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#RBI रिपोर्ट : 2008 के वित्तीय संकट के बाद सितंबर तिमाही में सबसे खराब कारोबारी माहौल

RBI के सर्वे के अनुसार हाल ही में समाप्त सितंबर तिमाही में व्यावसायिक माहौल साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे ज्यादा खराब था.

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NewDelhi : RBI के सर्वे के अनुसार हाल ही में समाप्त सितंबर तिमाही में व्यावसायिक माहौल साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे ज्यादा खराब था. सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की ऑर्डर बुकिंग में 23 फीसदी की कमी आयी.  यह 2008 के वित्तीय संकट के बाद से सबसे ज्यादा गिरावट है. इसी तिमाही में आर्थिक विकास पांच फीसदी पर पहुंच गया,  जो पिछले छह सालों में सबसे निचला स्तर है.  इसी कारण  RBI ने चालू वित्त वर्ष की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटा कर 6.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि आरबीआई का पिछला अनुमान 6.9 प्रतिशत था.

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अर्थव्यवस्था में दिख रही गिरावट वैश्विक आर्थिक नरमी से प्रभावित है

इसी तिमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 73.6 फीसदी पर आ गयी जो पिछली तिमाही में 76.1 फीसदी थी.  इंडस्ट्रियल आउटलुक के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में उत्पादन में मंदी और रोजगार में मंदी थी.  हालांकि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आर्थिक नरमी को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से वृद्धि कर रही बड़ी अर्थव्यवस्था है और वृद्धि में इस समय दिख रही गिरावट वैश्विक आर्थिक नरमी से प्रभावित है.

उन्होंने भाजपा  कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था पर बाहरी प्रभावों के असर से निपटने के लिए काम कर रही है.

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142 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा सऊदी अरब की जीडीपी से ढाई गुना ज्यादा है. सऊदी अरब की जीडीपी 779.29 अरब डॉलर है.

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Bharat Electronics 10 Dec 2019

कई कंपनियां चीन से निकलना चाह रही हैं

जावड़ेकर ने कहा कि रिजर्व बैंक ने रेपो दर में लगातार पांचवीं बार कटौती की है.  इससे बैंकों का ऋण सस्ता होगा.  यह व्यापार और उद्योग जगत को फायदा पहुंचायेगा. उन्होंने कहा कि यह 24 घंटे काम करने वाली सरकार है. सरकार ने पिछले चार महीनों में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 110 फैसले लिये.  जावड़ेकर ने कहा कि इस समय निवेश सबसे प्रमुख है.  जावड़ेकर ने कहा, चीन अभी आर्थिक नरमी से गुजर रहा है.

कई कंपनियां चीन से निकलना चाह रही हैं. हमें अभी निवेश की जरूरत है और कई कंपनियां यहां आ रही हैं. मोदी सरकार ने निवेश आर्किषत करने के लिए रुकावटों को दूर करने के निर्णय लिए हैं. जावड़ेकर ने संपर्क बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए तेजस एक्सप्रेस का जिक्र किया.  इस ट्रेन का परिचालन शुक्रवार को लखनऊ से शुरू किया गयाहै. जावड़ेकर ने  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस के समय ऐसे पूंजीपतियों को कर्ज दिया गया जो देश छोड़कर भाग गये अब उन्हें पकड़ा जा रहा है और जेल में डाला जा रहा है.

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