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निगम पर्षद का प्रस्ताव, चार पहिया से 20 और दो पहिया वाहनों से 5 रुपये पार्किंग शुल्क वसूले निगम

   मार्ग तकनीकी समिति एवं ट्रैफिक कोर्डिनेशन कमिटी के नये प्रस्ताव खारिज, विभाग के भेजे प्रस्ताव पर बनी सहमति

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Ranchi : महात्मा गांधी रोड (मेन रोड) में नयी पार्किंग शुल्क दर लेने के निर्णय पर रांची नगर निगम बोर्ड पर्षद की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जतायी है. निगम सभागार में गुरुवार को को मेयर आशा लकड़ा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया है कि मार्ग तकनीकी समिति एवं ट्रैफिक कोर्डिनेशन कमिटी ने 4 पहिया वाहनों के लिए 30 रुपये प्रति 3 घंटे तथा 2 पहिया वाहनों के लिए 10 रुपये प्रति घंटे की जो दर तय की है, उस पर पार्षद सहमत नहीं है.

वहीं डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा है कि ट्रैफिक कोर्डिनेशन कमिटी पर्षद से ऊपर नहीं है. करीब 8 माह पहले क्रमशः 20 रुपये और 5 रुपये पार्किंग शुल्क लेने के लिए एक प्रस्ताव विभाग को भेजा गया था. आज की  बैठक में इसी शुल्क को लेने पर विचार हुआ है. उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में नगर आयुक्त को जल्द ही बैठक कर इसपर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है. बैठक में डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त, टाउन प्लानर, अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

30 और 10 रुपये लेने पर बनी थी सहमति

बता दें कि अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई मार्ग तकनीकी समिति एवं ट्रैफिक कोर्डिनेशन कमिटी की गत सोमवार को हुई बैठक में महात्मा गांधी मार्ग पर पार्किंग व्यवस्था में  आंशिक संशोधन किया गया था. निर्णय के तहत 4 पहिया वाहनों के लिए 40 रुपये प्रति घंटे के स्थान पर 30 रुपये प्रति 3 घंटे तथा 2 पहिया वाहनों के लिए 10 रुपये प्रति घंटे के स्थान पर 10 रुपये प्रति 3 घंटे की दर से पार्किंग शुल्क लेने की बात कही गयी थी. इससे पहले यहां पर पार्किंग शुल्क तय करने को लेकर विभाग द्वारा एक प्रस्ताव भी भेजा गया था, जिसमें 3 घंटे के लिए क्रमशः 20 रुपये और 5 रुपये लेने की बात की गयी थी.

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अटल मोहल्ला क्लिनिक, तालाबों के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर बनी सहमति

बैठक में पार्किंग शुल्क के अलावा अटल मोहल्ला क्लिनिक, तालाबों के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर भी निर्णय हुआ. मेयर ने बताया कि इसमें राजधानी के 6 अन्य स्थानों पर अटल मोहल्ला क्लिनिक खोलने, एक सकर मशीन खरीदने, हुंडरू सहित चार तालाबों का सौंदर्यीकरण प्रमुखता से शामिल है. हालांकि गुरुवार की बैठक में करीब 38 पार्षदों ने जमकर हंगामा कर बैठक का बहिष्कार भी किया. हालांकि 13 पार्षदों के बैठक में उपस्थित रहने पर बोर्ड ने कोरम पूरा कर उपरोक्त प्रस्तावों पर सहमति बनायी.

डेढ़ घंटे देर से शुरू हुई बैठक, 38 पार्षदों ने किया बहिष्कार

बता दें कि बैठक शुरू करने का समय 11 बजे निर्धारित था. लेकिन मेयर, डिप्टी मेयर के करीब डेढ़ घंटे देर से बोर्ड बैठक में आने पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. अधिकतर पार्षद बैठक का बहिष्कार करते हुए सभागार से बाहर निकल गये. हालांकि डिप्टी मेयर ने अपने स्तर पर नाराज पार्षदों को मानने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं माने. करीब 1.30 बजे पार्षद दोबारा सभाकक्ष के बाहर पहुंचे और जोरदार हंगामा करने लगे. बैठक में शामिल पार्षदों को जबरन बाहर निकलने का दबाव डाला. इसके बाद आनन-फानन में बैठक समाप्त हुई.

पार्षदों ने कहा, आपके समय की वेल्यू है तो दूसरे की क्यों नहीं

मेयर-डिप्टी मेयर के करीब 12.30 बजे बैठक में पहुंचने पर अरुण झा (वार्ड 26), अर्जुन यादव (वार्ड 10) , सुनील यादव (वार्ड 20), विनोद कुमार सिंह (वार्ड 34) सहित अन्य पार्षद हंगामा करने लगे. पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि जब मेयर-डिप्टी मेयर व्यस्त थे तो आज बैठक नहीं रखनी चाहिए थी. आपके समय की वैल्यू है तो दूसरे के समय कीभी वैल्यू है. ऐसे तानाशाही नहीं चलेगी. मेयर ने इस पूरे मामले पर कहा कि पार्षदों को सोचना है कि सरकारी काम के कारण जनप्रतिनिधि व्यस्त थे. कई बार पार्षद भी बैठक में सही समय पर नहीं आये हैं. जब नाराज पार्षद नहीं माने तो झारखंड नगर पालिका अधिनियम के तहत कुल 11 पार्षद से अधिक कुल 13 पार्षदों (53 पार्षदों का कुल 10 प्रतिशत) की उपस्थिति में बोर्ड बैठक पूरी हुई.

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