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डिमोट हुए पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार, पांच साल तक रहेंगे असिस्टेंट इंजीनियर

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पांच सालों तक नहीं मिलेगी प्रोन्नति, न ही इंक्रीमेंट

पहली बार झारखंड में किसी अभियंता पर हुई कड़ी कार्रवाई

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प्रधानमंत्री कार्यालय को सीधे भेजा था उत्तर, विभागीय अधिकारियों से नहीं ली थी अनुमति

दो बार पहले भी हो चुके हैं सस्पेंड

Ranchi: झारखंड सरकार ने पहली बार राजपत्रित स्तर के अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. पेयजल और स्वच्छता विभाग के निलंबित कार्यपालक अभियंता संजय कुमार को डिमोट करते हुए सहायक अभियंता बनाया गया है. इन पर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ सीधे पत्राचार करने का आरोप लगा था.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

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इसके अलावा एक पुराने मामले में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में गड़बड़ी करते हुए पत्नी और बेटे के खाते में पैसे मंगाने का आरोप सिद्ध हुआ था. विभागीय सचिव आराधना पटनायक के निर्देश पर इन्हें डिमोट करने का फैसला लिया गया था.

ज्ञात हो कि श्री कुमार राजपत्रित स्तर के पदाधिकारी हैं, इसलिए सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग से इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी. जेपीएससी ने बुधवार को कार्रवाई की संचिका विभाग को लौटा दी.

इसके बाद, इनके डिमोशन और निलंबन मुक्त करने की कार्रवाई संयुक्त सचिव एके अंबष्ठ की तरफ से की गयी. इन्हें मुख्यालय में बतौर सहायक अभियंता योगदान करने का निर्देश दिया गया है. योगदान की तिथि से अगले पांच वर्षों तक इन्हें किसी प्रकार की प्रोन्नति और इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा.

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पूर्व में दो बार हो चुके हैं निलंबित

कार्यपालक अभियंता संजय कुमार दो बार अपनी कारगुजारियों की वजह निलंबित हो चुके हैं. पहली बार रांची पूर्व प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता रहते हुए, इन पर चान्हो में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी करने और अपनी पत्नी के एनजीओ के खाते में पैसे के लेन-देन का मामला पुख्ता हुआ था. उस समय इन्हें निलंबित किया गया था.

दूसरी बार विधायक अरुप चटर्जी की ओर से निरसा जलापूर्ति योजना में संवेदकों से पैसे मांगने के आरोप में इन्हें विधानसभा से ही निलंबित कर दिया गया था.

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