न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अपने कार्यकाल में गृह जिले के विवि में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं कर सके रघुवर दास, एक शिक्षक के भरोसे 400 छात्र

788

Ranchi: दूसरे चरण के चुनाव में 20 विधानसभा में चुनाव होने वाले हैं. इन 20 विधानसभा क्षेत्रों में 17 विधानसभा कोल्हान प्रमंडल में आते हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास का विधानसभा क्षेत्र भी इसी प्रमंडल में आता है.

पांच साल तक शासन में रहने वाले रघुवर दास की पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने अपने क्षेत्र के उच्च शिक्षा में कोई ध्यान नहीं दिया. यही वजह है कि यहां का कोल्हान यूनिवर्सिटी शिक्षकों की कमी से आज भी जूझ रहा है.

JMM

घंटी आधारित शिक्षकों के भरोसे छात्र-छात्राओं के भविष्य को गढ़ा जा रहा है. आंकड़े बताते हैं कि कोल्हान यूनिवर्सिटी में एक शिक्षक पर 185 छात्रों के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी है.

इसे भी पढ़ें- झारखंड में भाजपा का सीएम चेहरा रघुवर दास ही हैं भ्रष्टाचार के आरोपी

2008 के बाद नहीं हुई प्रोफेसर की नियुक्ति

कोल्हान यूनिवर्सिटी के तहत 16 कंसीच्वेंट और 29 एफिलिएट कॉलेज हैं. 45 कॉलेज और 22 पीजी डिपार्टमेंट की इस यूनिवर्सिटी में 80 हजार से अधिक स्टूडेंट्स बेहतर भविष्य की कामना से पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन पढ़ाई कर रहे 80 हजार स्टूडेंट्स को फैकल्टी की भारी कमी है.

इस संबंध में प्रोफेसर संघ फूटाज के प्रवक्ता सुनील कुमार कहते हैं कि वर्ष 2008 के बाद कभी प्रोफेसर की नियुक्ति हुई नहीं. हर साल औसतन 12 से 15 शिक्षक रिटायर कर रहे हैं. सरकार उच्च शिक्षा को लेकर कितना गंभीर है, इसे हम इस आंकड़े से ही समझ सकते हैं.

गौरतलब हो कि कोल्हान विवि की स्थापना 12 अगस्त 2009 को 14 कंसीच्वेंट व 12 एफिलिटेड के साथ हुई थी. इसके बाद कॉलेजों की संख्या तो बढ़ी लेकिन शिक्षक घटते चले गये.

इसे भी पढ़ें- पलामू: सुदूर गांवों में जाने से कतरा रहे भाजपा के बड़े नेता, प्रेस कांफ्रेंस तक सीमित है सक्रियता

घंटी आधारित शिक्षकों के भरोसे कोल्हान विवि

कोल्हान यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन के आंकड़ों के अनुसार नये शैक्षणिक सत्र में स्नातक स्तर पर 24378 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया. वहीं पीजी स्तर पर 13961 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया.

स्नातक स्तर पर नये शैक्षणिक सत्र में 8276 लड़कियों ने नामांकन लिया. वहीं पीजी में 5078 लड़कियों ने नामांकन लिया. वर्तमान में नये शैक्षणिक सत्र में 38339 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया.

वहीं कुल विद्यार्थियों की संख्या 80 हजार के करीब है. इन्हें पढ़ाने के लिए 250 शिक्षक ऐसे हैं, जो प्रति घंटी पैसे लेकर पढ़ा रहे हैं. स्थायी शिक्षकों की संख्या 185 है. यूजीसी के नियमों के मुताबिक 20 छात्रों पर एक शिक्षक होने चाहिए.

जबकि स्थायी शिक्षकों की संख्या के अनुसार एक शिक्षक पर 400 से अधिक विद्यार्थियों का बोझ है. इसमें अगर घंटी आधारित शिक्षकों को भी जोड़ दिया जाये तो प्रति शिक्षक पर लगभग 185 विद्यार्थियों का भविष्य है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like