एडमिशन हुआ है. इसी तरह जेवीएम श्यामली में 60 सीटों पर मात्र 18 बच्चों का एडमिशन हुआ है, जबकि यहां 115 आवेदन आये थे. केरली स्कूल में एडमिशन के लिए 148 आवेदन आये थे, पर एडमिशन का ब्योरा जिला शिक्षा कार्यालय में नहीं है.

इसे भी पढ़ें – रांची में जमीन लूट पर नकेल कसने के लिये डीसी ने जारी किये चार निर्देश

क्या है आरटीई

शिक्षा का अधिकार अधिनियम केंद्र सरकार की ओर से 2009 में पारित किया गया था. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्राथमिक कक्षा स्तर पर 25 फीसदी सीट आरक्षित किए गए थे. स्कूलों को हर हाल में इन आरक्षित सीटों पर बच्चों का एडमिशन लेना है. इन बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है.

स्कूल का नाम          नामांकन        कुलसीट

 

दिल्ली पब्लिक स्कूल1037
जेवीएम श्यामली1860
विवेकानंद विद्या मंदिर1008
टेंडर हार्ड1720
डीएवी सेक्टर-30810
डीएवी हेहल1040
डीएवी कपिलदेव1030
ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल0908
लाल लाजपत राय0610
गुरुनानक पब्लिक स्कूल1212
संत माइकल0610
कैंब्रियन कांटीटांड़0310
शारदा ग्लोबल0310
निर्मला कॉन्वेंट 2520

 

इसे भी पढ़ें – NewsWing की खबर पर हुई जांच, DK पांडेय की पत्नी की जमीन की रजिस्ट्री गलत, रद्द होगी जमाबंदी

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like