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4जी फाइबर नेटवर्क के लिए रिलायंस जियो निगम को देगी 26 लाख रुपये

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  • प्रत्येक पोल के लिए 2000 रुपये देगी कंपनी
  • वेंडर मार्केट मेटनेंस टेंडर की जांच रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपने का नगर आयुक्त को निर्देश
  • पर्व त्यौहार को देखते हुए सभी वार्डों में 10 अतिरिक्त महिला सफाई कर्मियों को लगाने का निर्देश

Ranchi : अटल वेंडर मार्केट के मेंटेनेंस के टेंडर के काम में लाखों की कथित हेराफेरी सहित राजधानी में रिलायंस जियो का मामला रांची नगर निगम बोर्ड परिषद में उठा.

निगम क्षेत्र में जियो के 4जी फाइबर नेटवर्क के लिए 1300 पोल लगाने के लिए सभी पार्षदों ने प्रत्येक पोल के लिए 3000 रुपये लेने की मांग की. इस पर परिषद ने सहमति नहीं जतायी. हालांकि बाद में निर्णय हुआ कि प्रत्येक वार्ड में लगनेवाले जियो के पोल से 2000 रुपये प्रति पोल लिया जायेगा.

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यानी कुल मिला कर रिलायंस अपने 4जी नेटवर्क के फाइबर के लिए निगम को 26 लाख रुपये का भुगतान करेगी. वही वेंडर मार्केट मेटनेंस के काम के टेंडर पर पार्षदों ने मेयर आशा लकड़ा से जांच की मांग की. पार्षदों के लगातार टेंडर की जांच मांग पर मेयर आशा लकड़ा ने नगर आयुक्त मनोज कुमार को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों में वे पार्षदों को संतोषप्रद जवाब दें.

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पार्षदों का आरोप, “महज दिखावा का रह जायेगी जांच रिपोर्ट”

मेयर के निर्देश पर पार्षदों ने हंगामा करते हुए कहा कि अगले 15 दिनों में राज्य में आचार संहिता लगने से जांच रिपोर्ट महज दिखावा रह जायेगी. लेकिन मेयर ने पार्षदों की मांग को दरकिनार कर कहा कि जब पार्षद इतने दिन से जांच की मांग कर रहे हैं. तो निगम को भी 15 दिन का समय मिलना चाहिए.

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इस पर परिषद में उपस्थित कई पार्षदों ने नाराजगी भी जतायी. हालांकि मेयर ने नगर आयुक्त को कहा कि इसके लिए एक टीम बना कर जांच कर बतायें कि आखिर वेंडर मार्केट के मेंटनेंस के काम में लाखों रुपये क्यों खर्च हो रहे हैं. बोर्ड परिषद की बैठक में दीपावली, छठ पूजा के पहले शहर की साफ-सफाई पर विशेष चर्चा हुई.

भ्रष्टाचार बता कर मुख्यमंत्री को सौंपा गया था ज्ञापन

बता दें कि अटल वेंडर मार्केट के मेंटेनेंस कार्य में लाखों की कथित हेराफेरी का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है. कई पार्षदों ने सीएम को ज्ञापन सौंप कर कहा था कि निगम के सभी विभागों में भ्रष्टाचार का खेल चरम पर है.

ज्ञापन में कहा गया था कि जिस तरह से वेंडर मार्केट में ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का टेंडर सिंघल इंटरप्राइजेज नामक कंपनी को 12.30 लाख रुपये में दिया है, वह बताता है कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है.

जब ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का काम केवल 2 से 3 लाख में ही हो सकता है, तो इतनी बड़ी राशि आखिर क्यों खर्च हो रही है.

नेताओं के होर्डिंग-विज्ञापन लगाने के लिए लेनी होगी अनुमति

बैठक में राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा राजधानी में लगातार होर्डिंग-विज्ञापन लगा कर चुनावी प्रचार करने का भी विरोध हुआ. पार्षदों ने कहा कि पार्टियां होर्डिंग-विज्ञापन लगा कर भूल जाती हैं, जिससे राजधानी की सुंदरता खराब होती है. इस पर निर्णय हुआ कि अब किसी तरह के होर्डिंग-विज्ञापन के लिए निगम से परमिशन लेना होगा.

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10 जोन में एक-एक जेसीबी से सफाई करने का निर्देश

बोर्ड बैठक के बाद प्रेस वार्ता में मेयर ने बताया कि दीपावली, काली पूजा सहित छठ पूजा को देखते हुए राजधानी में सफाई के काम पर प्रमुखता से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि घरों की सफाई में कचरा निकल कर शहरों को गंदा कर रहा है. जिसे देखते हुए निगम के सभी मिनी ट्रांसफर स्टेशनों (एमटीएस) में 25 अतिरिक्त हाईवा गाड़ी लगाने का निर्देश दिया.

निगम के सभी 10 जोन में एक-एक जेसीबी से सफाई करने, प्रत्येक वार्ड में झाड़ू लगाने के लिए अतिरिक्त 10 महिलाकर्मियों को लगाने का निर्देश दिया गया है.

मेयर ने कहा कि सफाई कर्मियों को वार्डो में बायोमैट्रिक से अडेटेंस बनाने में काफी परेशानी होती है. सुबह अडेटेंस बनाने के बाद दूसरे बार में वे अडेंटेस नहीं बना पाते हैं. इस पर बायोमेट्रिक से ही दूसरी बार अडेटेंस बनाने की बात का निर्देश दिया गया.

राजधानी की सफाई काम एजेंसी को दिये जाने का विरोध

परिषद की बैठक में पार्षदों ने राजधानी में सफाई कामों फिर से एजेंसी को दिये जाने का भी विरोध किया. पार्षदों का कहना है कि सफाई काम के लिए पिछले दो एजेंसियों का चयन सही नहीं था. एजेसियों से काम कराने पर राजधानी में सफाई व्यवस्था हमेशा विवादित रही है.

ऐसे में सफाई का काम रांची नगर निगम के द्वारा ही किया जाये. इसी तरह रांची नगर निगम के बन रहे नये भवन में बैंक ऑफ इंडिया शाखा को स्थान दिये जाने का भी पार्षदों ने विरोध किया.

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