न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#RIMSBloodBank क्यों नहीं बताता 53 हजार 127 यूनिट ब्लड कितने मरीजों को दिया गया

एक जनवरी 2018 से 31 मई 2019 तक रिम्स में 53 हजार 127 यूनिट ब्लड उपलब्ध रहें. इस दौरान डोनेशन कैंप से 13 हजार 156 यूनिट ब्लड और 40 हजार 115 यूनिट ब्लड रिम्स को अपने स्तर से प्राप्त हुए.

738

Ranchi: राज्य में मरीजों को ब्लड मिलने में कितनी परेशानी होती है ये जग जाहिर है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों और परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई प्रावधान भी है.

लेकिन न ही इन नियमों का पालन किया जाता और न ही ब्ल्ड से संबंधित जानकारी में पारदर्शिता बरती जाती है.

रिम्स राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है. लेकिन यहां भी ब्लड से संबंधित जानकारी मांगें जाने पर रिम्स प्रबंधन ने हाथ खड़े कर लिये. जनवरी 2018 से 31 मई 2019 तक रिम्स के पास 53 हजार 127 यूनिट खून ब्लड बैंक में आये.

इनमें से 13 हजार 156 यूनिट ब्लड डोनेशन कैंप के जरिये रिम्स को मिले. इस अवधि में रिम्स की ओर से कुल 357 कैंप लगाये गये थे.

Trade Friends

वहीं 40 हजार 115 यूनिट ब्लड रिम्स को अपने स्तर से प्राप्त हुए. इस अवधि में रिम्स ने कितने मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया. किन संस्थानों ने ब्लड डोनेशन में मदद की और किन संस्थानों को ब्लड उपलब्ध कराया गया, इसकी जानकारी रिम्स के पास नहीं है.

इसे भी पढ़ेंःवित्त विभाग के पास है सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स की वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव, अनुमति मिलते ही बढ़ेगी सैलेरी

 जानकारी के नाम पर ब्लड बैंक ने बताया सिर्फ यूनिट

रिम्स प्रबंधन से उक्त जानकारी आरटीआइ कार्यकर्ता आरआर मेहता ने मांगी थी. रिम्स उपाधीक्षक के नाम ये आरटीआइ लिखी गयी. उपाधीक्षक की ओर से मिलें जवाब में पूरा विवरण संलग्न करने की बात कहीं गयी. जिसमें कितने यूनिट ब्ल्ड मरीजों समेत अन्य संस्थानों में वितरण किया गया इसकी भी जानकारी मांगी गयी.

जबकि ब्लड बैंक की ओर से पूरी जानकारी नहीं देते हुए सिर्फ डोनेशन कैंप और डोनेटेड ब्लड की जानकारी दी गयी. इस संबध में फिर से उपाधीक्षक को पत्र लिखा गया. लेकिन जवाब नहीं दिया गया.

21 से 42 दिनों में मरीजों को उपलब्ध कराया जाना है ब्लड

रिम्स की ओर से ब्लड बैंक में ब्लड समेत अन्य जानकारियां दी गयी. लेकिन ये नहीं बताया गया कि कितने मरीजों को ये ब्लड उपलब्ध कराया गया. खुद रिम्स की ओर से जानकारी दी गयी कि ब्लड बैंक में 21 से 42 दिनों में मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जाना है.

थेलेसीमिया, सिक्लि सेल एनिमिया, कैंसर, एचआइवी जैसे बीमारियों में ब्लड बैंकों की ओर से बिना किसी रिप्लेसमेंट के ब्लड में उपलब्ध कराया जाता है.

हालांकि सरकारी अस्पतालों में रक्त बिना पैसे लिये दिये जाते है. अस्पतालों में पैसे डोनेट किये ब्लड की जांच और प्यूरिफाई करने के लिये जाते है.

SGJ Jewellers

इसे भी पढ़ेंः#RamMandir : आज से शुरू होगी अयोध्या मामले की अंतिम सुनवाई, शहर में धारा 144 लगायी गयी

मामला पहुंचा सूचना आयोग

रिम्स की ओर से सही जानकारी नहीं दिये जाने पर आरआर मेहता ने 11 जुलाई को सूचना आयोग में इसकी शिकायत की. फिलहाल आयोग की ओर से मामले की सुनवाई के लिये तारीख नहीं दी गयी है. वहीं इस बीच उन्होंने रिम्स में प्रथम अपील भी डाली है.

kanak_mandir
सूचना आयोग से की गयी अपील

मेहता ने बताया कि रिम्स ब्लड बैंक की ओर से इनके पास फोन आया था. जिसमें उनसे पूछा गया कि इतनी गहरी जानकारी क्यों चाहिये. जानकारी लेकर क्या होगा. जिस पर मेहता की ओर से आरटीआइ का हवाला देते हुए उच्च अधिकारियों को उनसे बात करने की दलील दी.

मेहता ने बताया कि रिम्स की ओर कुल ब्लड और शिविरों समेत अन्य जानकारी तो दी गयी. लेकिन कितने यूनिट कितने मरीजों को मिले.  इसे प्रथम अपील में देने के बाद भी नहीं बताया गया. जबकि रिम्स उपाधिक्षक की ओर से सारी जानकारी दे दिये जाने की बात कही गयी.

इसे भी पढ़ेंः#Dumka पुलिस ने एक लाख के इनामी नक्सली को पुणे से किया गिरफ्तार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like