न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राफेल मामला: AG बोले- दस्तावेज हुए चोरी, SC ने कहा- बतायें क्या हुई कार्रवाई

राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका खारिज

290

New Delhi: सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि राफेल विमान सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी किये गये हैं और याचिकाकर्ता इन दस्तावेज के आधार पर विमानों की खरीद के खिलाफ याचिकायें रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार चाहते हैं. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने अपने दिसंबर, 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा अधिवक्ता प्रशांत भूषण की याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की. पुनर्विचार याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत में जब राफेल सौदे के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया तो केन्द्र ने महत्वपूर्ण तथ्यों को उससे छुपाया था.

Trade Friends

इसे भी पढ़ें – राफेल डील : बैंक गारंटी नहीं होना महंगा पड़ा, यूपीए के मुकाबले 19 अरब रुपये महंगी पड़ी डील : रिपोर्ट

F-16 का भी उठा मामला

सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जहां रक्षा मंत्रालय से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें चोरी होने की बात उठी, वहीं F-16 फाइटर जेट का भी जिक्र हुआ. पाकिस्तान द्वारा 27 फरवरी को F-16 विमानों से भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की नाकाम कोशिश का जिक्र करते हुए अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि F-16 से मुकाबले के लिए राफेल जरूरी है. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि F-16 उन्नत किस्म का जहाज है तो क्या हमें उससे बेहतर जहाज नहीं चाहिए. उन्होंने साथ में यह भी कहा कि मिग ने अच्छा काम किया है, जो 1960 का बना है. एजी ने कहा कि मामले में सीबीआइ जांच से राफेल को लेकर डील में डैमेज होगा और देशहित में यह ठीक नहीं है.

इसे भी पढ़ें – रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद : मध्यस्थता को लेकर SC ने फैसला सुरक्षित रखा  

फैसले पर संजय सिंह के बयान अपमानजनक, कार्रवाई करेंगे: SC

भोजनाकवाश के बाद दोपहर 2 बजे जब सुनवाई फिर शुरू हुई तो सुप्रीम कोर्ट आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया. इतना ही, बेंच ने AAP सांसद द्वारा कोर्ट पर की गईं अपमानजनक टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया. संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसले के बारे में उनके द्वारा दिए गए बयान बहुत ही अपमानजनक हैं. कोर्ट ने कहा कि वह रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई पूरी होने के बाद अपमानजनक बयानों के लिए संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करेगा लेकिन उससे पहले सिंह को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा.

इसे भी पढ़ें – हरियाणा :  27 साल में आईएएस खेमका का 52वां ट्रांसफर,घोटाले उजागर करते हैं,  नेताओं को नहीं भाते

 चोरी के दस्तावेज के आधार पर लिखे गये लेख

WH MART 1

प्रशांत भूषण ने जब वरिष्ठ पत्रकार एन राम के एक लेख का हवाला दिया तो अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया और कहा कि यह लेख चोरी किये गये दस्तावेज पर आधारित हैं और इस मामले की जांच जारी है. वेणुगोपाल ने कहा कि इस वरिष्ठ पत्रकार का पहला लेख छह फरवरी को ‘द हिन्दू’ में प्रकाशित हुआ और बुधवार के संस्करण में भी एक खबर है जिसका मकसद न्यायालय की कार्यवाही को प्रभावित करना है और यह न्यायालय की अवमानना के समान है.

इसे भी पढ़ें – पाकिस्तानियों को वीजा पांच साल का नहीं,  तीन माह का ही मिलेगा, अमेरिका ने अवधि घटा दी

सरकार ने क्या किया

वेणुगोपाल ने पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करने और ‘द हिन्दू’ में प्रकाशित लेखों के आधार पर प्रशांत भूषण द्वारा बहस करने पर आपत्ति की तो पीठ ने केन्द्र से जानना चाहा कि जब वह आरोप लगा रही है कि ये लेख चोरी की सामग्री पर आधारित हैं तो उसने इसमें क्या किया है? सिन्हा, शौरी और स्वंय अपनी ओर से बहस शुरू करते हुये भूषण ने कहा कि राफेल सौदे के महत्वपूर्ण तथ्यों को उस समय छुपाया गया जब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और इसकी जांच के लिए याचिका दायर की गयी थी. उन्होंने कहा कि अगर इन तथ्यों को न्यायालय से छुपाया नहीं गया होता तो निश्चित ही शीर्ष अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करके जांच कराने के लिए दायर याचिका रद्द नहीं की होती. हालांकि, वेणुगोपाल ने कहा कि भूषण जिन दस्तावेज को अपना आधार बना रहे हैं, उन्हें रक्षा मंत्रालय से चोरी किया गया है और इस मामले में जांच जारी है.

इसे भी पढ़ें –  हमें राष्ट्रवाद पर ज्ञान न दे भाजपा,  मुझे भारतीय होने पर गर्व है : ममता बनर्जी

गोपनीय दस्तावेज थे

इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भूषण को सुनने का मतलब यह नहीं है कि शीर्ष अदालत राफेल सौदे के दस्तावेज को रिकार्ड पर ले रही है. उन्होंने वेणुगोपाल से जानना चाहा कि इस सौदे से संबंधित दस्तावेज चोरी होने के बाद सरकार ने क्या कार्रवाई की. अटार्नी जनरल ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं ने जिन दस्तावेज को अपना आधार बनाया है, उन पर गोपनीय और वर्गीकृत लिखा था और इसलिए यह सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है. वेणुगोपाल ने पुनर्विचार याचिकाओं और गलत बयानी के लिये दायर आवेदन रद्द करने का अनुरोध किया क्योंकि इनका आधार चोरी के दस्तावेज हैं. उन्होंने कहा कि आज के ‘द हिन्दू’ अखबार की राफेल के बारे में खबर शीर्ष अदालत की कार्यवाही को प्रभावित करने जैसा है और यह अपने आप में न्यायालय की अवमानना है.

इसे भी पढ़ें – वायुसेना ने एयरस्ट्राइक से जुडे सबूत सरकार को सौंपे, 80 फीसदी निशाने सही लगे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like