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कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़े राहुल गांधी! सीनियर नेताओं से कहा,  ढूंढ़ लीजिए कोई ओर

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NewDelhi :  लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में सबकुछ ठीकठाक नहीं है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए से हार के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में कहा गया कि राहुल गांधी हाल ही में अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल से मिले थे.  इस भेंट में कांग्रेस चीफ ने उन दोनों को साफ कर दिया कि वे उनका रीप्लेसमेंट खोज लें, क्योंकि अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर वह अपना मन बदलने नहीं वाले हैं.

शनिवार,25 मई  को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे पार्टी नेताओं ने खारिज कर दिया था. सबकी मांग थी कि वही पार्टी का पुनःगठन करें. खबर है कि राहुल उस बैठक के बाद किसी से भी मुलाकात नहीं कर रहे थे. हाल ही में पार्टी के नये सांसदों ने उनसे मिलने के लिए समय मांगा था, पर राहुल की तरफ से मना कर दिया गया था.

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सोनिया और बहन प्रियंका भी उनके इस निर्णय पर राजी

राहुल से जुड़े करीबी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे का मन बनाने के बावजूद वह फौरन यह पद नहीं छोड़ेंगे. वह पार्टी को थोड़ा समय देंगे, ताकि वह इसके लिए कोई और व्यक्ति ढूंढ ले. जानकारी के अनुसार उनकी मां सोनिया और बहन प्रियंका भी उनके इस निर्णय पर राजी हो गयी हैं. हालांकि, उन्होंने इससे पहले राहुल का मन बदलने का प्रयास किया था, पर वे नाकाम रहीं.

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भाजपा के जाल में नहीं फंसना चाहिए

यह भी कहा जा रहा है कि वह इस पद पर किसी गांधी-नेहरू परिवार के बाहर के व्यक्ति की ताजपोशी चाहते हैं. सीडब्ल्यूसी की बैठक में वह पार्टी के कुछ ऐसे नेताओं पर भी बरसे, जिन्होंने चुनाव में अपने बेटों को उतारा था. हालांकि, राहुल ने उस दौरान किसी का नाम नहीं लिया. बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, दिवंतग माधवराव सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व बीजेपी मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था.

राहुल के इस्तीफे की पेशकश खारिज किये जाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री और सीनियर कांग्रेसी नेता पी.चिदंबरम ने कहा था कि अगर राहुल इस्तीफा लेंगे तो दक्षिण भारत में कुछ समर्थक और कार्यकर्ता बेहद जज्बाती होकर अपनी जान तक ले सकते हैं.  वहीं प्रियंका गांधी ने भी कहा था कि राहुल को भाजपा के जाल में नहीं फंसना चाहिए.  वह तो चाहती ही है कि राहुल यह पद छोड़ दें.

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