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#NIA का भी डर नहीं रहा नक्सलियों को, फरार घोषित होने के बाद भी हैं सक्रिय और वसूल रहे लेवी

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Saurav  Singh

Ranchi : नक्सलियों को अब एनआइए का भी खौफ नहीं रह गया है. राज्य में कई ऐसे नक्सली हैं, जिनको एनआइए की ओर से फरार घोषित किया गया है. फिऱ भी अपने-अपने क्षेत्र में ये नक्सली सक्रिय हैं. और लेवी भी वसूल रहे हैं.

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इन नक्सलियों में पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप, भाकपा माओवादी कमांडर छोटू खेरवार, टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू, आक्रमण गंझू और भिखन गंझू के नाम है. इन सभी के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया है.

इसके बावजूद भी ये नक्सली अपने अपने क्षेत्र में सक्रिय है और लेवी वसूल रहे हैं.

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Bharat Electronics 10 Dec 2019

भाकपा-माओवादी कमांडर लातेहार में है सक्रिय

टेरर फंडिंग के मामले में एनआइए के द्वारा स्थाई तौर पर फरार घोषित भाकपा माओवादी कमांडर छोटू खेरवार दक्षिण लातेहार क्षेत्र में सक्रिय है. और लेवी वसूलने का भी काम कर रहा है.  सूत्रों के अनुसार कमांडर छोटू खेरवार जेल में बंद भाकपा माओवादी के बड़े नक्सली के अदालत में होने वाले खर्च भी दे रहा है.

बता दें 18 अक्टूबर को भाकपा-माओवादी के रिजनल कमांडर छोटू खेरवार उर्फ सुजीत खेरवार उर्फ छोटू उर्फ बिरजू सिंह उर्फ छोटे सिंह उर्फ ब्रिजमोहन सिंह उर्फ बिरजू गंझू उर्फ छोटू दा की पत्नी ललिता देवी को एनआइए ने लातेहार के बालूमाथ से गिरफ्तार कर लिया था.

ललिता देवी टेरर फंडिंग के मामले में फरार चल रही थीं. उस पर लेवी के 12 लाख रुपये को अपने खाते में जमा करने की पुष्टि हुई थी. उसका पति छोटू खेरवार अब भी फरार है.

 पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप वसूल रहा है लेवी

पीएलएफआइ का सुप्रीमो दिनेश गोप पुलिस के लिये लगातार चुनौती बना हुआ है. उसकी एक तस्वीर तक पुलिस के पास नहीं है. बता दें कि टेरर फंडिंग के मामले में एनआइए ने दिनेश गोप को स्थाई तौर पर फरार घोषित किया है.

इसके बावजूद भी दिनेश गोप खूंटी, गुमला और सिमडेगा क्षेत्र में सक्रिय है और लेवी वसूलने का काम कर रहा है. पीएलएफआइ को टेरर फंडिंग करने के मामले में एनआइए ने 22 अक्टूबर को सुप्रीमो दिनेश गोप सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था.

जिनमें विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर कुमार, मोहन कुमार, सुमंत कुमार, नंदलाल स्वर्णकार, चंद्रशेखर सिंह,  अरुण गोप, जितेंद्र कुमार, नवीन भाई पटेल और दिनेश गोप के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था.

बता दें कि इन 11 आरोपियों में 10 लोगों को एनआइए ने गिरफ्तार कर लिया है, सिर्फ दिनेश गोप फरार चल रहा है. इन पर जबरन वसूली के जरिये धन जुटाने के आरोप लगाये गये हैं.

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विस्थापन समिति के नाम पर टीपीसी सुप्रीमो वसूल रहा है लेवी

एनआइए ने टीपीसी के कमांडर ब्रजेश गंझू, आक्रमण गंझू और भिखन गंझू को स्थाई तौर पर फरार घोषित किया है. और इनके खिलाफ आरोपपत्र भी दायर कर चुका है. इसके बावजूद यह सभी चतरा जिले में सक्रिय हैं और लेवी वसूलने का काम कर रहे हैं.

बता दें कि इन उग्रवादियों के द्वारा विस्थापन समिति और कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन के नाम पर पिपरवार थाना क्षेत्र स्थित अशोका, पिपरवार एवं पुरनाडीह कोल परियोजना में वसूली का खेल चल रहा है.

टीपीसी के कमांडर ब्रजेश गंझू, आक्रमण गंझू और भिखन गंझू जैसे उग्रवादियों के संरक्षण में पिपरवार थाना क्षेत्र स्थित अशोका, पिपरवार एवं पुरनाडीह कोल परियोजना में विस्थापित ग्रामीण संचालन समिति का गठन किया गया है.

इसके नाम पर कोल व्यवसायी,  डीओ होल्डर व ट्रांसपोर्टर से 160 रुपये प्रति टन और कोयला लिफ्टर से 200 से 300 रुपया प्रति ट्रक की वसूली की जा रही है.

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