न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

नोटबंदी के बाद लौटी 15,310.73 अरब की मुद्रा नष्ट : आरटीआई रिपोर्ट

500 और 1,000 रुपये के इन बंद हो चुके नोटों को नष्ट करने में सरकारी खजाने से कितनी रकम खर्च हुई.

33

Indore : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत बताया है कि नोटबंदी के बाद वापस आये कुल 15,310.73 अरब रुपये मूल्य के विमुद्रित बैंक नोटों को नष्ट करने की प्रक्रिया इस वर्ष मार्च के आखिर में खत्म हो चुकी है. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने आरटीआई कानून के एक प्रावधान का हवाला देते हुए यह जाहिर करने में असमर्थता जतायी है कि 500 और 1,000 रुपये के इन बंद हो चुके नोटों को नष्ट करने में सरकारी खजाने से कितनी रकम खर्च हुई.

इसे भी पढ़ें : कश्मीर से भी बदत्तर है मध्यप्रदेश की स्कूली शिक्षा, कानून व्यवस्था भी ठप : आजाद

मुद्रा सत्यापन एवं प्रसंस्करण प्रणाली

Trade Friends

मंगलवार को मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उन्हें आरबीआई के मुद्रा प्रबंध विभाग के 29 अक्टूबर को भेजे पत्र से विमुद्रित बैंक नोटों को नष्ट किये जाने के बारे में जानकारी मिली.

गौड़ की आरटीआई अर्जी पर आरबीआई के एक आला अधिकारी ने जवाब दिया कि मुद्रा सत्यापन एवं प्रसंस्करण प्रणाली (सीवीपीएस) की मशीनों के जरिये 500 एवं 1,000 रुपये के विनिर्दिष्ट बैंक नोटों (एसबीएन) को नष्ट किया गया। यह प्रक्रिया मार्च अंत तक खत्म हुई.

यहां एसबीएन से तात्पर्य 500 एवं 1,000 रुपये के बंद नोटों से है.

इसे भी पढ़ें : यह है आरबीआई से केंद्र सरकार के विवाद की वजह : 3.6 लाख करोड़ कर्ज चाहती थी सरकार, RBI ने किया…

मूल्य के नोट बैंकिंग प्रणाली में लौट आये

आरटीआई के तहत यह भी बताया गया कि आठ नवंबर 2016 को जब नोटबंदी की घोषणा की गयी, तब आरबीआई के सत्यापन और मिलान के मुताबिक 500 और 1,000 रुपये के कुल 15,417.93 अरब रुपये मूल्य के नोट चलन में थे. विमुद्रीकरण के बाद इनमें से 15,310.73 अरब रुपये मूल्य के नोट बैंकिंग प्रणाली में लौट आये.

आरटीआई के जवाब से स्पष्ट है कि नोटबंदी के बाद केवल 107.20 अरब रुपये मूल्य के विमुद्रित नोट बैंकों के पास वापस नहीं आ सके.

इसे भी पढ़ें : केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन, कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव पर प्राथमिकी, भड़काऊ बयानबाजी के आरोप

बैंक नोटों को नष्ट करने में कितनी रकम खर्च

गौड़ ने अपनी आरटीआई अर्जी के जरिये आरबीआई से यह भी जानना चाहा था कि विमुद्रित बैंक नोटों को नष्ट करने में कितनी रकम खर्च की गयी. इस प्रश्न पर आरबीआई की ओर से उन्हें भेजे गये जवाब में कहा गया कि यह सूचना जिस रूप में मांगी गयी है, उस रूप में हमारे पास उपलब्ध नहीं है तथा इसे एकत्र करने में बैंक के संसाधन असंगत रूप से विपथ होंगे. अतः मांगी गई सूचना आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा सात (नौ) के अंतर्गत प्रदान नहीं की जा सकती है.

इसे भी पढ़ें : दिल्ली :  राजधानी में हवा की गुणवत्ता अत्यंत गंभीर, दीवाली के दौरान हालात बिगड़ने की आशंका

उन्होंने बताया कि उनकी अर्जी में यह सवाल भी किया गया था कि विमुद्रीकरण के बाद 500 और 1,000 रुपये के नष्ट किये गये नोटों की कुल संख्या कितनी थी. लेकिन उन्हें इस बारे में आरबीआई से विशिष्ट जानकारी नहीं मिली.

SGJ Jewellers

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like